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लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध से प्रभावित नहीं होने दिया जा सकता: अमेरिकी हिंसा पर PM मोदी

अमेरिकी कॉन्ग्रेस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने इलेक्टोरल कॉलेज वोटों को प्रमाणित करने के लिए हुई बैठक को लेकर जमकर हंगामा किया। इस घटनाक्रम पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं हिंसा की खबरें देखकर परेशान हूँ।

डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) समर्थकों द्वारा रिपब्लिकन राष्ट्रपति के लिए दूसरे कार्यकाल की माँग करने पर वाशिंगटन की यूएस कैपिटल (US Capitol) में बुधवार (जनवरी, 06, 2021) को बेहद चौंकाने वाले और अराजक दृश्य नजर आए। करीब चार घंटे तक ट्रम्प समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें जारी रहीं जिसमें एक महिला की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई।

इस बीच, विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने इस अराजकता की निंदा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने ट्विटर अकाउंट से इसे दुखद बताया है। पीएम मोदी ने लिखा, “वाशिंगटन डीसी में दंगों और हिंसा के बारे में समाचार देखकर दुखी हूँ। क्रमबद्ध और शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण जारी रहना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध के माध्यम से विकृत नहीं होने दिया जा सकता है।”

यह सब विवाद तब हुआ जब 06 जनवरी को अमेरिकी कॉन्ग्रेस में जो बायडेन को पिछले साल 03 नवंबर को हुए चुनाव में मिली जीत की पुष्टि के लिए सत्र चल रहा था। इसी औपचारिकता के बीच रिपब्लिकन सांसदों ने कुछ चुनावी नतीजों पर प्रश्न किए।

जब अमेरिकी कॉन्ग्रेस का सत्र चल रहा था, तभी अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों की हिंसक भीड़ बैरिकेड तोड़कर घुस गई। इसी क्रम में उनकी पुलिस बलों से मुठभेड़ भी हुई। बताया जा रहा है कि कई समर्थक हथियार लेकर कैपिटल में घुस गए।

उन्होंने खिड़कियाँ तोड़ डालीं और जमकर उपद्रव किया, जिसमें एक महिला की गोली लगने से मौत हो गई। ट्रम्प समर्थक चाहते थे कि ट्रंप को ही विजेता घोषित किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने कैपिटल की सीढ़ियों के नीचे लगे अवरोधक तोड़ दिए। इसके बाद ट्विटर और फेसबुक ने डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को निलंबित कर दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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