Thursday, August 5, 2021
Homeफ़ैक्ट चेकमीडिया फ़ैक्ट चेकफैक्ट चेक: इटली में कोरोना वायरस किसी पाकिस्तानी नागरिक से फैला या 'हग अ...

फैक्ट चेक: इटली में कोरोना वायरस किसी पाकिस्तानी नागरिक से फैला या ‘हग अ चायनीज’ कैंपेन से, क्या है ‘पेशेंट जीरो’?

चीन के बाद इटली ही इस वायरस से सबसे ज्यादा संक्रमित है जहाँ अबतक 1000 लोगों की मौत इस वायरस के कारण हो चुकी है जबकि पूरे विश्व में इससे मरने वालों की संख्या 4600 है। पिछले 24 घंटों में ही इटली में 200 लोगों की मौत इस वायरस की वजह से हुई है।

इटली में घातक कोरोना वायरस COVID-19 के फैलते जाने के बीच सोशल मीडिया में इस वायरस के फैलने के पीछे पाकिस्तानी प्रवासी को जिम्मेदार ठहराने की खबरें चल पड़ीं हैं। सोशल मीडिया में “पेशेंट जीरो” यानी वो मरीज जिसे किसी बीमारी के फैलने पर सबसे पहले डॉक्टरों द्वारा चिन्हित किया गया, एक ऐसे पाकिस्तानी प्रवासी को बताया गया जिसने कोरोना वायरस से संक्रमण की पुष्टि के बाद भी, खुद को और लोगों से अलग नहीं रखा।

विभिन्न मीडिया संगठन ने रिपोर्ट किया कि इटली में एक अज्ञात पाकिस्तानी व्यक्ति ने कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि के बाद भी लगातार चायनीज फूड की डिलीवरी चालू रखी।

न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी प्रवासी ने खुद को दूसरों से अलग नहीं रखा जबकि उसके कोरोना वायरस से ग्रस्त होने की पुष्टि हो चुकी थी।

हालाँकि अब यह पक्का हो चुका है कि इस तरह की खबरें सिर्फ अफवाह हैं। एसोसिएट प्रेस इटली के अनुसार, इटली को अभी भी “पेशेंट जीरो” की पहचान करनी बाकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता स्टीफेनी ब्रिकमैन ने एसोसिएट प्रेस (एपी) से बात करते हुए इस बात की पुष्टि की कि अभी तक इटालवी प्राधिकरणों ने इस वायरस के लिए “पेशेंट जीरो” की शिनाख्त नहीं की है।

एक दूसरी खबर जो लगातार चर्चा में बनी हुई है, के अनुसार चीनी नागरिकों के खिलाफ पूर्वाग्रह खत्म करने के लिए इटली के फ्लोरेंस शहर के मेयर ने जो ‘हग अ चायनीज’ कैम्पेन चलाया था। पहली नजर में ‘हग अ चायनीज कैम्पेन’ की ये खबर फेक न्यूज़ लगती है क्योंकि ऐसे समय में जब इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए लोगों से शारीरिक सम्पर्कों को कम किए जाने की सलाह दी जा रही, अनजान लोगों को गले लगाने का ऐसा कोई कैम्पेन हास्यास्पद ही दिखता है लेकिन ऐसा है नहीं।

‘हग अ चायनीज ‘ कैम्पेन

इटली के मेयर डेरियो नरदेला ने 1 फरवरी को ट्विटर पर ‘हग अ चायनीज’ कैम्पेन चलाया था।

इसने ऐसा चीनी नागरिकों के खिलाफ “मनोवैज्ञानिक आतंकवाद” से लड़ने के लिए किया था। और यह कोई व्यंग्य नहीं है।

हालाँकि, इस बात के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं है कि इस ‘हग अ चायनीज’ कैम्पेन के कारण ही इटली में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला, क्योंकि सभी चीनी नागरिक इस वायरस से संक्रमित नहीं हैं, जिसके कारण उनसे भेदभाव किया जाए। साथ ही यह भी सही है कि इस तरह के कैम्पेन को कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए फिलहाल टाला जा सकता था। इस तरह का कैम्पेन एक ‘पॉलिटिकल करेक्टनेस’ के सामान्य समझ पर भारी पड़ने का क्लासिक उदाहरण है।

ध्यातव्य है कि चीन के बाद इटली ही इस वायरस से सबसे ज्यादा संक्रमित है जहाँ अबतक 1000 लोगों की मौत इस वायरस के कारण हो चुकी है जबकि पूरे विश्व में इससे मरने वालों की संख्या 4600 है। पिछले 24 घंटों में ही इटली में 200 लोगों की मौत इस वायरस की वजह से हुई है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अगर बायोलॉजिकल पुरुषों को महिला खेलों में खेलने पर कुछ कहा तो ब्लॉक कर देंगे: BBC ने लोगों को दी खुलेआम धमकी

बीबीसी के आर्टिकल के बाद लोग सवाल उठाने लगे हैं कि जब लॉरेल पैदा आदमी के तौर पर हुए और बाद में महिला बने, तो यह बराबरी का मुकाबला कैसे हुआ।

दिल्ली में कमाल: फ्लाईओवर बनने से पहले ही बन गई थी उसपर मजार? विरोध कर रहे लोगों के साथ बदसलूकी, देखें वीडियो

दिल्ली के इस फ्लाईओवर का संचालन 2009 में शुरू हुआ था। लेकिन मजार की देखरेख करने वाला सिकंदर कहता है कि मजार वहाँ 1982 में बनी थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
113,029FollowersFollow
395,000SubscribersSubscribe