दीपोत्सव 2019: राम मंदिर पर फ़ैसले से पहले ही जगमग होगा अयोध्या, जलेंगे 5.5 लाख दीप

अयोध्या के 16 घाटों को कुछ इस तरह से दीपकों से सजाने की योजना बनाई जा रही है कि ऊपर से देखने पर उसमें भगवान राम की आकृति दिखे। अवध विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग को इस समबन्ध में निर्देश दे दिए गए हैं और डिपार्टमेंट जोर-शोर से इसकी तैयारी में लगा हुआ है।

इस बार अयोध्या में दीपावली कुछ ख़ास होने वाली है। राम मंदिर को लेकर बहुप्रतीक्षित फ़ैसले की सुनवाई पूरी हो गई होगी और लोगों को सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय का इंतजार रहेगा। लेकिन, फ़ैसला आने से पहले ही अयोध्या जगमगा उठेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपोत्सव के लिए सारी तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। कुम्हारों को पहले ही लाखों दिये बनाने के लिए कहा गया था। अब दीपों की संख्या को लेकर आधिकारिक आँकड़ा भी आ गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने बताया है कि दीपोत्सव के दौरान साढ़े 5 लाख दीपक जलाए जाएँगे। तिवारी ने कहा कि इसके लिए तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

आरके तिवारी ने जानकारी दी कि प्रशासन ने उन सभी स्थलों का जायजा लिया है, जहाँ इन दीपकों को जलाया जाना है। उन्होंने इसमें व्यापक जान-भागीदारी की बात कही। इसका अर्थ है कि दीपोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में लोग शामिल होने वाले हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐलान किया है कि इस बार का दीपोत्सव ऐतिहासिक होगा। अकेले ‘राम की पैड़ी’ पर 4 लाख दीपक जलाए जाएँगे। इसके अलावा भरत कुंड और गुप्तारघाट पर भी कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज कराने की पूरी तैयारी है।

इस कार्यक्रम से कुम्हारों की तो बल्ले-बल्ले है। त्योहारों के वक़्त उन्हें रोजगार का नया अवसर मिला है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुम्हार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते नहीं थक रहे। 40 कुम्हार परिवार की आबादी वाले गाँव जयसिंहपुर में सभी परिवारों को क्षमता अनुसार दीपक बनाने का ऑर्डर दिया गया है। कुम्हारों के चाक जगमग हो उठे हैं। इससे चाइनीज झालरों की चकाचौंध कम होगी और दीपक की रौशनी में पूरा अयोध्या नहाएगा। कई कुम्हारों ने यूपी सर्कार को धन्यवाद देते हुए कहा कि दीपोत्सव से काम को नई ज़िंदगी मिली है।

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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ख़ुद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहेंगे। 26 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यक्रम में सरकार सभी मंदिरों, घाटों और घरों में दीपोत्सव का आयोजन कर श्रीराम की जन्मभूमि से विश्व को एक नया सन्देश देना चाहती है। योगी आदित्यनाथ से साफ़ कर दिया है कि अयोध्या सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है और इसे पहचान दिलाना उनका कर्तव्य है। यहाँ पर्यटन को विकसित करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। पिछली बार भी अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था लेकिन इस बार आयोजन की भव्यता कई गुना ज्यादा होगी।

अयोध्या के 16 घाटों को कुछ इस तरह से दीपकों से सजाने की योजना बनाई जा रही है कि ऊपर से देखने पर उसमें भगवान राम की आकृति दिखे। अवध विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग को इस समबन्ध में निर्देश दे दिए गए हैं और डिपार्टमेंट जोर-शोर से इसकी तैयारी में लगा हुआ है। योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को आस्था के मामले में देश का नंबर वन प्रतीक बताया।

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