Monday, May 10, 2021
Home विविध विषय मनोरंजन मेरा एक बाप ईसाई, दूसरा बाप मुस्लिम... तो मैं किस मजहब की?: दिया मिर्ज़ा...

मेरा एक बाप ईसाई, दूसरा बाप मुस्लिम… तो मैं किस मजहब की?: दिया मिर्ज़ा के CAA विरोध का उड़ा मजाक

"मेरी माँ हिन्दू है। मेरे बायोलॉजिकल पिता ईसाई थे। मेरे दूसरे पिता (Adopted) मुस्लिम हैं। मैंने किसी भी डॉक्यूमेंट में अपने मजहब का नाम नहीं भरा। मैं रिलिजन वाला कॉलम खाली छोड़ देती हूँ। क्या मैं भारतीय हूँ या नहीं?"

फ़िल्म अभिनेत्री दिया मिर्ज़ा ने सोशल मीडिया पर एक पजल टाइप का सवाल दागा है। यह सवाल कुछ उसी तरह का है कि गाय को 5 किलो चारा खिलाया गया तो मुर्गी अंडा कितने ग्राम का देगी? दरअसल, पूर्व मिस एशिया पैसिफिक दिया मिर्ज़ा ने संशोधित नागरिकता क़ानून का विरोध करते हुए इसी तरह का बेतुका सवाल दागा। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने आशंका जताई कि इसके पीछे दो कारण हो सकते हैं। पहला कारण ये हो सकता है कि उन्होंने नए क़ानून को पढ़ने की जहमत ही नहीं उठाई और दूसरा कारण ये हो सकता है कि उन्हें पढ़ कर भी कुछ समझ नहीं आया।

इसीलिए, ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की भारती जैन ने ‘रहना है तेरे दिल में’ से फिल्मों में डेब्यू करने वाली दिया मिर्ज़ा को उस आर्टिकल का लिंक दिया, जहाँ सीधे-सपाट शब्दों में सीएए के बारे में समझाया गया है। दिया मिर्ज़ा के ट्वीट को उन्हीं के शब्दों में हूबहू डिकोड करते हैं, ये देखिए:

  • मेरी माँ हिन्दू है।
  • मेरे बायोलॉजिकल पिता ईसाई थे।
  • मेरे दूसरे पिता (Adopted) मुस्लिम हैं।
  • मैंने किसी भी आधिकारिक डॉक्यूमेंट में अपने मजहब का नाम नहीं भरा है। मैं रिलिजन वाला कॉलम खाली छोड़ देती हूँ।
  • क्या धर्म ये निर्णय लेगा कि मैं भारतीय हूँ या नहीं? मैं आशा करती हूँ कि ऐसा नहीं होगा।

इस पजल को पढ़ने के बाद आपको ये पता लगाना है कि दिया मिर्ज़ा भारतीय हैं या नहीं। अब थोड़ी गंभीर बातें कर लें। दरअसल, सीएए से भारतीय नागरिकों का कोई लेना-देना नहीं है। इसका भारतीय नागरिकों के धर्म या मजहब से भी कोई वास्ता नहीं है। सीएए तो भारत के नागरिकों के लिए है ही नहीं। फिर उनसे दस्तावेज माँग कर नागरिकता साबित कराए जाने की बात कहाँ से आई? दरअसल, सीएए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान के उन प्रताड़ित अल्पसंख्यकों के लिए है, जो वहाँ से भाग कर भारत आ गए और यहाँ पिछले 5 वर्षों से या इससे अधिक समय से रह रहे हैं।

बता दें कि दिया मिर्ज़ा के दो पिता इसीलिए हैं क्योंकि जब वो साढ़े 4 वर्ष की थीं, तभी उनके माता-पिता का तलाक हो गया था। इसके बाद उनकी माँ ने अहमद मिर्ज़ा से दूसरी शादी की थी। दिया मिर्ज़ा ने 2014 में साहिल संगा से शादी की थी लेकिन 5 सालों बाद वो भी अपने शौहर से अलग हो गईं। ऐसा नहीं है कि हम उनके व्यक्तिगत जीवन की बातें कर रहे हैं। उन्होंने ख़ुद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा की है। इस एक ट्वीट से पता चल जाता है कि जामिया के उपद्रवियों का समर्थन कर रहे इन सेलेब्रिटीज में सीएए को लेकर कितनी समझ है।

कत्लेआम और 1 लाख हिन्दुओं को घर से भगाने वाले का समर्थन: जामिया की Shero और बरखा दत्त की हकीकत

‘मस्जिदों से ऐलान हुआ, पहले से पता था कि क्या करना है’ – दिल्ली में उपद्रव और दंगों के पीछे मुल्ला-मौलवी?

CAA और NRC पर फरहान गैंग के हर झूठ का पर्दाफाश: साज़िश का जवाब देने के लिए जानिए सच्चाई

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हिन्दुओ… इस आदेश को रट लो, क्योंकि यह केवल एक गाँव-एक प्रांत की समस्या नहीं

ऐसे हालात में अमूमन हिंदू मन मसोस रह जाते हैं। अब इससे इतर मद्रास हाई कोर्ट ने एक रास्ता दिखाया है।

लेफ्ट मीडिया नैरेटिव के आधार पर लैंसेट ने PM मोदी को बदनाम करने के लिए प्रकाशित किया ‘प्रोपेगेंडा’ लेख, खुली पोल

मेडिकल क्षेत्र के जर्नल लैंसेट ने शनिवार को एक लेख प्रकाशित किया जहाँ भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते संक्रमण का पूरा ठीकरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फोड़ दिया गया।

गाँधी का कुत्ता… न कॉन्ग्रेस का, न असम का: बिस्कुट खाता है, कुर्सी गँवाता है

कहानी में कुत्ते को बिस्कुट खिलाने का जिक्र है। कहानी में असम से ज्यादा कुत्ते को प्राथमिकता दिए जाने का भी जिक्र है।

‘BMC ने किया कोविड से मौत की आँकड़ों में हेरफेर, PR एजेंसीज और सेलिब्रिटीज चला रहे फेक नैरेटिव’: देवेंद्र फडणवीस

देवेन्द्र फडणवीस ने अपने पत्र में मुंबई में कम टेस्टिंग का आरोप लगाते हुए कहा की मुंबई में रोजाना 1 लाख आरटी-पीसीआर टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध है जबकि यहाँ मात्र 34,000 टेस्ट ही रोजाना की जा रहे हैं।

जावेद अख्तर ने कहा- Covid पर महाराष्ट्र सरकार से सीखें, लोगों ने ‘जोक ऑफ द डे’ कह किया ट्रोल

“पता नहीं आपको महाराष्ट्र सरकार की कौन सी क्षमता दिखाई दी क्योंकि कई जगह पर लॉकडाउन लगा होने के कारण भी राज्य में रोजाना 50,000 से अधिक नए संक्रमित मिल रहे हैं साथ ही संक्रमण दर भी लगभग 15% बनी हुई है।“

हेमंत बिस्वा सरमा: असम के मुख्यमंत्री, सर्वानंद सोनोवाल ने दिया इस्तीफा

असम चुनाव के बाद प्रदेश में नए सीएम की तलाश अब खत्म हो गई है। हेमंत बिस्वा सरमा प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे।

प्रचलित ख़बरें

हिंदू त्योहार ‘पाप’, हमारी गलियों से नहीं निकलने दें जुलूस: मुस्लिम बहुल इलाके की याचिका, मद्रास HC का सॉलिड जवाब

मद्रास हाई कोर्ट ने धार्मिक असहिष्णुता को देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के लिए खतरनाक बताया। कोर्ट ने कहा कि त्योहारों के आयोजन...

रेप होते समय हिंदू बच्ची कलमा पढ़ के मुस्लिम बन गई, अब नहीं जा सकती काफिर माँ-बाप के पास: पाकिस्तान से वीडियो वायरल

पाकिस्तान में नाबालिग हिंदू लड़की को इ्स्लामी कट्टरपंथियों ने किडनैप कर 4 दिन तक उसके साथ गैंगरेप किया और उसका जबरन धर्मान्तरण कराया।

रमजान का आखिरी जुमा: मस्जिद में यहूदियों का विरोध कर रहे हजारों नमाजियों पर इजरायल का हमला, 205 रोजेदार घायल

इजरायल की पुलिस ने पूर्वी जेरुसलम स्थित अल-अक़्सा मस्जिद में भीड़ जुटा कर नमाज पढ़ रहे मुस्लिमों पर हमला किया, जिसमें 205 रोजेदार घायल हो गए।

टीकरी बॉर्डर: आंदोलन में शामिल होने आई युवती के साथ दुष्‍कर्म मामले में 4 किसान नेताओं सहित 6 पर FIR

आरोपित अनूप सिंह हिसार क्षेत्र का है और आम आदमी पार्टी (AAP) का सक्रिय कार्यकर्ता भी है जिसकी पुष्टि आप सांसद सुशील गुप्ता ने की। अनिल मलिक भी दिल्ली में AAP का कार्यकर्ता बताया जा रहा है।

कोरोना संक्रमित शवों के कफन चुराते थे, ब्रैंडेड लेबल लगाकर बेचते थे बाजार में, 520 कफन बरामद: 7 गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए आरोपितों के पास से पास से 520 कफन, 127 कुर्ते, 140 कमीज, 34 धोती, 12 गर्म शॉल, 52 साड़ी, तीन रिबन के पैकेट, 1 टेप कटर और 158 ग्वालियर की कंपनी के स्टीकर बरामद हुए हैं।

‘2015 से ही कोरोना वायरस को हथियार बनाना चाहता था चीन’, चीनी रिसर्च पेपर के हवाले से ‘द वीकेंड’ ने किया खुलासा: रिपोर्ट

इस रिसर्च पेपर के 18 राइटर्स में पीएलए से जुड़े वैज्ञानिक और हथियार विशेषज्ञ शामिल हैं। मैग्जीन ने 6 साल पहले 2015 के चीनी वैज्ञानिकों के रिसर्च पेपर के जरिए दावा किया है कि SARS कोरोना वायरस के जरिए चीन दुनिया के खिलाफ जैविक हथियार बना रहा था।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,393FansLike
91,519FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe