Friday, July 19, 2024
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डायरेक्टर ने कहा कॉम्प्रोमाइज करो और 3 दिन तक तपती रही बुखार में: सु्ष्मिता सेन की भाभी ने बताई बॉलीवुड की सच्चाई

चारु बताती हैं कि जब उन्होंने बीकानेर छोड़ा तो उनकी आँखों में सपने थे। उन्हें लगता था कि मुंबई जाते ही काम मिल जाएगा और वो हिरोइन बन जाएँगी। हालाँकि, मुंबई में रहना आसान नहीं था। वह बताती हैं कि ये उनके लिए बहुत चुनौती भरा वक्त था। वो मुंबई में किसी को जानती नहीं थीं।

मशहूर टीवी एक्ट्रेस और ब्लॉगर चारू असोपा (Charu Asopa) को भी कास्टिंग काउच से दो-चार होना पड़ा था। इसका उनकी करियर पर इस कदर असर पड़ा कि उन्होंने बॉलीवुड में जाने का ख्वाब ही छोड़ दिया। बताते चलें कि चारू मिस यूनिवर्स रह चुकीं सुष्मिता सेन की भाभी हैं।

चारू टीवी शो ‘देवों के देव महादेव’ में राजकुमारी रेवती ‘मेरे अगने में’ की प्रीति श्रीवास्तव खरे और ‘बालवीर’ में सबसे पसंदीदा अखाती परी के तौर पर हर घर में अपनी पहचान छोड़ चुकी हैं। यूट्यूब पर भी वो खासी सक्रिय हैं। वह पति राजीव सेन के साथ शादी-अलगाव जैसे मुद्दों को लेकर ये खबरों में बनी रहती हैं।

चारू का यहाँ तक का सफर आसान नहीं रहा। इंडस्ट्री में गॉड फादर न होने की वजह से उन्हें भी हर किसी की तरह इस पेशे में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। हाल ही में उन्होंने एक ईटाइम्स के इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है उन्हें भी कास्टिंग काउच का शिकार होना पड़ा।

‘बहुत बड़े प्रोडक्शन हाउस ने की थी डिमांड’

चारु बताती हैं कि जब वह बीकानेर से मुंबई आईं तो बहुत यंग थीं। उनकी उम्र महज 20-21 साल की रही होगी। फिल्म इंडस्ट्री में वह किसी को नहीं जानती थी। वह कहती हैं कि उस वक्त वह बहुत भोली हुआ करती थी। चारू के अनुसार, “इस दौरान मैं एक मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर के पास एक जाने-माने फिल्म प्रोडक्शन की फिल्म में काम के लिए गई थी। मैं उसका नाम लेना नहीं चाहूँगी, लेकिन मैं ये बात एक बहुत बड़े प्रोडक्शन हाउस के बारे में कह रही हूँ।”

चारु असोपा इंस्टा अकाउंट

‘तुम नहीं करोगी तो बाहर बैठी लड़कियाँ करेंगी’

चारु आगे बताती हैं कि कास्टिंग डॉयरेक्टर ने उनके सामने कॉन्ट्रेक्ट रखा। उनके हाथ में पेन था और वो इसे साइन करके इस बड़ी फिल्म में काम करने का मौका पा सकती थीं, लेकिन उस वक्त जो बात कास्टिंग डॉयरेक्टर ने कही उससे वो अवाक रह गईं। उन्होंने उसे हाथ जोड़कर कहा कि जो वो करने को कह रहे हैं वो नहीं कर पाएँगी।

इस पर उस कास्टिंग डॉयरेक्टर ने कहा, “तुम नहीं करोगी तो बाहर जो लड़कियाँ बैठी हैं, वो कर देंगी।” चारु बताती हैं कि उन्होंने कास्टिंग डॉयरेक्टर से कहा, “सर ओके फिर आप उन्हीं से ये करवा लें।” इसके बाद वह वहाँ से चली आईं, लेकिन इस घटना के बाद वो तीन दिन तक बुखार से तपती रही थीं।

कास्टिंग डॉयरेक्टर ने कॉम्प्रोमाइज करने के लिए कहा

चारु असोपा इंस्टाग्राम

चारु आगे बताती हैं कि उस बड़े प्रोडक्शन हाउस के कास्टिंग डॉयरेक्टर ने उन्हें कुछ लोगों के साथ कॉम्प्रोमाइज करने को कहा था। इसके लिए उन्होंने मना कर दिया। वह आगे बताती हैं कि पहले वो सोचती थीं कि लोग कास्टिंग काउच को लेकर कहानियाँ बनाते हैं। ऐसा सच में कुछ होता नहीं है। हालाँकि, जब खुद उनके साथ ऐसा हुआ तो उन्हें एहसास हुआ कि ये बॉलीवुड की सच्चाई है।

वह कहती हैं कि इसके बाद उन्होंने फिल्मों में काम करने का विचार हमेशा के लिए अपने दिमाग से निकाल दिया और टीवी का रुख किया। इस वाकए के दो-तीन दिन बाद ही उन्होंने टीवी शो ‘अगले जन्म मोहे बिटिया’ साइन किया। वह कहती हैं कि इस घटना के बाद वो बेहद खौफ में रहीं और लोगों से फिल्म के लिए मिलना तक छोड़ दिया।

बॉलीवुड के लिए छोड़ी थी इंजिनियरिंग की पढ़ाई

चारु मिस राजस्थान बनने के बाद बहुत खुश थीं। अपने पेशे को लेकर उन्होंने ज्यादा सोचा नहीं था, लेकिन एक दिन टीवी शो ‘कसम से’ देखकर एक्ट्रेस बनने का फैसला लिया। इस बात को उन्होंने अपने पिता के साथ शेयर की। इस पर उनके फादर ने पहले ग्रेजुएशन पूरा करने और बाद में किसी पेशे में जाने की सलाह दी।

वह कहती हैं कि उस दौरान वो इंजीनियिंरग कर रही थीं, लेकिन टीवी एक्ट्रेस बनने की दीवानगी में उन्होंने इसे छोड़ बीकॉम में दाखिला ले लिया। साल 2010 में अपने आखिरी एग्जाम के दिन उन्होंने अपने पिता से कहा कि अगर वो उन्हें मुंबई जाने का टिकट लाकर देंगे तभी वो एग्जाम में बैठेंगी। आखिरकार रिजल्ट का इंतजार किए एग्जाम देने के दूसरे दिन मुंबई के लिए रवाना हो गईं।

आसान नहीं था मुंबई में सरवाइव करना

चारु बताती हैं कि जब उन्होंने बीकानेर छोड़ा तो उनकी आँखों में सपने थे। उन्हें लगता था कि मुंबई जाते ही काम मिल जाएगा और वो हिरोइन बन जाएँगी। हालाँकि, मुंबई में रहना आसान नहीं था। वह बताती हैं कि ये उनके लिए बहुत चुनौती भरा वक्त था। वो मुंबई में किसी को जानती नहीं थीं। उस वक्त को याद कर वो कहती हैं कि पहली बार जब वो मुंबई आई थीं तो उनके साथ उनका पूरा परिवार आया था। यहाँ थोड़ा सेटल होने के बाद भी उनकी माँ उनके साथ रही थीं।

इस दौरान फिल्म इंडस्ट्री में संपर्क बनाने के लिए उन्होंने किशोर नमित कपूर का एक्टिंग स्कूल ज्वॉइन कर लिया। वह कहती हैं कि यहीं से उन्होंने ‘ये रिश्ता क्या कहलाता’ के लिए ऑडिशन दिया और इसके लिए उन्हें चुन लिया गया। इसके बाद उन्हें ‘देवों के देव महादेव’ में काम मिल गया। वह बताती हैं कि ऐसा दौर भी आया जब उन्होंने केवल एक मैगी से गुजारा किया और मेकअप के लिए गरम मसाले तक का इस्तेमाल किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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