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दीपावली से पहले बद्रीनाथ, केदारनाथ और अयोध्या में होंगे PM मोदी: विकास कार्यों का लेंगे जायजा, राम की पैड़ी पर दीपोत्सव में भी होंगे शामिल

दीपावली की पूर्व संध्या पर पीएम मोदी अयोध्या में होंगे। वे रामलला का दर्शन करेंगे। सरयू घाट पर आरती में शामिल होंगे। दीपोत्सव के साक्षी बनेंगे।

प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी दीपावली सैनिकों के साथ मनाते रहे हैं। इस बार भी वे 24 अक्टूबर को सैनिकों के साथ रहेंगे। उससे पहले वे बद्रीनाथ, केदारनाथ और अयोध्या जाएँगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) छोटी दिवाली (23 अक्टूबर 2022) पर अयोध्या जाएँगे। वे रामलला का दर्शन और उनकी पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर निर्माण के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

अयोध्या में छोटी दिवाली पर पीएम मोदी का कार्यक्रम शाम 4.55 बजे शुरू होगा और 07.25 बजे खत्म होगा। इस बीच पीएम रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र साइट का दौरा करेंगे। सरयूजी की घाट पर आरती करेंगे। राम की पैड़ी पर पर दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी 21 और 22 अक्टूबर को बद्रीनाथ और केदारनाथ जाएँगे। दर्शन-पूजन के साथ ही वे केदारनाथ में चल रहे विकास परियोजनाओं का निरीक्षण भी करेंगे।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार मंदिर निर्माण पर करीब 1800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। मंदिर साल 2024 के अंत तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। राम मंदिर का पूरा परिसर 70 एकड़ में फैला हुआ है। जिसमें से मंदिर परिसर की 50 एकड़ भूमि पर फैली हरियाली के बीच कई ऐसे वृक्ष भी दिखाई देंगे, जिनका उल्लेख वाल्मीकि रामायण में मिलता है।

मंदिर बनने के बाद भगवान राम के दर्शन करने के लिए भक्तों को 21 फीट ऊँची सीढ़ी चढ़नी होगी, जिसके बाद उन्हें गर्भगृह के दर्शन होंगे। राम मंदिर की नींव तैयार हो चुकी है। मंदिर की 50 नींवों के ऊपर 21 फीट के चबूतरे का पहला लेयर तैयार है। अभी सात लेयर और लगेंगी। हर दिन यहाँ 80 से 100 पत्थरों को लगाया जा रहा है। 

गौरतलब है कि बीते साल दीपावली के मौके पर पीएम मोदी ने अयोध्या के दीपोत्सव का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था,“अभी दो दिन पहले ही अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन पूरी दुनिया ने देखा। आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर पूरे गौरव के साथ बन रहा है। अयोध्या को उसका गौरव वापस मिल रहा है। अब हमारी सांस्कृतिक विरासतों को, आस्था के केन्द्रों को उसी गौरवभाव से देखा जा रहा है, जैसा देखा जाना चाहिए।” इस बार वे स्वयं इसके साक्षी बनने जा रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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