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सिख अब हवाई यात्राओं में नहीं रख सकेंगे कृपाण? सरकार के फैसले के नाम पर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है खबर, जानिए क्या है सच

हवाई जहाज में यात्रा करने वाले सिख यात्रियों को कृपाण ले जाने की छूट और एयरपोर्ट स्टाफ पर प्रतिबंध के इस फैसले का शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने विरोध किया था।

केंद्र सरकार ने सोमवार (14 मार्च) को एयरपोर्ट पर काम करने वाले सिख स्टाफ के लिए कृपाण (सिख पंथ के 5 अभिन्न अंगों में से एक छोटी तलवार) रखने से प्रतिबंध वाले अपने आदेश में संशोधन किया है। अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नए आदेश के मुताबिक सिख स्टाफ कृपाण के साथ एयरपोर्ट पर काम कर सकेंगे। इसी महीने केंद्र सरकार ने सिखों के लिए एयरपोर्ट पर काम करने के दौरान कृपाण रखने पर रोक लगा दी थी।

हवाई जहाज में यात्रा करने वाले सिख यात्रियों को कृपाण ले जाने की छूट और एयरपोर्ट स्टाफ पर प्रतिबंध के इस फैसले का शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने विरोध किया था। साथ ही इस आदेश को वापस लेने की माँग की थी। इस माँग के बाद केंद्र सरकार ने एक नया आदेश जारी करते हुए सिख स्टाफ को कृपाण के साथ काम करने की छूट दे दी है।

आदेश

ANI के एक भ्रामक ट्वीट ने कुछ लोगों के मन में शंका पैदा कर दी थी कि केंद्र सरकार ने सिख यात्रियों को उड़ान के दौरान केबिन में कृपाण ले जाने पर रोक लगा दी है। इसके बाद कई लोग सरकार विरोधी बातें करने लगे थे।

जबकि असलियत ये है कि नियमों में कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। इस ट्वीट ने कई ट्विटर यूजर के मन में भ्रम की स्थिति जरूर पैदा कर दी थी।

अपने पहले ट्वीट से पैदा हो रही भ्रम की स्थिति के कुछ ही घंटों बाद ANI ने सफाई के तौर पर दूसरा ट्वीट किया। उस ट्वीट में कहा गया था कि सरकार ने एयरपोर्ट पर काम करने वाले स्टाफ के लिए अपने फैसले में बदलाव किया है। लेकिन उतनी देर में यह अफवाह तेजी से फ़ैल गई कि सरकार ने जहाज़ों की केबिन में कृपाण को बैन कर दिया है।

अंत में सारांश के तौर पर यह कहा जा सकता है कि घेरलू उड़ानों में कृपाण को ले कर कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। सिख पहले की तरह तय साइज की कृपाण अपने साथ ले जा सकते हैं। एयरपोर्ट पर काम करने वाले सिख स्टाफ के लिए जो प्रतिबंध लगाया भी गया था उसे हटा लिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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