Tuesday, September 22, 2020
Home विविध विषय धर्म और संस्कृति देवी की साड़ियों पर अर्चक का अधिकार, फिर भी पुलिस ने किया झूठे आरोप...

देवी की साड़ियों पर अर्चक का अधिकार, फिर भी पुलिस ने किया झूठे आरोप में गिरफ्तार

रंगराजन ने अपने लेख में यह स्पष्ट किया कि मंदिरों के धार्मिक प्रमुखों के तौर पर अर्चकों का ऐसा अपमान बिलकुल अस्वीकार्य है। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता और चिलकुर बालाजी मंदिर के अर्चक की हैसियत के अलावा अपनी अध्यक्षता वाले Temples Protection Movement के तौर पर भी.....

हैदराबाद से सटे सिकंदराबाद स्थित संतोषीमाता मंदिर के अर्चक श्री बी रामशर्मा के पक्ष में राज्य के जाने-माने चिलकुर बालाजी मंदिर के अर्चक सीएस रंगराजन उतर आए हैं। रामशर्मा को देवी की साड़ियाँ ‘चुराने’ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। रंगराजन ने पोर्टल PGurus पर लिखे अपने लेख में यह स्पष्ट किया कि न केवल मंदिर की धार्मिक परम्पराओं के अनुसार स्वर्ण-रजत (सोने-चाँदी) के अलावा बाकी चढ़ावे पर अंतिम अधिकार अर्चक का होता है, बल्कि इस परम्परा को Endowments Act का भी समर्थन है, जिसके अंतर्गत मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन होता है।

सहायक को “पकड़ा” था 42 साड़ियों के साथ

स्थानीय मीडिया के अनुसार रामशर्मा के सहायक बाबूराव को सावन के महीने में माता को चढ़ी 42 साड़ियाँ रामशर्मा के घर ले जाते हुए मंदिर के पूर्व अध्यक्ष राय वेंकटेश और ट्रस्टी राम मोहन ने “पकड़ा” था। उन्होंने गोपालपुरम थाने की पुलिस को बुला कर बाबूराव को उनके हवाले कर दिया था। साथ ही कुछ मीडिया पोर्टलों ने रिपोर्टिंग के सभी मानकों और मूल्यों का हनन करते हुए “आरोपित”, “accused” आदि का प्रयोग किए बगैर सीधे-सीधे रामशर्मा को “चोर” घोषित करते हुए शीर्षक से खबर चला दी थी।

Endowments Act, Section 144 के संशोधन को क्यों नहीं किया गया है लागू?

मामले में पुलिस और सरकार की ओर से अनियमितताओं की पूरी फेहरिस्त गिनाते हुए चिलकुर बालाजी मंदिर के अर्चक सीएस रंगराजन ने हमला बोले है। उन्होंने जानकारी दी कि Endowments Act के Section 144 को बाकायदा संशोधित किया गया था, ताकि सोने-चाँदी के अतिरिक्त अन्य चढ़ावे पर अर्चक के धार्मिक अधिकार को विधिवत अमली जामा पहनाया जा सके। उन्होंने साथ में जोड़ा कि संशोधन में इसे हर मंदिर में लागू करने के तरीके को इस संशोधन के अनुमोदन के समय तय होना था, लेकिन कभी इस संशोधन को अमल में लाया ही नहीं गया। इसी से यह भ्रामक स्थिति उत्पन्न हुई है कि अर्चक को चढ़ावे की साड़ियों पर अधिकार तो है (कानूनी भी, और धार्मिक रूप से भी), लेकिन इस अधिकार के लिए विधिवत तरीका स्थापित नहीं है।

रंगराजन ने अर्चक पर झूठे आरोप को दुर्भाग्यपूर्ण और पुलिस के अधिकार-क्षेत्र के बाहर बताते हुए पुलिस पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने राज्य के Endowments विभाग से दो सवाल भी पूछे:

- विज्ञापन -

1) अगर कानून यह कहता है कि देवी को चढ़ाई गई साड़ियों पर अर्चक का अधिकार है तो क्या उन साड़ियों की चोरी का मुकदमा विभाग अर्चक रामशर्मा के खिलाफ करेगा?

2) क्या विभाग कम-से-कम अब जाकर मंदिरों के धार्मिक प्रमुखों यानि अर्चकों की सेवा शर्तों पर स्थिति स्पष्ट करेगा?

रंगराजन ने अपने लेख में यह स्पष्ट किया कि मंदिरों के धार्मिक प्रमुखों के तौर पर अर्चकों का ऐसा अपमान बिलकुल अस्वीकार्य है। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता और चिलकुर बालाजी मंदिर के अर्चक की हैसियत के अलावा अपनी अध्यक्षता वाले Temples Protection Movement के तौर पर भी श्री बी रामशर्मा का निलंबन समाप्त करने और उनको उनके पद पर दोबारा ससम्मान स्थापित किए जाने की माँग की। साथ ही उन्होंने अर्चक को उनके द्वारा उठाई गई परेशानी के लिए मुआवजा दिए जाने की भी माँग की।

इसीलिए ज़रूरी है मंदिरों को सरकारी चंगुल से मुक्त करना

Endowments Act में हुए संशोधन को सरकारी तंत्र द्वारा अब तक न लागू करना ही इस स्थिति का कारण है, जहाँ एक बेगुनाह अर्चक को अपने कानूनी और धार्मिक अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए न केवल अपमानित होना पड़ रहा है, बल्कि जेल की हवा भी खानी पड़ रही है। यह मामला इस बात को और ज़्यादा रेखांकित करता है कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करना क्यों ज़रूरी है।

गौरतलब है कि हिन्दू समाज 1954 में शिरूर मठ के जबरन अधिग्रहण के समय से इस बात को लेकर आंदोलनरत है कि हिन्दू मंदिरों में सरकारी हस्तक्षेप न हो; उन्हें वैसे ही स्थानीय और श्रद्धालु-संचालन के लिए दिया जाए जैसे ईसाईयों, मुसलमानों आदि को यह आज़ादी है। इसी प्रकार की सरकारी उदासीनता के चलते होता यह है कि एक ओर मंदिरों की आय लाखों-करोड़ों (यहाँ तक कि कई बार अरबों) में होती है, और दूसरी ओर मंदिरों के पुजारी/अर्चक और अन्य स्टाफ को कई बार ₹750, ₹1000 से लेकर ₹10,000 जैसी नाकाफी ही नहीं बल्कि अपमानजनक राशियाँ वेतन के रूप में मिलतीं हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

शो नहीं देखना चाहते तो उपन्यास पढ़ें या फिर टीवी कर लें बंद: ‘UPSC जिहाद’ पर सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़

'UPSC जिहाद' पर रोक को लेकर हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि जिनलोगों को परेशानी है, वे टीवी को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं।

D मतलब दीपिका पादुकोण ही, तलब करने की तैयारी में एनसीबी, मैनेजर को पहले ही भेज चुकी है समन

कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि ड्रग चैट जिन लोगों के बीच बात हो रही थी, उसमें D का मतलब दीपिका पादुकोण ही है।

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

सेना में महिलाओं को नया मोर्चा: नौसेना के युद्धपोत पर पहली बार तैनाती, राफेल भी उड़ाएँगी

राफेल स्क्वाड्रन में अब एक महिला पायलट की भी एंट्री हुई है। वहीं नौसेना ने पहली बार दो महिला अधिकारियों को युद्धपोत पर तैनात किया है।

₹1100 अरब सिर्फ एक साल में, दाऊद का Pak फाइनेंसर अल्ताफ ऐसे करता है आतंक और ड्रग तस्करों की फंडिंग

“अल्ताफ खनानी तालिबान के साथ लेन-देन के मामले में शामिल था। लश्कर-ए-तैय्यबा, दाऊद इब्राहिम, अल कायदा और जैश-ए-मोहम्मद से भी संबंध थे।”

ठुड्डी के बगल में 1.5 इंच छेद, आँख-नाक से खून; हाथ मुड़े: आखिर दिशा सालियान के साथ क्या हुआ था?

दिशा सालियान की मौत को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब एंबुलेंस ड्राइवर ने उनके शरीर पर गहरे घाव देखने का दावा किया है।

प्रचलित ख़बरें

‘उसने अपने C**k को जबरन मेरी Vagina में डालने की कोशिश की’: पायल घोष ने अनुराग कश्यप पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

“अगले दिन उसने मुझे फिर से बुलाया। उन्होंने कहा कि वह मुझसे कुछ चर्चा करना चाहते हैं। मैं उसके यहाँ गई। वह व्हिस्की या स्कॉच पी रहा था। बहुत बदबू आ रही थी। हो सकता है कि वह चरस, गाँजा या ड्रग्स हो, मुझे इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है लेकिन मैं बेवकूफ नही हूँ।”

संघी पायल घोष ने जिस थाली में खाया उसी में छेद किया – जया बच्चन

जया बच्चन का कहना है कि अनुराग कश्यप पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाकर पायल घोष ने जिस थाली में खाया, उसी में छेद किया है।

व्हिस्की पिलाते हुए… 7 बार न्यूड सीन: अनुराग कश्यप ने कुबरा सैत को सेक्रेड गेम्स में ऐसे किया यूज

पक्के 'फेमिनिस्ट' अनुराग पर 2018 में भी यौन उत्पीड़न तो नहीं लेकिन बार-बार एक ही तरह का सीन (न्यूड सीन करवाने) करवाने का आरोप लग चुका है।

प्रेगनेंसी टेस्ट की तरह कोरोना जाँच: भारत का ₹500 वाला ‘फेलूदा’ 30 मिनट में बताएगा संक्रमण है या नहीं

दिल्ली की टाटा CSIR लैब ने भारत की सबसे सस्ती कोरोना टेस्ट किट विकसित की है। इसका नाम 'फेलूदा' रखा गया है। इससे मात्र 30 मिनट के भीतर संक्रमण का पता चल सकेगा।

कहाँ गायब हुए अकाउंट्स? सोनू सूद की दरियादिली का उठाया फायदा या फिर था प्रोपेगेंडा का हिस्सा

सोशल मीडिया में एक नई चर्चा के तूल पकड़ने के बाद कई यूजर्स सोनू सूद की मंशा सवाल उठा रहे हैं। कुछ ट्विटर अकाउंट्स अचानक गायब होने पर विवाद है।

माही, ऋचा, हुमा… 200 से भी ज्यादा लड़कियों से मेरे संबंध रहे हैं: पायल घोष का दावा- अनुराग कश्यप ने खुद बताया था

पायल घोष ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि अनुराग कश्यप के 200 लड़कियों से संबंध थे और अब यह संख्या 500 से ज्यादा हो सकती है।

शो नहीं देखना चाहते तो उपन्यास पढ़ें या फिर टीवी कर लें बंद: ‘UPSC जिहाद’ पर सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़

'UPSC जिहाद' पर रोक को लेकर हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि जिनलोगों को परेशानी है, वे टीवी को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं।

D मतलब दीपिका पादुकोण ही, तलब करने की तैयारी में एनसीबी, मैनेजर को पहले ही भेज चुकी है समन

कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि ड्रग चैट जिन लोगों के बीच बात हो रही थी, उसमें D का मतलब दीपिका पादुकोण ही है।

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

ऑपइंडिया का असर: ‘UN लिंक्ड’ संगठन से प्रशंसा-पत्र मिलने वाला ट्वीट TMC ने डिलीट किया

ऑपइंडिया की स्टोरी के बाद, तृणमूल कॉन्ग्रेस ने बंगाल सरकार को मिले प्रशंसा-पत्र वाला ट्वीट चुपके से डिलीट कर दिया है।

‘क्या तुम्हारे पास माल है’: सामने आई बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस के बीच हुई ड्रग चैट

कुछ बड़े बॉलीवुड सितारों के बीच की ड्रग चैट सामने आई है। इसमें वे खुलकर ड्रग्स के बारे में बात कर रहे हैं।

सेना में महिलाओं को नया मोर्चा: नौसेना के युद्धपोत पर पहली बार तैनाती, राफेल भी उड़ाएँगी

राफेल स्क्वाड्रन में अब एक महिला पायलट की भी एंट्री हुई है। वहीं नौसेना ने पहली बार दो महिला अधिकारियों को युद्धपोत पर तैनात किया है।

₹1100 अरब सिर्फ एक साल में, दाऊद का Pak फाइनेंसर अल्ताफ ऐसे करता है आतंक और ड्रग तस्करों की फंडिंग

“अल्ताफ खनानी तालिबान के साथ लेन-देन के मामले में शामिल था। लश्कर-ए-तैय्यबा, दाऊद इब्राहिम, अल कायदा और जैश-ए-मोहम्मद से भी संबंध थे।”

महाराष्ट्र के धुले से लेकर यूपी के कानपुर तक, किसान ऐसे कर रहे हैं कृषि बिलों का समर्थन

कृषि सुधार बिलों पर कॉन्ग्रेस इकोसिस्टम के प्रोपेगेंडा के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों के किसान इसका समर्थन कर रहे हैं।

रोहिणी सिंह, रबी में भी होता है धान: यह PM पर तंज कसने से नहीं, जमीन पर उतरने से पता चलता है

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलावा तमिलनाडु में भी रबी सीजन में बड़े स्तर पर धान की खेती की जाती है। इस साल अक्टूबर-नवंबर में सरकार 75 लाख टन 'रबी राइस' के खरीद की योजना बना रही है।

प्रशांत महासागर में अमेरिकी नौसैनिक बेस पर चीन के H-6 ने बरसाए बम? PLAAF ने जारी किया हमले का नकली Video

चीन ने प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए एक नकली वीडियो जारी किया है। इसमें चीनी वायु सेना के परमाणु सक्षम H-6 बॉम्बर्स को प्रशांत महासागर स्थित अमेरिकी नौसैनिक बेस गुआम पर एक बम गिराते दिखाया गया है।

हमसे जुड़ें

263,159FansLike
77,950FollowersFollow
322,000SubscribersSubscribe
Advertisements