BIGG BREAKINGG: प्रियंका को UP में घुसने पर रोक, लोकतंत्र भयंकर ख़तरे में!

योगी आदित्यनाथ ने बंगाल का बदला उत्तर प्रदेश में ले लिया। उन्होंने बिना किसी झूठ का सहारा लिए ही यह कर डाला। उत्तर प्रदेश का '10जनपथवाँ' संविधान संसोधन कर उन्होंने यह काम पूरा किया।

योगी आदित्यनाथ ने बंगाल का बदला उत्तर प्रदेश में ले लिया। हालाँकि राजनीति बदले की भावना से नहीं करनी चाहिए लेकिन उन्होंने बिना किसी झूठ का सहारा लिए ही यह कर डाला। उत्तर प्रदेश का ’10जनपथवाँ’ संविधान संसोधन कर उन्होंने यह काम पूरा किया।

इस घटना के बाद राज्य के साथ-साथ दिल्ली का भी सियासी पारा गरमा गया है। जंतर-मंतर के बजाय ‘महाठगबंधन’ के नेता लोग क़ुतुब मीनार की ओर रवाना हो गए हैं। रास्ते में जब हमारे संवाददाता ने धरना स्थल को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि बीजेपी को ज़मीनी बातें पसंद नहीं, इसीलिए वे लोग ‘आसमानी’ बातें करेंगे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की सरकार ने हाँफते-‘खाँसते’ हुए इसे विपक्षी साज़िश बताया और नगर-निगम वालों को जमकर कोसा। हालाँकि अफ़सरों के तब हाथ-पाँव फूल गए जब उन्हें सीसीटीवी कैमरे से यह पता चला कि ख़ुद उनके मुख्यमंत्री साब भी काम-धाम छोड़कर क़ुतुब की ओर बढ़ रहे हैं। खैर, अफ़सरों को यह पहले ही समझ जाना चाहिए था क्योंकि “कोई भी धरना छोटा नहीं होता और धरने से बड़ा कोई धर्म नहीं” यह आसमानी बात स्वयं अवतरित चचा केजरी ने दिल्ली-शासन की किताब के पहले पन्ने पर लिख डाली है।

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राजनीतिक गहमागहमी में बीजेपी ने धरना करने वालों का बख़ूबी साथ दिया। उम्मीद के विपरीत। गाँधीवादी स्वभाव में। इस बाबत बीजेपी की मेहरौली इकाई ने शानदार काम किया है। क़ुतुब तक के पूरे रास्ते में चाय-पानी की व्यवस्था कर रखी है उन्होंने। रास्तों को फूलों से पाट दिया गया है। फूल सिर्फ़ पैरों के नीचे हो, और इस पर ‘फूलाधिकार’ आयोग कमीशन में कोई शिक़ायत न पहुँच जाए, इसलिए खुद पुलिस कमीश्नर हेलिकॉप्टर से फूल बरसा भी रहे हैं।

भारतीय राजनीतिक इतिहास में ऐसा नज़ारा शायद अब तक कभी नहीं दिखा। विपक्ष की रैली का सत्ता पक्ष फूलों से स्वागत करे… गाँधीवाद का ऐसा प्रयोग दक्षिण अफ्रीका में भी नहीं हुआ था। योगी आदित्यनाथ के ‘राजनीतिक बदले की भावना’ को दिल्ली बीजेपी ने राजनीतिक अवसर में बदल दिया। बीजेपी की मेहरौली इकाई ने तो ख़ैर लहरिया ही लूट लिया।

इसी बीच ख़बर यह भी आ रही है कि बहन प्रियंका का साथ देने राहुल भी लखनऊ जाने वाले थे। ट्वीट भी कर दिया। लेकिन योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ चलने वाले हमारे संवाददाता (चूँकि हम ‘राइट’ हैं तो यह हमारे लिए ‘लेफ़्ट’ हाथ का खेल है) ने बताया कि यूपी सीएम ‘बसंत आगमन पर पूरे रंग में’ हैं। दिल्ली-यूपी बॉर्डर के (i) सड़क मार्ग पर उन्होंने अलीगढ़ रोडवेज़ की बसें लगा दी हैं (ii) वायु मार्ग पर राफ़ेल (मोदी से पहले यूपी सरकार ने किया सौदा – मोदी-विरोध में अंधी विपक्ष ने इस ख़बर पर ध्यान ही नहीं दिया) तैनात कर दिया है (iii) यमुना जल मार्ग पर यूएस नेवी के एयर क्राफ्ट कैरियर जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश की तैनाती भी हो गई है। ‘सूत्रों’ ने यह भी बताया कि परम आदरणीय दक्षिण पंथी डोनल्ड ट्रंप ने ख़ुद ही योगी के समर्पण में यह फै़सला लिया है।

इतना सब होने के बाद राहुल और प्रियंका की प्रतिक्रिया आनी बाक़ी है। एक तरफ़ जहाँ उनके ‘ठग-बंधु-बंधुनी’ लोग क़ुतुब पर चढ़ने को बेताब हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह देखना दिलचस्प होगा कि सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे बड़े सूबे के लिए क्या राहुल या प्रियंका राफ़ेल पर ‘बोफ़ोर्स’ से हमला करेंगे या क़ुतुब पर चढ़ ‘आसमानी’ बातें करेंगे?

पढ़ते रहिए सिर्फ़ इसी पोर्टल को क्योंकि हमारी पहुँच ‘राइट’ है। लेफ्ट को तो ख़ैर आपने भी ‘लेफ्टिया’ दिया है… हे!हे!हे!

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