OpIndia is hiring! click to know more
Sunday, April 13, 2025
Homeदेश-समाजThe Kerala Story को रोकने के लिए एक हुए वामपंथी-कॉन्ग्रेसी, डीजीपी ने FIR के...

The Kerala Story को रोकने के लिए एक हुए वामपंथी-कॉन्ग्रेसी, डीजीपी ने FIR के दिए आदेश: द कश्मीर फाइल्स जैसा विरोध

टीजर जारी होने के बाद से द केरल स्टोरी रोकने के लिए पूरा गिरोह सक्रिय हो गया है। कॉन्ग्रेस और वाम दल एक सुर में बात कर रहे हैं। वे इस फिल्म को राज्य की छवि को धूमिल करने का प्रयास बता रहे हैं।

जैसे द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) के विरोध में सेकुलर-लिबरल खेमा एक हो गया था, वैसा ही द केरल स्टोरी (The Kerala Story) को लेकर भी देखने को मिल रहा है। दोनों ही फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है। विवेक अग्निहोत्री ने अपनी फिल्म में कश्मीर में हिंदुओं दमन को पर्दे पर उतारा था तो विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म केरल की उन महिलाओं की पीड़ा दिखाती है जो इस्लामी धर्मांतरण और तस्करी की शिकार हुईं।

द केरल स्टोरी का टीजर गुरुवार (3 नवंबर 2022) को यूट्यूब पर रिलीज किया गया था। टीजर में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई है जो नर्स बनने का सपना देखती थी। लेकिन घर से अगवा कर उसे आईएसआईएस आतंकवादी बना दिया गया। फिल्म में एक्ट्रेस अदा शर्मा लीड रोल में हैं। टीजर में बुर्का पहने हुए वह कहती हैं, “मेरा नाम शालीनी उन्नीकृष्णन था। मैं नर्स बनकर लोगों की मदद करना चाहती थी। अब मैं फातिमा बा हूँ। एक आईएसआईएस (ISIS) आतंकवादी, जो अफगानिस्तान की जेल में बंद है। मैं अकेली नहीं हूँ। मेरी जैसी 32000 और लड़कियाँ कन्वर्ट होकर सीरिया और यमन में दफन हो चुकी हैं।”

इसके बाद से ही इस फिल्म को रोकने के लिए पूरा गिरोह सक्रिय हो गया है। केरल में राजनीतिक तौर पर कॉन्ग्रेस और वाम दल भले दो छोर पर खड़े दिखते हों, लेकिन इस फिल्म के विरोध पर दोनों एक सुर में बात कर रहे हैं। वे इस फिल्म को राज्य की छवि को धूमिल करने का प्रयास बता रहे हैं।

कॉन्ग्रेस ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है। केरल विधानसभा में कॉन्ग्रेस के नेता वीडी सतीशन ने कहा कि फिल्म गलत सूचना फैलाती है और इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैंने टीज़र देखा है। यह गलत सूचना का एक स्पष्ट मामला है। केरल में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। यह अन्य राज्यों के सामने केरल की छवि खराब करने के लिए है। यह नफरत फैला रहा है, इसलिए इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। सामान्य तौर पर, हम फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ हैं, लेकिन इस प्रकार की गलत सूचना से सांप्रदायिक मुद्दे पैदा होंगे। राज्य पुलिस के पास भी ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है।”

वहीं सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर ‘द केरल स्टोरी’ के टीजर के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि फिल्म का टीजर झूठी सूचना का प्रसार कर रहा है। यह सार्वजनिक शांति को भंग कर सकता है और इसके पीछे केरल को बदनाम करने की मंशा है।

वहीं केरल के पुलिस महानिदेशक अनिल कांत ने मंगलवार (7 अक्टूबर 2022) को तिरुवनंतपुरम के पुलिस आयुक्त स्पर्जन कुमार को फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के क्रू मेंबर के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। इससे पहले सोमवार को तमिलनाडु के एक पत्रकार बीआर अरविंदक्षण ने फिल्म प्रमाणन बोर्ड के प्रमुख प्रसून जोशी और अन्य को पत्र लिखकर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी । उन्होंने कहा था कि जब तक कि निर्माता अपने दावों के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं करते, फिल्म पर प्रतिबन्ध लगा देना चाहिए।

OpIndia is hiring! click to know more
Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘राष्ट्रपति का पक्ष जाने बिना सुना दिया फैसला, मामले में उनका कोई रोल ही नहीं’: सुप्रीम कोर्ट के डेडलाइन वाले आदेश पर बोले अटॉर्नी...

राष्ट्रपति के लिए समयसीमा तय करते समय उनकी राय नहीं ली गई और ना ही उनका पक्ष सुप्रीम कोर्ट द्वारा जाना गया, यह बात अटॉर्नी जनरल ने कही है।

हिन्दू लोग हैं, मारो-पीटो जो भी करो… बंगाल के ‘शरणार्थी’ हिन्दुओं की आपबीती, बताया – पानी में जहर मिलाया, हर शुक्रवार मचाते हैं आतंक

मुर्शिदाबाद में इस्लामी कट्टरपंथियों ने हिन्दुओं के इलाकों में पानी में जहर मिला दिया, उनकी दुकानें और राशन तक लूट लिया।
- विज्ञापन -