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प्राइवेट कम्पनी ने सिर्फ उपज खरीदी या जमीन भी ले गया? PM मोदी को किसान से मिला जवाब ‘किसान’ आंदोलन पर तमाचा

किसानों से संवाद के दौरान पीएम मोदी ने पेरिंग से पूछा कि 'आप छोटे किसानों को प्राइवेट कंपनी के साथ जोड़ते हैं, क्या उन्होंने सिर्फ प्रोडक्ट खरीदे या अपकी जमीन भी ले ली?'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (दिसंबर 25, 2020) को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ (PM Kisan Samman Nidhi) योजना के तहत किसानों को वित्तीय लाभ की नवीनतम किस्त जारी की। यह राशि 18,000 करोड़ रुपए से अधिक है और इसे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से 90 मिलियन से अधिक लाभार्थियों तक पहुँचाया जाएगा।

पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक बटन दबाकर 09 करोड़ से अधिक किसान लाभार्थियों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। फिलहाल वह 06 राज्यों के किसानों के साथ संवाद कर रहे हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर पीएम मोदी ने प्रत्येक किसान को 2,000 रुपए की किस्त जारी की। पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के जन्मदिवस को हर साल ‘सुशासन दिवस’​ ​के रूप में भीमनाया जाता है।

पीएम-किसान योजना के तहत, छोटे और सीमांत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपए का वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है, जो 2,000 रुपए की तीन समान किश्तों में दिया जाता है। यह रुपया सीधा लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता है।

‘प्राइवेट कम्पनी वाले उपज के साथ जमीन भी ले गए?’

इसी क्रम में अरुणाचल प्रदेश के किसान गगन पेरिंग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत की शुरुआत की। गगन पेरिंग ने पीएम मोदी से कहा कि उन्हें किसान निधि के तहत 6000 रुपए मिले जिसका इस्तेमाल उन्होंने ऑर्गेनिक खाद और दवा खरीदने में किया।

उन्होंने बताया कि उनके साथ 446 किसान जैविक अदरक उगाते हैं। संवाद के दौरान पीएम मोदी ने पेरिंग से पूछा कि ‘आप छोटे किसानों को प्राइवेट कंपनी के साथ जोड़ते हैं, क्या उन्होंने सिर्फ प्रोडक्ट खरीदे या अपकी जमीन भी ले ली?’

पीएम मोदी के इस सवाल पर गगन पेरिंग ने कहा कि हाल ही में एक कंपनी से उनका एग्रीमेंट हुआ, जितनी उपज है, उसे ही ले जाने की बात हुई, जमीन की नहीं। उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि उनकी जमीन सुरक्षित है।

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ लोग ऐसा भ्रम फैला रहे हैं कि किसानों की फसल का कोई कांट्रैक्ट करेगा तो जमीन भी चली जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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