Sunday, September 20, 2020
Home रिपोर्ट मीडिया बधाई हो रवीश जी! अनंतनाग में ग्रेनेड फेंका गया, आज ख़ुश तो बहुत होंगे...

बधाई हो रवीश जी! अनंतनाग में ग्रेनेड फेंका गया, आज ख़ुश तो बहुत होंगे आप?

इस हमले के बाद 'ट्रोलवीश कुमार' का एक प्राइम टाइम तो आराम से निकल ही जाएगा- इस घटना के लिए राष्ट्रपति से लेकर भाजपा तक से सवाल करते हुए। वह मीठी आवाज़ में जनता को यह बता ही देंगे कि देखो, केंद्र सरकार के लाख दावों के बावजूद कैसे आतंकी सफल हो गए।

जम्मू-कश्मीर को लेकर मीडिया गिरोह ने एक ऐसा नैरेटिव गढ़ा, जिससे यह प्रतीत हुआ कि राज्य में चल रही सारी समस्याएँ वर्तमान सरकार की ही देन हैं और वहाँ सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद करना बड़ी भूल है। सबसे पहले तो अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने को ‘अलोकतांत्रिक’ सिद्ध करने की कोशिश की गई लेकिन संसद के दोनों सदनों में बहुमत से पास होने और कई विरोधी दलों का भी साथ मिलने से विपक्षी सांसत में पड़ गए। इसके बाद मीडिया के एक धड़े ने ‘कश्मीरियत’ की बात करनी शुरू की लेकिन जब उन्हें राज्य के वाल्मीकि समुदाय व महिलाधिकारों की याद दिलाई गई तो वे बगले झॉंकने लगे।

उसके बाद मीडिया का यह वर्ग इस उम्मीद में बैठा रहा कि जम्मू-कश्मीर में कुछ बहुत बड़ा हो, जिससे वे केंद्र सरकार के घेर सकें और उसके फ़ैसले को ग़लत ठहरा सकें। आख़िर में कुछ आतंकियों ने उनके इस स्वप्न को साकार करने के बीड़ा उठाया, लेकिन जहाँ-तहाँ मुठभेड़ में सभी मारे गए। हालाँकि, उन्होंने खुन्नस निकालने के लिए मासूम कश्मीरियों को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया लेकिन सुरक्षा बलों ने समय रहते कई बड़े हमले नाकाम किए। जम्मू बस स्टैंड के पास से विस्फोटक जब्त किए गए। अंत में मीडिया के उस वर्ग ने अलगाववादियों और कश्मीरी नेताओं को नज़रबंद किए जाने को लेकर लोकतंत्र का राग अलापना शुरू कर दिया।

रवीश कुमार ने तो अपने शो में राज्यपाल सत्यपाल मलिक के उस बयान का भी मज़ाक बनाया, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर में नौकरियों में बम्पर भर्तियाँ करने की बात कही थी। राज्यपाल ने इंटरनेट बहाली में देरी का कारण बताते हुए कहा था कि इसका इस्तेमाल आतंक और अशांति फैलाने वाले कर सकते हैं। एनडीटीवी के पत्रकार रवीश ने पब्लिक से राज्यपाल को यह बताने को कहा कि इंटरनेट छात्रों की पढ़ाई के काम भी आता है। क्या यह सोचने लायक बात नहीं है कि जब किसी बहुत बड़े खतरे की आशंका रही होगी, तभी इंटरनेट को प्रतिबंधित किया गया होगा? क्या सरकार को नहीं पता होगा कि इंटरनेट के अच्छे उपयोग भी हैं?

रवीश कुमार जम्मू-कश्मीर और पूरे देश को एक जैसे ही देखते हैं। ऐसा नहीं है कि उन्हें वस्तुस्थिति का ज्ञान नहीं, उन्हें ख़ूब पता है कि पूरे देश की और जम्मू-कश्मीर की परिस्थितियों में काफ़ी अंतर है। रवीश का तर्क था कि अगर आतंकवाद के बहाने जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट को बैन किया जा रहा है तो ऐसा पूरे देश में भी किया जा सकता है। क्या पूरे देश में पत्थरबाजी आम बात थी? क्या पूरे देश में पाकिस्तान पोषित आतंकी रोज़ घुसपैठ के लिए तैयार रहते हैं? क्या पूरे देश में अलगाववादी नेता हैं और वे भारत को गालियाँ देते हैं? क्या पूरे देश में दो निशान-दो संविधान चलता था? क्या पूरे देश में आए दिन आतंकी घटनाएँ होना आम बात थी? जाहिर है, इसका जवाब ना में है।

- विज्ञापन -

अब जम्मू-कश्मीर से ऐसी ख़बर आई है, जिससे रवीश के कलेजे को ज़रूर ठंडक मिली होगी। ‘कुछ बड़ा होने’ की उम्मीद में बैठे रवीश को केंद्र सरकार पर कटाक्ष करने का एक और मौक़ा मिल ही गया। वे राहत महसूस कर रहे होंगे। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग में शनिवार (सितम्बर 5, 2019) को डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर के सामने ग्रेनेड अटैक हुआ। इस हमले में एक ट्रैफिक पुलिस का जवान और एक पत्रकार सहित 14 लोग घायल हो गए। अगस्त 5, 2019 को अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से घाटी में यह दूसरा ग्रेनेड अटैक है।

यह हमला उस क्षेत्र में हुआ, जहाँ डीसी का ऑफिस होने के कारण पहले से ही सुरक्षा-व्यवस्था चुस्त थी। आतंकियों ने गश्त लगा रहे सुरक्षा बलों के जवानों पर ग्रेनेड फेंके। हालाँकि, निशाना चूकने की वजह से ग्रेनेड सड़क पर गिर गया, जिससे एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। 13 लोगों को अस्पताल में इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि एक की स्थिति ख़राब होने के कारण उसे अभी भी अस्पताल में ही रखा गया है। हालाँकि, वह ख़तरे से बाहर है। जैसा कि होना था, इस ब्लास्ट के बाद शहर में भय का माहौल बन गया। सुरक्षा बल आतंकियों की तलाश में इलाक़े में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है। आपको याद होगा कि राजधानी श्रीनगर के नवा कदल क्षेत्र में सीआरपीएफ पर 28 सितम्बर को इसी तरह का ग्रेनेड अटैक हुआ था। क्या रवीश कुमार को इस तरह के हमलों के बाद ख़ुशी होती है कि उन्हें सरकार को घेरने का एक और मौक़ा मिल गया? जब हमले नहीं हो रहे थे, तब उन्हें समस्या होती है कि सब कुछ इतना शांत-शांत सा क्यों है, कुछ तो गड़बड़ है। अब जब एकाध हमलों की ख़बरें आ गई हैं, अब उनकी समस्या यह हो सकती है कि सरकार वहाँ सुरक्षा के लिए क्या कर रही है? रवीश ऐसा बोल सकते हैं:

“आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया। आख़िर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के इतने जवान क्या कर रहे हैं? इस हमले के कारण एकाध छात्र रेलवे और बैंकिंग का फॉर्म भरने से वंचित रह गए होंगे। सरकार राज्य के नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठा रही? जब ग्रेनेड फेंका गया, तब प्रधानमंत्री बांग्लादेश की पीएम से मुलाक़ात की तैयारी कर रहे थे। आख़िर ढाका के रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन का उद्घाटन करने से जम्मू-कश्मीर के उन छात्रों को क्या मिलेगा, जो रेलवे और बैंकिंग की परीक्षा नहीं दे पा रहे? कहीं पुलिस इस हमले के बाद निर्दोष लोगों को गिरफ़्तार कर के उन पर इल्जाम न डाल दे। आख़िर क्या सबूत होगा कि सुरक्षा बल जिन्हें पकड़ेंगे, वो आतंकी ही होंगे?”

असल में रवीश कुमार इतनी आजादी चाहते हैं कि उनके दोनों ही हाथों में लड्डू हों। वह चाहते हैं कि जब सुरक्षा-व्यवस्था पुख्ता रहने के कारण सब शांत रहे तब वह ये कहें कि कश्मीरियों को बोलने की आज़ादी नहीं दी जा रही है। वह ये भी चाहते हैं कि प्रतिबंधों में ढील के बाद अगर आतंकी किसी वारदात को अंजाम देने में सफल हो जाएँ, तब वह पूछें कि सरकार क्या कर रही है, सुरक्षा बल क्या कर रहे हैं और प्रधानमंत्री तब कहाँ थे? रवीश के कलेजे में ठंडक इसलिए भी आई होगी क्योंकि अब उन्हें ऐसे सवाल पूछने का मौक़ा मिल गया है। रवीश चाहते हैं कि हमले न हों तो सरकार द्वारा ‘डर का माहौल’ बनाए जाने की बात करें और हमले हों तो ये कहें कि सरकार आतंकियों द्वारा बनाए गए ‘डर का माहौल’ को काबू में नहीं कर पा रही।

कश्मीर ताले में बंद है। कश्मीर की कोई ख़बर नहीं है। शेष भारत में कश्मीर को लेकर जश्न है। शेष भारत को कश्मीर की ख़बर से…

Posted by Ravish Kumar on Monday, August 5, 2019
जब सब शांत होता है, रवीश को लगता है कि ज़रूर सरकार कुछ गड़बड़ कर रही है

इस हमले के बाद ‘ट्रोलवीश कुमार’ का एक प्राइम टाइम तो आराम से निकल ही जाएगा- इस घटना के लिए राष्ट्रपति से लेकर भाजपा तक से सवाल करते हुए। वह मीठी आवाज़ में जनता को यह बता ही देंगे कि देखो, केंद्र सरकार के लाख दावों के बावजूद कैसे आतंकी सफल हो गए (मन में भाव- ओहो, आतंकी सफ़ल हो गए। वाओ। अब तो सबको घेरूँगा)। मीडिया का एक वर्ग भी फिर से यही चलाएगा कि जम्मू-कश्मीर में सरकार असफल हो रही है। अगर हमले बंद हो जाएँगे तो फिर मीडिया मानवाधिकार का मुद्दा लेकर आएगी, जैसा अभी कुछ दिनों पहले हो रहा था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बिचौलिया’ मदर इंडिया का लाला नहीं… अब वो कंट्रोल करता है पूरा मार्केट: कृषि विधेयक इनका फन कुचलने के लिए

'बिचौलिया' मतलब छोटी मछली नहीं, बड़े किलर शार्क। ये एक इशारे पर दर्जनों वेयरहाउस से आपूर्ति धीमी करवा, कई राज्यों में कीमतें बढ़ा सकते हैं।

बेंगलुरु दंगों में चुनकर हिंदुओं को किया गया था टारगेट, स्थानीय मुस्लिमों को थी इसकी पूरी जानकारी: फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट में खुलासा

"बेंगलुरु में हुए दंगों के दिन हमले वाले स्थान पर एक भी मुस्लिम वाहन नहीं रखा गया था। वहीं सड़क पर भी उस दिन किसी मुस्लिम को आते-जाते नहीं देखा। कोई भी मुस्लिम घर या मुस्लिम वाहन क्षतिग्रस्त नहीं हुए।"

‘उसने अपने C**k को जबरन मेरी Vagina में डालने की कोशिश की’: पायल घोष ने अनुराग कश्यप पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

“अगले दिन उसने मुझे फिर से बुलाया। उन्होंने कहा कि वह मुझसे कुछ चर्चा करना चाहते हैं। मैं उसके यहाँ गई। वह व्हिस्की या स्कॉच पी रहा था। बहुत बदबू आ रही थी। हो सकता है कि वह चरस, गाँजा या ड्रग्स हो, मुझे इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है लेकिन मैं बेवकूफ नही हूँ।”

SSR केस: 7 अक्टूबर को सलमान खान, करण जौहर समेत 8 टॉप सेलेब्रिटीज़ को मुज्जफरपुर कोर्ट में होना होगा पेश, भेजा गया नोटिस

मुजफ्फरपुर जिला न्यायालय ने सलमान खान और करण जौहर सहित आठ हस्तियों को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। 7 अक्टूबर, 2020 को इन सभी को कोर्ट में उपस्थित होना है।

दिल्ली दंगों के पीछे बड़ी साज़िश की तरफ इशारा करती है चार्जशीट-59: सफूरा ज़रगर से उमर खालिद तक 15 आरोपितों के नाम शामिल

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के मामले में 15 लोगों को मुख्य आरोपित बनाया है। इसमें आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता ताहिर हुसैन, पूर्व कॉन्ग्रेस नेता इशरत जहाँ, खालिद सैफी, जेसीसी की सदस्य सफूरा ज़रगर और मीरान हैदर शामिल हैं।

कहाँ गायब हुए अकाउंट्स? सोनू सूद की दरियादिली का उठाया फायदा या फिर था प्रोपेगेंडा का हिस्सा

सोशल मीडिया में एक नई चर्चा के तूल पकड़ने के बाद कई यूजर्स सोनू सूद की मंशा सवाल उठा रहे हैं। कुछ ट्विटर अकाउंट्स अचानक गायब होने पर विवाद है।

प्रचलित ख़बरें

NCB ने करण जौहर द्वारा होस्ट की गई पार्टी की शुरू की जाँच- दीपिका, मलाइका, वरुण समेत कई बड़े चेहरे शक के घेरे में:...

ब्यूरो द्वारा इस बात की जाँच की जाएगी कि वीडियो असली है या फिर इसे डॉक्टरेड किया गया है। यदि वीडियो वास्तविक पाया जाता है, तो जाँच आगे बढ़ने की संभावना है।

‘उसने अपने C**k को जबरन मेरी Vagina में डालने की कोशिश की’: पायल घोष ने अनुराग कश्यप पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

“अगले दिन उसने मुझे फिर से बुलाया। उन्होंने कहा कि वह मुझसे कुछ चर्चा करना चाहते हैं। मैं उसके यहाँ गई। वह व्हिस्की या स्कॉच पी रहा था। बहुत बदबू आ रही थी। हो सकता है कि वह चरस, गाँजा या ड्रग्स हो, मुझे इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है लेकिन मैं बेवकूफ नही हूँ।”

दिशा की पार्टी में था फिल्म स्टार का बेटा, रेप करने वालों में मंत्री का सिक्योरिटी गार्ड भी: मीडिया रिपोर्ट में दावा

चश्मदीद के मुताबिक तेज म्यूजिक की वजह से दिशा की चीख दबी रह गई। जब उसके साथ गैंगरेप हुआ तब उसका मंगेतर रोहन राय भी फ्लैट में मौजूद था। वह चुपचाप कमरे में बैठा रहा।

जया बच्चन का कुत्ता टॉमी, देश के आम लोगों का कुत्ता कुत्ता: बॉलीवुड सितारों की कहानी

जया बच्चन जी के घर में आइना भी होगा। कभी सजते-संवरते उसमें अपनी आँखों से आँखे मिला कर देखिएगा। हो सकता है कुछ शर्म बाकी हो तो वो आँखों में...

थालियाँ सजाते हैं यह अपने बच्चों के लिए, हम जैसों को फेंके जाते हैं सिर्फ़ टुकड़े: रणवीर शौरी का जया को जवाब और कंगना...

रणवीर शौरी ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कंगना को समर्थन देते हुए कहा है कि उनके जैसे कलाकार अपना टिफिन खुद पैक करके काम पर जाते हैं।

मौत वाली रात 4 लोगों ने दिशा सालियान से रेप किया था: चश्मदीद के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा

दावा किया गया है जिस रात दिशा सालियान की मौत हुई उस रात 4 लोगों ने उनके साथ रेप किया था। उस रात उनके घर पर पार्टी थी।

‘बिचौलिया’ मदर इंडिया का लाला नहीं… अब वो कंट्रोल करता है पूरा मार्केट: कृषि विधेयक इनका फन कुचलने के लिए

'बिचौलिया' मतलब छोटी मछली नहीं, बड़े किलर शार्क। ये एक इशारे पर दर्जनों वेयरहाउस से आपूर्ति धीमी करवा, कई राज्यों में कीमतें बढ़ा सकते हैं।

बेंगलुरु दंगों में चुनकर हिंदुओं को किया गया था टारगेट, स्थानीय मुस्लिमों को थी इसकी पूरी जानकारी: फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट में खुलासा

"बेंगलुरु में हुए दंगों के दिन हमले वाले स्थान पर एक भी मुस्लिम वाहन नहीं रखा गया था। वहीं सड़क पर भी उस दिन किसी मुस्लिम को आते-जाते नहीं देखा। कोई भी मुस्लिम घर या मुस्लिम वाहन क्षतिग्रस्त नहीं हुए।"

‘उसने अपने C**k को जबरन मेरी Vagina में डालने की कोशिश की’: पायल घोष ने अनुराग कश्यप पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

“अगले दिन उसने मुझे फिर से बुलाया। उन्होंने कहा कि वह मुझसे कुछ चर्चा करना चाहते हैं। मैं उसके यहाँ गई। वह व्हिस्की या स्कॉच पी रहा था। बहुत बदबू आ रही थी। हो सकता है कि वह चरस, गाँजा या ड्रग्स हो, मुझे इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है लेकिन मैं बेवकूफ नही हूँ।”

कानपुर लव जिहाद: मुख्तार से राहुल विश्वकर्मा बन हिंदू लड़की को फँसाया, पहले भी एक और हिंदू लड़की को बना चुका है बेगम

जब लड़की से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि मुख्तार ने उससे राहुल बनकर दोस्ती की थी। उसने इस तरह से मुझे अपने काबू में कर लिया था कि वह जो कहता मैं करती चली जाती। उसने फिर परिजनों से अपने मरियम फातिमा बनने को लेकर भी खुलासा किया।

अलवर: भांजे के साथ बाइक से जा रही विवाहिता से गैंगरेप, वीडियो वायरल होने के बाद आरोपित आसम, साहूद सहित 5 गिरफ्तार

“पुलिस ने दो आरोपितों आसम मेओ और साहूद मेओ को गिरफ्तार किया और एक 16 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया। बाकी आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें हरियाणा भेजी गई हैं।”

‘सभी संघियों को जेल में डालेंगे’: कॉन्ग्रेस समर्थक और AAP ट्रोल मोना अम्बेगाँवकर ने जारी किया ‘लिबरल डेमोक्रेसी’ का एजेंडा

मोना का कहना है कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाएँगी और अगले पीएम बनने का मौका मिलने पर सभी संघियों को जेल में डाल देगी।

अतीक अहमद के फरार चल रहे भाई अशरफ को जिस घर से पुलिस ने किया था गिरफ्तार, उसे योगी सरकार ने किया जमींदोज

प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने अतीक अहमद के भाई अशरफ के साले मोहम्मद जैद के कौशांबी स्थित करोड़ों के आलीशान बिल्डिंग पर भी सरकारी बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया है।

नेटफ्लिक्स: काबुलीवाला में हिंदू बच्ची से पढ़वाया नमाज, ‘सेक्युलरिज्म’ के नाम पर रवींद्रनाथ टैगोर की मूल कहानी से छेड़छाड़

सीरीज की कहानी के एक दृश्य में (मिनी) नाम की एक लड़की नमाज अदा करते हुए दिखाई देती है क्योंकि उसका दोस्त काबुलीवाला कुछ दिनों के लिए उससे मिलने नहीं आया था।

कंगना ने किया योगी सरकार के सबसे बड़ी फिल्म सिटी बनाने के ऐलान का समर्थन, कहा- फिल्म इंडस्ट्री में कई और बड़े सुधारों की...

“हमें अपनी बॉलीवुड इंडस्ट्री को कई प्रकार के आतंकवादियों से बचाना है, जिसमें भाई भतीजावाद, ड्रग माफ़िया का आतंक, सेक्सिज़म का आतंक, धार्मिक और क्षेत्रीय आतंक, विदेशी फिल्मों का आतंक, पायरेसी का आतंक प्रमुख हैं।"

पत्रकार राजीव शर्मा के बारे में दिल्‍ली पुलिस ने किया खुलासा, कहा- 2016 से 2018 तक कई संवेदनशील जानकारी चीन को सौंपी

“पत्रकार राजीव शर्मा 2016 से 2018 तक चीनी खुफिया अधिकारियों को संवेदनशील रक्षा और रणनीतिक जानकारी देने में शामिल था। वह विभिन्न देशों में कई स्थानों पर उनसे मिलता था।”

हमसे जुड़ें

260,559FansLike
77,923FollowersFollow
322,000SubscribersSubscribe
Advertisements