Homeफ़ैक्ट चेकफैक्ट चेक: पुराना लेख चला कॉन्ग्रेस प्रवक्ता फैला रहे EVM के बारे में फेक...

फैक्ट चेक: पुराना लेख चला कॉन्ग्रेस प्रवक्ता फैला रहे EVM के बारे में फेक न्यूज़

पर जब हमने देखा तो उन्होंने अभी की ‘गड़बड़’ EVM के विषय में जो लेख शेयर किया है, वह लगभग ठीक सवाल पूछे जाने के समय का है।

कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और झारखण्ड में पार्टी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ट्विटर पर EVM के विषय में फेक न्यूज़ फैलाते पकड़े गए हैं। 3 अप्रैल 2014 को टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपे EVM में खराबी के बारे को एक लेख को उन्होंने ऐसे शेयर किया जैसे वह वर्तमान लोकसभा चुनावों के दौरान अभी हो रही घटना हो।

पकड़े जाने पर गोलमोल जवाब

जब एक आम ट्विटर यूजर ने उन्हें उनके द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम के बारे में पूछा तो उन्होंने उल्टा उसे ही उसकी उपलब्धियों पर सवाल पूछना शुरू कर दिया। साथ ही यह दावा भी किया कि उन्होंने इस समय की ‘गड़बड़’ EVM के बारे में भी ट्वीट किया है।

पर जब हमने देखा तो उन्होंने अभी की ‘गड़बड़’ EVM के विषय में जो लेख शेयर किया है, वह लगभग ठीक सवाल पूछे जाने के समय का है। उनके पहले ट्वीट को पुराना बताया जाना और उनका आज की EVMs के बारे में ट्वीट दोनों ही सुबह 4.59 के हैं, जबकि उनका 2014 के चुनावों की EVM खराबी को चुपचाप आज के चुनाव जैसा दिखाने वाला पहला ट्वीट आधे घंटे पहले का है। उन्होंने ट्विटर यूजर को जवाब भी 5 मिनट बाद 5.04 पर दिया था।

ऐसे में या तो यह फ़िल्मी संयोग है कि एक यूजर ने उनके पहले ट्वीट का झूठ ठीक उसी समय पकड़ा जब उन्होंने दूसरा ट्वीट किया, या फिर दूसरा ट्वीट पहले की सच्चाई पकड़े जाने के बाद किया गया। हमें दूसरी सम्भावना के अधिक आसार लग रहे हैं!

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -