Thursday, September 24, 2020
Home हास्य-व्यंग्य-कटाक्ष मतदान बाद EVM को लाल चुनरी से सील कर उसे पवित्र धागे से बाँधा...

मतदान बाद EVM को लाल चुनरी से सील कर उसे पवित्र धागे से बाँधा जाए: विपक्ष का छोटा पंडित

क्या अगर कोई व्यक्ति अपने ब्लूटूथ डिवाइस का नाम 'डोनाल्ड ट्रम्प' रख लेना तो यह माना जाए कि वह यहाँ दिल्ली के साकेत में अपने चार बाई चार के कमरे में बैठे-बैठे अमेरिका के राष्ट्रपति को अपनी उँगलियों पर नचा रहा है?

ईवीएम की महिमा अपरम्पार है। ईवीएम महान है। ईवीएम आज किसी भी समयकाल में सबसे ज्यादा चर्चा में है क्योंकि इसे लेकर तरह-तरह के दावे हो रहे हैं। इन दावों को सुन कर लगता है कि जैसे ये मशीन न होकर कोई किसी रोबोट रूपी देवता का अवतार हो। जैसे भवान विष्णु ने राम के रूप में धरती पर क़दम रखा था और उनके विश्वस्त शेषनाग ने लक्षमण के नाम से अवतरित होकर उनके छोटे भाई का किरदार अदा किया था, ठीक वैसे ही मोदी और ईवीएम का भी कोई रिश्ता है। हो सकता है मोदी भी किसी ऐसे देवता के अवतार हों, जिनके विश्वस्त और वफ़ादार ने ईवीएम का रूप लेकर धरा पर क़दम रखा हो। मोदी और ईवीएम के रिश्ते समझने के लिए विपक्षी नेताओं के दावों, बयानों और डर को समझना पड़ेगा। मोदी न तो वैज्ञानिक हैं और न ही कोई तकनीकी विशेषज्ञ, फिर भी ईवीएम उनके इशारों पर नाचता है।

एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार अभी देश के सबसे वरिष्ठ, अनुभवी और माहिर नेताओं में से एक रहे हैं। अगर वो कुछ कहते हैं तो ध्यान से सुना जाना चाहिए। पिछले पॉंच दशकों से भी अधिक समय से देश की चुनावी राजनीति में सक्रिय पवार ने बारामती में वोट गिराने के बाद एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि एक्सपेरिमेंट के तौर पर हैदराबाद में ‘कुछ लोगों’ ने उनके सामने एक ईवीएम रखा और वोट डालने को कहा। जब उन्होंने अपनी पार्टी का बटन दबाया तो वोट भाजपा को चला गया। अब ‘कुछ लोगों’ ने पवार के सामने ‘क्या’ पेश किया था, ये तो वो ही लोग जानें, लेकिन एक बात तो साफ़ है कि पवार को दक्षिण मुंबई संसदीय क्षेत्र में ऐसी कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा होगा।

पवार ने साउथ मुंबई लोकसभा क्षेत्र में मतदान किया। यहाँ न तो एनसीपी के प्रत्याशी खड़े हैं और न ही भाजपा के। इस सीट पर लड़ाई शिवसेना के अरविन्द गणपत सावंत और कॉन्ग्रेस के मिलिंद देवड़ा में है। पवार को निश्चिन्त रहना चाहिए क्योंकि साउथ मुंबई में उनका वोट भाजपा को जा ही नहीं सकता है। आगे बढ़ते हैं। कभी वाईफाई से ईवीएम हैक करने की बात कही गई, तो कभी ब्लूटूथ से ईवीएम को नियंत्रित करने की अफवाह उड़ी। क्या अगर कोई व्यक्ति अपने ब्लूटूथ डिवाइस का नाम ‘डोनाल्ड ट्रम्प’ रख लेना तो यह माना जाए कि वह यहाँ दिल्ली के साकेत में अपने चार बाई चार के कमरे में बैठे-बैठे अमेरिका के राष्ट्रपति को अपनी उँगलियों पर नचा रहा है?

अगर नियंत्रण करने की ही बात है तो उसके लिए वाईफाई और ब्लूटूथ की ज़रूरत नहीं होती। सोनिया और मनमोहन को ही उदाहरण के तौर पर लिया जा सकता है। ऐसी हैकिंग आज तक नहीं देखी गई। कुछ दिनों बाद हो सकता है कि विपक्ष को ये भी लगने लगे कि मोदी तंत्र साधना कर के ईवीएम को हैक कर रहे हैं। इधर मोदी ने केदारनाथ की गुफा से ध्यान लगाया और उधर ईवीएम के सारे वोट भाजपा को ट्रांसफर। खटैक! तो फिर ऐसे हालात में विपक्ष को क्या करना चाहिए? उपाय क्या है? जब आरोप फ़िल्मी लग रहे हैं तो उपाय भी फ़िल्मी ही होना चाहिए। कहते हैं मंत्र-तंत्र में हर समस्या का समाधान है। क्या पता मोदी ने ईवीएम के भीतर कोई पिशाच छोड़ दिया हो?

- विज्ञापन -

भूल-भुलैया फ़िल्म में ‘छोटा पंडित’ ने महल में भूत को कंट्रोल करने के लिए एक कमरे को विशेष मन्त्रों द्वारा सील करने की कोशिश की थी। विपक्षी नेताओं को भी कोई ऐसा ही तांत्रिक हायर करना चाहिए, छोटा पंडित की तरह। चुनाव आयोग से माँग की जानी चाहिए कि ईवीएम को मतदान के तुरंत बाद लाल चुनरी में लपेट कर उसे विशेष लॉकेट और पवित्र धागों का प्रयोग कर के सील करना चाहिए, ताकि मोदी द्वारा हायर किए गए भूत-पिशाच वोटों की हेराफेरी न कर सकें। या फिर विज्ञान में विश्वास रखने वाले विपक्ष के नेता भूल-भुलैया के अक्षय कुमार की तरह विदेश से किसी मनोचिकित्सक को बुलाना चाहिए, जो ईवीएम में से इन गड़बड़ियों को दूर कर सके।

चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर अगर आपको विश्वास नहीं है तो कुछ लीक से हटकर उपाय करने पड़ेंगे। अगर ईवीएम सेक्युलर है और वामपंथियों को मंत्र-तंत्रों में विश्वास नहीं है तो अजमेर शरीफ दरगाह से ताबीज़ लाकर उसे बाँधा जा सकता है। चुनाव आयोग को एक ज्ञापन दिया जाना चाहिए कि प्रत्येक ईवीएम को प्रयोग किए जाने से पहले जामा मस्जिद के इमाम और देवबंद के मुफ़्ती से सभी मशीनों का प्रमाणीकरण कराना चाहिए, इससे मतगणना के समय किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ कर सम्बंधित फतवा जारी किया जा सकता है। अधिक सेक्युलर वामपंथी यह माँग कर सकते हैं कि चुनाव से पहले मतदानकर्मियों द्वारा ईवीएम लेकर चर्च में ‘वैसा वाला’ पागलपन किया जाए, जिसके वीडिओज़ अक्सर वायरल होते रहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन्हें बार-बार निराश किया जा रहा है। ‘सबसे बड़े दलित नेता’ उदित राज ने तो सुप्रीम कोर्ट को ही खरी-खोटी सुनाई है। चुनाव आयोग तो भला कई दिनों से इनकी गालियाँ खा रहा है। जिस चुनाव आयोग की विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा होती है, उसी चुनाव आयोग की अपने ही देश में हर मिनट आलोचना हो रही है, आरोप लगाए जा रहे हैं और अफवाहें उड़ाई जा रही हैं। चुनाव आयोग द्वारा लाख समझाने के बावजूद विधानसभा में खिलौनों को हैक कर ईवीएम को हैक करने का दावा करने वाले नेता अड़े हुए हैं। फिर उपाय ही क्या बचता है? नकाबपोश सूजा ईवीएम को लेकर अजीबोगरीब दावे कर ईवीएम एक्सपर्ट बन बैठा है।

अगर इतनी गंभीर और तथ्यपरक बातें उन्हें समझ नहीं आ रही हैं तो इसका सीधा अर्थ है कि विपक्षी नेताओं को लगता है कि कुछ अजीब हुआ है। हो सकता है उन्होंने ‘तिरंगा’ फ़िल्म देख रखी हो। गैंडास्वामी की मिसाइलों का फ्यूज निकाल कर राजकुमार ने दुश्मन के इरादों को तबाह कर दिया था। कहीं मोदी भी कुछ ऐसा ही तो नहीं कर रहे? कहीं वो मतदान के बाद डायरेक्ट ईवीएम के सारे फ्यूज ही तो नहीं निकाल लेते हैं, तिरंगा वाले राजकुमार की तरह। या फिर ऐसे विपक्षी नेता, जिन्हें वीवीपैट पर भी विश्वास नहीं है और वो अलग ही लेवल पर पहुँच चुके हैं, उनके लिए आयोग को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए।

ऐसे नेताओं को ईवीएम का नट-बोल्ट खोलने के लिए पेचकस और पिलास दे देना चाहिए ताकि वे वोट देने के बाद ईवीएम को खोलें और अंदर झाँक कर देख सकें कि आख़िर उनका वोट गया कहाँ, किस पार्टी को गया। ये नेता वोट देने के बाद ईवीएम को खोलेंगे, झाँक कर देख लेंगे कि उनका वोट इच्छित पार्टी को गया है या नहीं और फिर उसे वापस पेचकस से कस सकते हैं। नेताओं को लगता है कि ईवीएम के भीतर तार हैं और वो तार सीधे मोदी से जुड़े हुए हैं। कहावत सच्चाई का रूप ले रही है। छोटा पंडित वाला उपाय किया जाए, मजार से ताबीजें लाई जाए या फिर ये तिरंगा वाला मामला है, ये तो समय विपक्षी नेताओं को ही तय करना चाहिए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

टाइम्स में शामिल ‘दादी’ की सराहना जरूर कीजिए, आखिर उनको क्या पता था शाहीन बाग का अंजाम, वो तो देश बचाने निकली थीं!

आज उन्हें टाइम्स ने साल 2020 की 100 सबसे प्रभावशाली शख्सियतों की सूची में शामिल कर लिया है। खास बात यह है कि टाइम्स पर बिलकिस को लेकर टिप्पणी करने वाली राणा अय्यूब स्वयं हैं।

मेरी झोरा-बोरा की औकात, मौका मिले तो चुनाव लड़ने का निर्णय लूँगा, लोगों की सेवा के लिए राजनीति में आऊँगा: पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय

मैंने अभी कोई पार्टी ज्वाइन करने का ऐलान तो नहीं किया। मैं चुनाव लड़ूँगा, यह भी कहीं नहीं कहा। इस्तीफा तो दे दिया। चुनाव लड़ना कोई पाप है?

‘बोतल डॉन’ खान मुबारक की 20 दुकान वाले कॉम्प्लेक्स पर चला योगी सरकार का बुलडोजर: करोड़ों की स्कॉर्पियो, जेसीबी, डंपर भी जब्त

माफिया सरगना के नेटवर्क को ध्वस्त करने के क्रम में फरार चल रहे खान मुबारक के करीबी शातिर बदमाश परवेज की मखदूमपुर गाँव स्थित करीब 50 लाख की संपत्ति को अंबेडकर नगर पुलिस द्वारा ध्वस्त कर दिया गया।

विदेशी लेखक वीजा पर यहाँ आता है और भारत के ही खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाता है: वीजा रद्द करने की माँग

मोनिका अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि स्कॉटिश लेखक विलयम डेलरिम्पल लगातार जानबूझ कर यहाँ के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं।

‘सुशांत को थी ड्रग्स की लत, अपने करीबी लोगों का फायदा उठाता था’ – बेल के लिए रिया चक्रवर्ती ने कहा

"सुशांत सिंह राजपूत ड्रग्स लेते थे। वह अपने स्टाफ को ड्रग्स खरीद कर लाने के लिए कहते थे। वो जीवित होते, तो उन पर ड्रग्स लेने का आरोप..."

बच्चे को मोलेस्ट किया, पता ही नहीं था सेक्सुअलिटी क्या होती है: अनुराग कश्यप ने स्वीकारा, शब्दों से पाप छुपाने की कोशिश

कैसे अनुराग कश्यप पर पायल घोष के यौन शोषण के आरोपों के बावजूद खुद को फेमनिस्ट कहने वाले गैंग के एक भी व्यक्ति ने पायल का समर्थन नहीं किया।

प्रचलित ख़बरें

नेपाल में 2 km भीतर तक घुसा चीन, उखाड़ फेंके पिलर: स्थानीय लोग और जाँच करने गई टीम को भगाया

चीन द्वारा नेपाल की जमीन पर कब्जा करने का ताजा मामला हुमला जिले में स्थित नामखा-6 के लाप्चा गाँव का है। ये कर्णाली प्रान्त का हिस्सा है।

शो नहीं देखना चाहते तो उपन्यास पढ़ें या फिर टीवी कर लें बंद: ‘UPSC जिहाद’ पर सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़

'UPSC जिहाद' पर रोक को लेकर हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि जिनलोगों को परेशानी है, वे टीवी को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं।

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

आफ़ताब दोस्तों के साथ सोने के लिए बनाता था दबाव, भगवान भी आलमारी में रखने पड़ते थे: प्रताड़ना से तंग आकर हिंदू महिला ने...

“कई बार मेरे पति आफ़ताब के द्वारा मुझपर अपने दोस्तों के साथ हमबिस्तर होने का दबाव बनाया गया लेकिन मैं अडिग रहीं। हर रोज मेरे साथ मारपीट हुई। मैं अपना नाम तक भूल गई थी। मेरा नाम तो हरामी और कुतिया पड़ गया था।"

‘शिव भी तो लेते हैं ड्रग्स, फिल्मी सितारों ने लिया तो कौन सी बड़ी बात?’ – लेखिका का तंज, संबित पात्रा ने लताड़ा

मेघना का कहना था कि जब हिन्दुओं के भगवान ड्रग्स लेते हैं तो फिर बॉलीवुड सेलेब्स के लेने में कौन सी बड़ी बात हो गई? संबित पात्रा ने इसे घृणित करार दिया।

पूनम पांडे का पति है सैम अहमद, 11 दिन पहले ही दोनों ने की शादी… अब मोलेस्टेशन, मारपीट करने में गिरफ्तार

पूनम पांडे की शिकायत के बाद उनके पति सैम अहमद बॉम्बे को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनका अब मेडिकल टेस्‍ट होना है, जिसके बाद सैम को...

यूपी में माफियाओं पर ताबड़तोड़ एक्शन जारी: अब मुख्तार अंसारी गिरोह के नजदीकी रजनीश सिंह की 39 लाख की संपत्ति जब्त

योगी सरकार ने मुख्तार अंसारी गिरोह आईएस 191 के नजदीकी व मन्ना सिंह हत्याकांड में नामजद हिस्ट्रीशीटर एवं पूर्व सभासद रजनीश सिंह की 39 लाख रुपए की सम्पत्ति गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त की है।

जम्मू कश्मीर में नहीं थम रहा बीजेपी नेताओं की हत्या का सिलसिला: अब BDC चेयरमैन की आतंकियों ने की गोली मार कर हत्या

मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में बीजेपी बीडीसी खग के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह को कथित तौर पर आतंकियों ने उनके घर पर ही हमला करके जान से मार दिया।

बनारस की शिवांगी बनी राफेल की पहली महिला फाइटर पायलट: अम्बाला में ले रही हैं ट्रेंनिंग, पिता ने जताई ख़ुशी

शिवांगी की सफलता पर न केवल घरवालों, बल्कि पूरे शहर को नाज हो रहा है। काशी में पली-बढ़ीं और BHU से पढ़ीं शिवांगी राफेल की पहली फीमेल फाइटर पायलट बनी हैं।

दिल्ली दंगा केस में राज्य विधानसभा पैनल को झटका: SC ने दिया फेसबुक को राहत, कहा- 15 अक्टूबर तक कोई कार्रवाई नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक के वाइस प्रेसिडेंट अजित मोहन के खिलाफ 15 अक्टूबर तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने का आदेश दिया है।

प्रभावी टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, सर्विलांस, स्पष्ट मैसेजिंग पर फोकस और बढ़ाना होगा: खास 7 राज्यों के CM के साथ बैठक में PM मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि देश में 700 से अधिक जिले हैं, लेकिन कोरोना के जो बड़े आँकड़े हैं वो सिर्फ 60 जिलों में हैं, वो भी 7 राज्यों में। मुख्यमंत्रियों को सुझाव है कि एक 7 दिन का कार्यक्रम बनाएँ और प्रतिदिन 1 घंटा दें।

टाइम्स में शामिल ‘दादी’ की सराहना जरूर कीजिए, आखिर उनको क्या पता था शाहीन बाग का अंजाम, वो तो देश बचाने निकली थीं!

आज उन्हें टाइम्स ने साल 2020 की 100 सबसे प्रभावशाली शख्सियतों की सूची में शामिल कर लिया है। खास बात यह है कि टाइम्स पर बिलकिस को लेकर टिप्पणी करने वाली राणा अय्यूब स्वयं हैं।

मेरी झोरा-बोरा की औकात, मौका मिले तो चुनाव लड़ने का निर्णय लूँगा, लोगों की सेवा के लिए राजनीति में आऊँगा: पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय

मैंने अभी कोई पार्टी ज्वाइन करने का ऐलान तो नहीं किया। मैं चुनाव लड़ूँगा, यह भी कहीं नहीं कहा। इस्तीफा तो दे दिया। चुनाव लड़ना कोई पाप है?

दिल्ली बार काउंसिल ने वकील प्रशांत भूषण को भेजा नोटिस: 23 अक्टूबर को पेश होने का निर्देश, हो सकती है बड़ी कार्रवाई

दिल्ली बार काउंसिल (BCD) ने विवादास्पद वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के मद्देनजर 23 अक्टूबर को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया है।

NCB ने ड्रग्स मामले में दीपिका, सारा अली खान, श्रद्धा समेत टॉप 4 हीरोइन को भेजा समन, जल्द होगी पूछताछ

रिया चक्रवर्ती से पूछताछ के दौरान दीपिका, दीया, सारा अली खान, रकुलप्रीत सिंह और श्रद्धा कपूर का नाम सामने आया था। दीया का नाम पूछताछ के दौरान ड्रग तस्कर अनुज केशवानी ने लिया था।

‘बोतल डॉन’ खान मुबारक की 20 दुकान वाले कॉम्प्लेक्स पर चला योगी सरकार का बुलडोजर: करोड़ों की स्कॉर्पियो, जेसीबी, डंपर भी जब्त

माफिया सरगना के नेटवर्क को ध्वस्त करने के क्रम में फरार चल रहे खान मुबारक के करीबी शातिर बदमाश परवेज की मखदूमपुर गाँव स्थित करीब 50 लाख की संपत्ति को अंबेडकर नगर पुलिस द्वारा ध्वस्त कर दिया गया।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
77,889FollowersFollow
323,000SubscribersSubscribe
Advertisements