Saturday, October 1, 2022
Homeफ़ैक्ट चेकसोशल मीडिया फ़ैक्ट चेक'आधार कार्ड से हो शराब की बिक्री...न मिले फूड सब्सिडी': रतन टाटा के नाम...

‘आधार कार्ड से हो शराब की बिक्री…न मिले फूड सब्सिडी’: रतन टाटा के नाम पर वायरल संदेश का सच

संदेश में लिखा था, "आधार कार्ड से शराब की बिक्री होनी चाहिए। शराब खरीदने वालों के लिए सरकारी फूड सब्सिडी बंद की जानी चाहिए, क्योंकि जिनके पास शराब खरीदने के लिए पैसे हैं, वे खाना भी जरूर खरीद सकते हैं।"

सोशल मीडिया के दौर में किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर फैलाई जा रही हर खबर हकीकत हो ये जरूरी नहीं होता। हाल में 83 वर्षीय बिजमेसमैन रतन टाटा का नाम इस्तेमाल करके ऐसी ही फेक न्यूज फैलाई गई। एक मैसेज शेयर हुआ जिसमें लिखा था कि शराब खरीददारों को फूड सब्सिडी नहीं दी जानी चाहिए, ऐसा रतना टाटा ने कहा है, जबकि सच्चाई ये थी कि रतन टाटा ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं।

वायरल होते संदेश में लिखा था, “आधार कार्ड से शराब की बिक्री होनी चाहिए। शराब खरीदने वालों के लिए सरकारी फूड सब्सिडी बंद की जानी चाहिए, क्योंकि जिनके पास शराब खरीदने के लिए पैसे हैं, वे खाना भी जरूर खरीद सकते हैं।”

रतन टाटा ने सोशल मीडिया पर बताई वायरल मैसेज की सच्चाई

अब वैसे तो इस फेक पोस्ट में रतन टाटा के नाम की स्पेलिंग (Rathan Tata) भी गलत लिखी थी, जिससे कुछ लोग शायद नोटिस करते कि ये पोस्ट फेक है। मगर, कई लोग ऐसे भी होते हैं जो पोस्ट को सरसरी निगाह से देख कर फॉर्वर्ड कर देते हैं और उसकी प्रमाणिकता जाँचना जरूरी नहीं समझते। शायद यही वजह है कि अपने नाम से फैलाई जा रही फेक न्यूज का भंडाफोड़ स्वयं रतन टाटा ने किया।

उन्होंने पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए उसे फेक न्यूज बताया और लिखा, “मैंने ऐसा कभी नहीं कहा, धन्यवाद।” उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी रतन टाटा ने इसी तरह अपने नाम पर फैलाई जा रही फेक न्यूज का भंडाफोड़ा था। उस समय उन्होंने लोगों से किसी भी मैसेज को आगे फॉर्वर्ड करने से पहले चेक करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था, “अगर मुझे कुछ कहना होगा तो मैं अपने आधिकारिक चैनल पर कहूँगा।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुर्गा पूजा कार्यक्रम में गरबा करता दिखा मुनव्वर फारूकी, सेल्फी लेने के लिए होड़: वीडियो आया सामने, लोगों ने पूछा – हिन्दू धर्म का...

कॉमेडी के नाम पर हिन्दू देवी-देवताओं को गाली देकर शो करने वाला मुनव्वर फारुकी गरबा के कार्यक्रम में देखा गया, जिसके बाद लोग आक्रोशित हैं।

धर्म ही नहीं जमीन भी गँवा रहे हिंदू: कब्जे की भूमि पर चर्च-कब्रिस्तान से लेकर मिशनरी स्कूल तक, पहाड़ों का भी हो रहा धर्मांतरण

जमीनी स्थिति भयावह है। सरकारी से लेकर जनजातीय समाज की जमीनों पर ईसाई मिशनरियों का कब्जा है। अदालती आदेशों के बाद भी जमीन खाली नहीं हो रहे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
225,570FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe