Sunday, May 16, 2021
Home विविध विषय धर्म और संस्कृति देवी की साड़ियों पर अर्चक का अधिकार, फिर भी पुलिस ने किया झूठे आरोप...

देवी की साड़ियों पर अर्चक का अधिकार, फिर भी पुलिस ने किया झूठे आरोप में गिरफ्तार

रंगराजन ने अपने लेख में यह स्पष्ट किया कि मंदिरों के धार्मिक प्रमुखों के तौर पर अर्चकों का ऐसा अपमान बिलकुल अस्वीकार्य है। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता और चिलकुर बालाजी मंदिर के अर्चक की हैसियत के अलावा अपनी अध्यक्षता वाले Temples Protection Movement के तौर पर भी.....

हैदराबाद से सटे सिकंदराबाद स्थित संतोषीमाता मंदिर के अर्चक श्री बी रामशर्मा के पक्ष में राज्य के जाने-माने चिलकुर बालाजी मंदिर के अर्चक सीएस रंगराजन उतर आए हैं। रामशर्मा को देवी की साड़ियाँ ‘चुराने’ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। रंगराजन ने पोर्टल PGurus पर लिखे अपने लेख में यह स्पष्ट किया कि न केवल मंदिर की धार्मिक परम्पराओं के अनुसार स्वर्ण-रजत (सोने-चाँदी) के अलावा बाकी चढ़ावे पर अंतिम अधिकार अर्चक का होता है, बल्कि इस परम्परा को Endowments Act का भी समर्थन है, जिसके अंतर्गत मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन होता है।

सहायक को “पकड़ा” था 42 साड़ियों के साथ

स्थानीय मीडिया के अनुसार रामशर्मा के सहायक बाबूराव को सावन के महीने में माता को चढ़ी 42 साड़ियाँ रामशर्मा के घर ले जाते हुए मंदिर के पूर्व अध्यक्ष राय वेंकटेश और ट्रस्टी राम मोहन ने “पकड़ा” था। उन्होंने गोपालपुरम थाने की पुलिस को बुला कर बाबूराव को उनके हवाले कर दिया था। साथ ही कुछ मीडिया पोर्टलों ने रिपोर्टिंग के सभी मानकों और मूल्यों का हनन करते हुए “आरोपित”, “accused” आदि का प्रयोग किए बगैर सीधे-सीधे रामशर्मा को “चोर” घोषित करते हुए शीर्षक से खबर चला दी थी।

Endowments Act, Section 144 के संशोधन को क्यों नहीं किया गया है लागू?

मामले में पुलिस और सरकार की ओर से अनियमितताओं की पूरी फेहरिस्त गिनाते हुए चिलकुर बालाजी मंदिर के अर्चक सीएस रंगराजन ने हमला बोले है। उन्होंने जानकारी दी कि Endowments Act के Section 144 को बाकायदा संशोधित किया गया था, ताकि सोने-चाँदी के अतिरिक्त अन्य चढ़ावे पर अर्चक के धार्मिक अधिकार को विधिवत अमली जामा पहनाया जा सके। उन्होंने साथ में जोड़ा कि संशोधन में इसे हर मंदिर में लागू करने के तरीके को इस संशोधन के अनुमोदन के समय तय होना था, लेकिन कभी इस संशोधन को अमल में लाया ही नहीं गया। इसी से यह भ्रामक स्थिति उत्पन्न हुई है कि अर्चक को चढ़ावे की साड़ियों पर अधिकार तो है (कानूनी भी, और धार्मिक रूप से भी), लेकिन इस अधिकार के लिए विधिवत तरीका स्थापित नहीं है।

रंगराजन ने अर्चक पर झूठे आरोप को दुर्भाग्यपूर्ण और पुलिस के अधिकार-क्षेत्र के बाहर बताते हुए पुलिस पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने राज्य के Endowments विभाग से दो सवाल भी पूछे:

1) अगर कानून यह कहता है कि देवी को चढ़ाई गई साड़ियों पर अर्चक का अधिकार है तो क्या उन साड़ियों की चोरी का मुकदमा विभाग अर्चक रामशर्मा के खिलाफ करेगा?

2) क्या विभाग कम-से-कम अब जाकर मंदिरों के धार्मिक प्रमुखों यानि अर्चकों की सेवा शर्तों पर स्थिति स्पष्ट करेगा?

रंगराजन ने अपने लेख में यह स्पष्ट किया कि मंदिरों के धार्मिक प्रमुखों के तौर पर अर्चकों का ऐसा अपमान बिलकुल अस्वीकार्य है। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता और चिलकुर बालाजी मंदिर के अर्चक की हैसियत के अलावा अपनी अध्यक्षता वाले Temples Protection Movement के तौर पर भी श्री बी रामशर्मा का निलंबन समाप्त करने और उनको उनके पद पर दोबारा ससम्मान स्थापित किए जाने की माँग की। साथ ही उन्होंने अर्चक को उनके द्वारा उठाई गई परेशानी के लिए मुआवजा दिए जाने की भी माँग की।

इसीलिए ज़रूरी है मंदिरों को सरकारी चंगुल से मुक्त करना

Endowments Act में हुए संशोधन को सरकारी तंत्र द्वारा अब तक न लागू करना ही इस स्थिति का कारण है, जहाँ एक बेगुनाह अर्चक को अपने कानूनी और धार्मिक अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए न केवल अपमानित होना पड़ रहा है, बल्कि जेल की हवा भी खानी पड़ रही है। यह मामला इस बात को और ज़्यादा रेखांकित करता है कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करना क्यों ज़रूरी है।

गौरतलब है कि हिन्दू समाज 1954 में शिरूर मठ के जबरन अधिग्रहण के समय से इस बात को लेकर आंदोलनरत है कि हिन्दू मंदिरों में सरकारी हस्तक्षेप न हो; उन्हें वैसे ही स्थानीय और श्रद्धालु-संचालन के लिए दिया जाए जैसे ईसाईयों, मजहब विशेष आदि को यह आज़ादी है। इसी प्रकार की सरकारी उदासीनता के चलते होता यह है कि एक ओर मंदिरों की आय लाखों-करोड़ों (यहाँ तक कि कई बार अरबों) में होती है, और दूसरी ओर मंदिरों के पुजारी/अर्चक और अन्य स्टाफ को कई बार ₹750, ₹1000 से लेकर ₹10,000 जैसी नाकाफी ही नहीं बल्कि अपमानजनक राशियाँ वेतन के रूप में मिलतीं हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

इजराइली एयर स्ट्राइक में 42 मरे, गाजा शहर के तीन बिल्डिंग खाक: अघोषित युद्ध के सातवें दिन हमास चीफ के घर पर बरसे बम

ताजा इजरायली एयर स्ट्राइक में तीन इमारतें तबाह हुईं और लगभग 42 लोग मारे गए। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच लड़ाई चलती रहेगी।

57 इस्लामिक देशों वाले OIC की आपात बैठक, ईरान के कहने पर एकजुट हुए मुस्लिम देश: इजरायल को दी गई चेतावनी

इजरायल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष के बीच हमास के शीर्ष नेता इस्माइल हनीयेह ने कहा था कि विरोध बंद नहीं होगा और विरोध ही येरुशलम का एक मात्र रास्ता है।

केजरीवाल सरकार द्वारा मौत के आँकड़ों में बड़ा हेर-फेर, पिछले 24 दिनों में 4500 से अधिक Covid मौतें रिकॉर्ड से गायब: रिपोर्ट

देश में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के बीच पिछले 24 दिनों में दिल्ली सरकार द्वारा 4500 कोविड -19 मौत के मामले दर्ज नहीं किए गए हैं।

CM खट्टर के विरोध में किसानों ने तोड़े बैरिकेड्स: लाठीचार्ज, राकेश टिकैत ने दी धमकी- ‘अब UP में BJP को हरवाएँगे’

सीएम खट्टर ने प्रदर्शनकारी किसानों से वापस जाने की अपील करते हुए कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के प्रयासों को मजबूत करने की अपील भी की।

भाग गया AAP नेता, पीछे पड़ी दिल्ली पुलिस: वैक्सीन निर्यात के विरोध में पोस्टर मामला, गरीबों को लालच दे बैनर लगवा रही पार्टी

बैनर लगाने वाले एक व्यक्ति राहुल त्यागी ने बताया कि उसे आम आदमी पार्टी के पार्षद धीरेन्द्र कुमार के ऑफिस से 11 मई को 20 बैनर दिए गए।

जिस अंग्रेज की बीवी के लिए PM नेहरू ने भेजा था इंडियन नेवी का जहाज, उसके लेटर-डायरी पर इंग्लैंड ने लगाई रोक

जवाहरलाल नेहरू के जीवनीकार स्टेनली वॉलपर्ट ने अपनी किताब ‘नेहरू: अ ट्राइस्ट विद डेस्टिनी’ में बताया कि माउंटबेटन के नाती...

प्रचलित ख़बरें

ईद पर 1 पुलिस वाले को जलाया जिंदा, 46 को किया घायल: 24 घंटे के भीतर 30 कट्टरपंथी मुस्लिमों को फाँसी

ईद के दिन मुस्लिम कट्टरपंथियों ने 1 पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की, उन्हें जिंदा जला दिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 को मौत की सजा।

पैगंबर मोहम्मद की दी दुहाई, माँगा 10 मिनट का समय: अल जजीरा न्यूज चैनल बिल्डिंग के मालिक को अनसुना कर इजरायल ने की बमबारी

इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि बिल्डिंग का मालिक इजरायल के अधिकारी से 10 मिनट का वक्त माँगता है। वो कहता है कि चार लोग बिल्डिंग के अंदर कैमरा और बाकी उपकरण लेने के लिए अंदर गए हैं, कृपया तब तक रुक जाएँ।

ईद में नंगा नाच: 42 सदस्यीय डांस ग्रुप की लड़कियों को नंगा नचाया, 800 की भीड़ ने खंजर-कुल्हाड़ी से धमकाया

जब 42-सदस्यीय ग्रुप वहाँ पहुँचा तो वहाँ ईद के सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसा कोई माहौल नहीं था। जब उन्होंने कुद्दुस अली से इस बारे में बात की तो वह उन्हें एक संदेहास्पद स्थान पर ले गया जो हर तरफ से लोहे की चादरों से घिरा हुआ था। यहाँ 700-800 लोग लड़कियों को घेर कर खंजर से...

इजरायली सेना ने अल जजीरा की बिल्डिंग को बम से उड़ाया, सिर्फ 1 घंटे की दी थी चेतावनी: Live Video

गाजा में इजरायली सेना द्वारा अल जजीरा मीडिया हाउस की बिल्डिंग पर हमला किया गया है। यह बिल्डिंग पूरी तरह ध्वस्त हो गई है।

इजरायल के विरोध में पूर्व पोर्न स्टार मिया खलीफा: ट्वीट कर बुरी तरह फँसीं, ‘किसान’ प्रदर्शन वाला ‘टूलकिट’ मामला

इजरायल और फिलिस्तीनी आंतकियों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पूर्व पोर्न-स्टार मिया खलीफा ने गलती से इजरायल के विरोध में...

बड़े युद्ध की तैयारी में चीन! ताइवान से चल रहे तनाव के बीच सामने आया युद्धाभ्यास का वीडियो

वीडियो में चीन का 40,000 टन वजनी युद्धपोत ‘टाइप 075’ देखा गया जो एक साथ 30 हेलिकॉप्टर और 1,000 सैनिकों को ले जाने की क्षमता रखता है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,377FansLike
94,998FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe