Homeदेश-समाज'मस्जिदों से ऐलान हुआ, पहले से पता था कि क्या करना है' - दिल्ली...

‘मस्जिदों से ऐलान हुआ, पहले से पता था कि क्या करना है’ – दिल्ली में उपद्रव और दंगों के पीछे मुल्ला-मौलवी?

"हमारे क्षेत्र में कई दिनों से अनाउंसमेंट हो रही थी कि मंगलवार को इतने बजे #NRC और #CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन होगा। लोगों को पहले से ही पता था, जिन्हें नहीं पता था, उन्हें मस्जिदों से अनाउंस कर के कहा गया कि आप सड़क पर उतरो।"

भाजपा के आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर बताया है कि किस तरह संशोधित नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के नाम पर मजहबी उन्माद फैलाने की साज़िश रची जा रही है। यहाँ तक कि मस्जिदों से घोषणा की गई ताकि उपद्रवी सड़क पर उतर कर हिंसा करें। मालवीय ने दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर मस्जिदों से हुई भड़काऊ घोषणाओं को जिम्मेदार ठहराया है।

अमित मालवीय ने कहा कि इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान में वहाँ के अल्पसंख्यकों का क्या होता होगा। बता दें कि सीएए भी उन्हीं अल्पसंख्यकों के लिए है, जिन्हें पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान में प्रताड़ित किया गया और उस प्रताड़ना से तंग आकर वो पिछले 5 वर्षों या इससे अधिक समय से भारत में शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं। मालवीय ने मस्जिदों से भड़काऊ घोषणाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये सारी घटनाएँ बताती हैं कि सीएए ज़रूरी है।

अमित मालवीय ने ‘इंडिया टुडे’ के एक वीडियो को शेयर किया, जिसमें लोग बता रहे हैं कि वो क्यों सड़कों पर उतरे। नीचे संलग्न किए गए ट्वीट में आप मालवीय का बयान और उनके द्वारा शेयर किए गए वीडियो को देख सकते हैं:

दिल्ली में हिंसा के दौरान दंगाइयों ने पुलिस पर पत्थरबाजी भी की, जैसा जम्मू कश्मीर में वर्षों से होता आ रहा है। जम्मू कश्मीर में भी कश्मीरी पंडितों को निकाले जाने के बाद से लेकर अब तक, कई बार विभिन्न मस्जिदों से भड़काऊ ऐलान होने की ख़बरें आती रहती हैं। ‘इंडिया टुडे’ से बातचीत में दिल्ली एक एक उपद्रवी ने कहा:

“हमारे क्षेत्र में कई दिनों से अनाउंसमेंट हो रही थी कि कि मंगलवार को इतने बजे एनआरसी और सीएए के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन होगा। कई लोगों को पहले से ही पता था और जिन्हें नहीं पता था, उन्होंने मस्जिदों से अनाउंस कर के कहा गया कि आप सड़क पर उतरो।”

उक्त उपद्रवी की बातों से साफ़ हो जाता है कि मस्जिदों से ऐलान कर लोगों को सड़क पर उतरने को कहा गया। इसके बाद हिंसा भड़की और पुलिस व दंगाइयों के बीच झड़प हुई। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए।

स्कूल बस को भी नहीं छोड़ा दंगाई भीड़ ने, दिल्ली के सीलमपुर-जाफराबाद में उग्र प्रदर्शन: कई पुलिसकर्मी घायल

…वो सांसद जिसने किया CAB का समर्थन लेकिन जमात फेडरेशन ने कर दिया निष्कासित

CAA और NRC पर फरहान गैंग के हर झूठ का पर्दाफाश: साज़िश का जवाब देने के लिए जानिए सच्चाई

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ममता से ज्यादा अभिषेक बनर्जी से क्यों नाराज है बंगाल? सत्ता, घोटालों और अहंकार की राजनीति ने कैसे बनाया जनता के गुस्से का सबसे...

बंगाल में TMC की करारी हार के बाद जनता का सबसे बड़ा निशाना ममता बनर्जी के भतीजे और राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी बने हैं।

आज जहाँ से पकड़ा गया है आतंकी मोहम्मद शेख, वहीं के रहने वाले थे बाटला हाउस एनकाउंटर में ढेर हुए आतंकी: ‘आतंक की नर्सरी’...

यूपी एटीएस ने मुस्तैदी दिखाकर Target Killing की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। अब वो आतंकी गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
- विज्ञापन -