Homeराजनीतिमहाराष्ट्र: भागवत दरबार में सरकार गठन का मामला, पवार आज खोल सकते हैं पत्ता

महाराष्ट्र: भागवत दरबार में सरकार गठन का मामला, पवार आज खोल सकते हैं पत्ता

महाराष्ट्र भाजपा की कोर कमिटी की बैठक बुधवार को सीएम फडणवीस के आवास पर होगी। वहीं महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष बालासाहब थोराट ने पार्टी में टूट की अटकलों को खारिज किया है।

महाराष्ट्र में सरकार गठन पर जारी राजनीतिक खींचतान अब आरएसएस तक पहुॅंच गया है। शिवसेना ने सरसंघचालक मोहन भागवत को पत्र लिख कर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मध्यस्थता करने के लिए भेजने को कहा है। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनसे नागपुर में मंगलवार रात को मुलाकात की। शिवसेना का कहना है कि 2014 में उसने भाजपा की सारी शर्तें मान ली थीं लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। मंगलवार (नवंबर 5, 2019) को सीएम फडणवीस ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाक़ात की। उससे पहले वो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी मिल चुके थे।

रात के क़रीब 9.30 बजे मुख्यमंत्री फडणवीस और आरएसएस प्रमुख के बीच बातचीत शुरू हुई। ये बैठक तक़रीबन 1 घंटे तक चली। इस बातचीत के दौरान सीएम फडणवीस ने सरकार गठन को लेकर अब तक की गई कवायद और शिवसेना की माँगों का पूरा ब्यौरा संघ प्रमुख के सामने पेश किया। संघ प्रमुख ने जोर दिया कि चूँकि दोनों पार्टियों ने साथ मिल कर चुनाव लड़ा है और उनकी विचारधारा भी समान है, इसीलिए मिलजुल कर नई सरकार का गठन होना चाहिए। इससे भाजपा और शिवसेना के बीच बातचीत शुरू होने के आसार भी नज़र आ रहे हैं।

मीडिया में चल रही ख़बरों के अनुसार, भाजपा और शिवसेना बैकडोर से बातचीत के लिए राजी हो सकते हैं। हालाँकि, भाजपा सीएम, स्पीकर और गृह मंत्री का पद अपने पास ही रखेगी और इन्हें लेकर कोई समझौता नहीं होगा। भाजपा मंत्रियों की संख्या को लेकर अपने रुख में नरमी ला सकती है। सबकी नज़रें एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर लगी है। आज दोपहर वो मीडिया को सम्बोधित करेंगे। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से मुलाक़ात के बाद भी उन्होंने अपने पत्ते पूरी तरह नहीं खोले थे।

इस बीच, मुलाक़ातों और बैठकों का सिलसिला जारी है। महाराष्ट्र भाजपा की कोर कमिटी की बैठक बुधवार को सीएम फडणवीस के आवास पर होगी। शिवसेना ने भाजपा को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर पार्टी बात नहीं मानती है तो वे एनसीपी के साथ मिल कर सरकार बना सकती है। शिवसेना नेता किशोर तिवारी ने संघ प्रमुख को पत्र लिख कर कहा कि वो नितिन गडकरी को मध्यस्तथा के लिए भेजें, क्योंकि वो 2 घंटे में इस मामले को सुलझाने की काबिलियत रखते हैं।

महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष बालासाहब थोराट ने इस पूरे गतिरोध के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सीएम पद के लिए पार्टी जनता को धोखा दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस ने अपने कार्यकाल के दौरान न सिर्फ़ पूरा विपक्ष, बल्कि शिवसेना का भी सफाया करने का प्रयास किया। थोराट ने कॉन्ग्रेस में टूट की अटकलों को ख़ारिज करते हुए दावा किया कि उनकी पार्टी एकजुट है। महाराष्ट्र के वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि सरकार बनाने के सम्बन्ध में कभी भी ‘गुड न्यूज़’ मिल सकती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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