एन्टी नेशनल्स को चुन-चुनकर लाहौर छोड़ने के लिए बनेगा पृथक ‘तारा पाजी’ मंत्रालय

मोदी लहर से कई साल पहले ही, वर्ष 2000 में गदर फिल्म के बाद ही जनता के बीच तारा पाजी की लहर जन्म ले चुकी थी। गोदी मीडिया के षड्यंत्र को काटते हुए अमित 'चाणक्य' शाह ने इस दबी-कुचली लहर को समय पर पहचान दिलाकर एक और श्रेय आज नेहरू जी से छीन लिया है।

देशविरोधी बयान देने वालों को तुरंत पाकिस्तान भेज देने की चॉइस रखने वालों की माँग को देखते हुए मोदी सरकार ने इस कार्य को संस्थागत रूप देने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए भाजपा सरकार पृथक ‘तारा पाजी मंत्रालय’ का गठन करेगी और उसके कैबिनेट मंत्री ‘तारा पाजी’ यानी, सनी देओल पहले से ही चुने जा चुके हैं।

सूत्रों का कहना है कि देश में बढ़ती हुई ‘एंटी नेशनल्स’ की संख्या को देखते हुए भाजपा ने तारा पाजी को राजनीति में लेकर आने का निर्णय लिया है। समर्थकों का तो यहाँ तक भी कहना है कि जिस तरह से ‘तारा पाजी’ ने गदर फिल्म में चारों ओर से दुश्मनों से घिरे होने के बावजूद भी हैंडपंप उखाड़ कर खलबली मचा दी थी, उन्हें भाजपा में जोड़ने में बहुत देर की गई है। राष्ट्रवादियों का कहना है कि मोदी जी ने जिस तरह से अपने कार्यकाल के दौरान सभी संस्थानों और छुपी हुई हस्तियों को पहचान दिलाई है, तारा पाजी के योगदान को पहचान देने का श्रेय भी उन्हें ही जाता है।

भाजपा ने आज तारा पाजी, यानी सनी देओल को पार्टी की सदस्यता दिलाकर युवाओं के अंदर जोश भरने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मोदी लहर से कई साल पहले ही, वर्ष 2000 में गदर फिल्म के बाद ही जनता के बीच तारा पाजी की लहर जन्म ले चुकी थी, लेकिन उस समय से लेकर आज तक गोदी मीडिया ने ये लहर जनता से छुपाकर रखी। लेकिन, अमित ‘चाणक्य’ शाह ने इस दबी-कुचली लहर को समय पर पहचान दिलाकर जनता के सामने लेकर आने का एक और श्रेय आज नेहरू जी से छीन लिया है।

पाकिस्तान में बढ़ी हैण्डपम्पों की सुरक्षा

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दूसरी ओर, सनी देओल के भाजपा जॉइन करने की खबर से पाकिस्तान में हलकान मच गया है। पाकिस्तान की सरकार ने उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाकर आवाम से टिंडे-टिमाटर और बकरी को छोड़कर अपने-अपने हैण्डपम्पों को सुरक्षित करने के फरमान जारी कर दिए हैं। गदर में हैण्डपम्प उखाड़ देने की घटना के चश्मदीद गवाह अब्दुल चश्मुद्दीन का कहना है कि वो आज भी उस कालजयी घटना को सपने में देखकर नींद से जाग जाते हैं। अब्दुल चश्मुद्दीन अमुक स्थान (सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संधियों के कारण जानकारी गुप्त रखी गई है) के स्थानीय नागरिक हैं और भारत-पाक सीमा के पास ही पाकिस्तानी सैनिकों की बकरी चुराने वालों की जानकारी रखने के लिए प्रशासन द्वारा नियुक्त किए गए हैं।

इस्लामाबाद के सभी सार्वजनिक हैण्डपम्पों पर सरकार ने ताला लटका दिया है और आवाम से ‘भगवान’ पर भरोसा रखने की अपील की है। हालाँकि, कॉन्सपिरेसी थ्योरी ‘एक्टिविस्ट’ और विशेषज्ञ ध्रुव लाठी का कहना है कि पाकिस्तान के हैण्डपम्पों की तालाबंदी इसलिए की जा रही है क्योंकि हैण्डपम्पों से लोग निकाल पानी रहे हैं, लेकिन आ मोदी रहा है।

पाकिस्तान के नागरिक आज भी नहीं भूले हैं वो दिल दहला देने वाला मंजर

राम मंदिर मुद्दे पर भाजपा की ‘तारीख पे तारीख’ नीति से मिलेगा छुटकारा

राम कार्य में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में हो रही देरी को देखते हुए भाजपा ने सनी देओल को पार्टी में लाकर मास्टर स्ट्रोक खेला है। सनी देओल के भगवाकरण द्वारा भाजपा ने विपक्ष की जुबान बंद कर दी है। सूत्रों का कहना है कि सनी देओल लाल किले की प्राचीर से बस 3 बार राम मंदिर की तारीख पूछेंगे और अगर उन्हें जवाब में फिरसे ‘अगली तारीख’ सुनने को मिली, तो वो एक-एक ईंट अपने कंधे पर और खूंखार दरिंदे ‘कात्या’ के सात के सात भाइयों का समर्थन लेकर राम मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी खुद ले लेंगे।

अक्सर हर दूसरी फिल्म में इन्साफ की लड़ाई को कोर्ट में हार जाने वाले सनी देओल का कहना है कि हर बार रह जाती है तो बस तारीख, लेकिन उन्हें इन्साफ नहीं मिल पाता है मीलॉर्ड! इसलिए राम मंदिर मुद्दे को अब कोई भी राजनीतिक दल हल्के में लेने से पहले 7 बार जरूर सोचेगा।

कट्टर हिन्दू शेर ‘तारा पाजी’का प्रतीकात्मक चित्र

ढाई किलो का हाथ vs कॉन्ग्रेस का हाथ

बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि सनी देओल जब किसी पर अपना ढाई किलो का हाथ उठाते हैं, तो वो उठता नहीं बल्कि डेरेक्ट ‘उठ जाता’ है। कॉन्ग्रेस मुक्त भारत के अपने फासीवादी अभियान को नई दिशा देने के लिए मोदी सरकार ने सनी देओल को पार्टी में शामिल कर कॉन्ग्रेस के ताबूत में आखिरी कील ठोकने का काम किया है। एक आदमी, जिसके पास ढाई किलो का हाथ है और एक राजनीतिक दल, जिसके पास सिर्फ हाथ ही हाथ है, इस जंग में मामला इकतरफा होना अब तय माना जा रहा है। अनपेड ट्रॉल्स का तो यह भी कहना है कि मोदी जी ने गाँधी के साथ अब कॉन्ग्रेस से उनका ‘हाथ’ भी छीन लिया है।

देशद्रोहियों के लिए बरनॉल दागते हुए तारा पाजी। (साभार- @Atheist_Krishna)

ऑप इंडिया तीखी मिर्ची सेल के सूत्रों का यह भी कहना है कि 62 वर्ष के तारा पाजी को बॉलीवुड ने VRS देने से मना कर दिया था। और वहाँ भी बार-बार तारीख दे रहे थे। दामिनी जैसी फिल्म में वकालत सीख चुके तारा पाजी ने जब जाना कि 62 में जज भी रिटायर हो जाते हैं तो इन्होंने क्षुब्ध होकर खुद ही लॉयर से लॉ-मेकर बनने का निर्णय लिया और इसके लिए किसी तारीख का इंतजार नहीं किया।

कॉन्ग्रेस से भी आया था निमंत्रण

मीडिया में एक ऐसा प्रकरण सामने आया है, जिसे कॉन्ग्रेस ने अन्य कई दस्तावेजों की तरह छुपाकर रखा था। इसके अनुसार, भाजपा जॉइन करने से पहले तारा पाजी को कॉन्ग्रेस हेडक्वार्टर से भी निमंत्रण आया था। वहाँ सोनिया गाँधी ने उन्हें याद दिलाई की नेहरू जी के भगीरथ प्रयासों से ही तारा पाजी की पत्नी और बच्चा वीजा लेकर भारत वापस आ पाए थे। इसी बात का वास्ता देकर सोनिया गाँधी ने सनी देओल से कहा कि आपका ढाई किलो का हाथ कॉन्ग्रेस के साथ होना चाहिए। लेकिन जब सनी पाजी ने मना कर दिया तो जाते-जाते सोनिया ने उनसे कहा कि कम से कम एक आखिरी बात उन्हें माननी होगी और राहुल गाँधी जिंदाबाद कहना होगा, ताकि वो टिकटॉक पर ये वीडियो पोस्ट कर सकें।

इस पर तारा पाजी ने कहा, “राहुल गाँधी जिंदाबाद।” इसके बाद मैडम सोनिया ने स्थिति का लाभ उठाने की कोशिश की और कहा की तारा ‘मोडी मोरडाबाद’ कहे। इस पर गुस्से से तारा पाजी ने ढाई किलो का हाथ सोनिया के सामने पटकते हुए कहा, “मैडम जी, आपका राहुल गाँधी नकारा होकर भी ज़िंदाबाद रहे, मैं वो टिकटॉक पर भी बोल दूँगा लेकिन ये जान लीजिए कि मोदी ज़िंदाबाद था, ज़िंदाबाद है, और ज़िंदाबाद रहेगा।”

इतिहास के पन्नों में कैद बस यही वो पल था, जब तारा पाजी ने कॉन्ग्रेस मुक्त भारत अभियान से जुड़ने का निर्णय लिया था। जानकारों का मानना है कि टिकटॉक को बैन करने के प्रयास भी राजमाता सोनिया के टिकटॉक पर होने की जानकारी होने के बाद ही सत्तारूढ़ सरकार ने तेज किए।

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