Friday, January 22, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे CAA और NRC पर फरहान गैंग के हर झूठ का पर्दाफाश: साज़िश का जवाब...

CAA और NRC पर फरहान गैंग के हर झूठ का पर्दाफाश: साज़िश का जवाब देने के लिए जानिए सच्चाई

एनआरसी और सीएए की लिंकिंग की बात ग़लत, मुस्लिमों को छाँटने की बात ग़लत, भेदभाव की बात ग़लत। और तो और, फरहान ने भारत का जो नक्शा शेयर किया है, वो भी ग़लत। वो पूरे जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्स्सा नहीं मानते।

जावेद अख्तर और उनकी पहली पत्नी के बेटे फरहान अख्तर ने एक बार फिर से संशोधित नागरिकता क़ानून (CAA) को लेकर झूठ फैलाया है। ऐसा लगता है जैसे उन्हें व्हाट्सप्प पर कुछ मिला, जिसे उन्होंने बिना जाँच-पड़ताल के ही ट्विटर पर शेयर कर दिया। उन्होंने जो भी जानकारी शेयर की है, वो भ्रामक है, ग़लत है, त्रुटिपूर्ण है और भड़काऊ भी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बार-बार सभी इंटरव्यू में कह रहे हैं कि सीएए का भारतीय मुस्लिमों से कोई लेना-देना नहीं है। यहाँ तक कि इसका भारतीय नागरिकों से भी कोई लेना-देना नहीं है। फिर भी इससे जुड़ी ऐसी जानकारियाँ शेयर की जा रही हैं, जिससे लगे कि ये मजहब विशेष के ख़िलाफ़ है।

‘डॉन’ और ‘दिल चाहता है’ जैसी फ़िल्मों को निर्देशित कर चुके फरहान अख्तर ने एक फोटो ट्वीट किया। उसमें बताया गया है कि संसद द्वारा पारित किए गए नए क़ानून के अनुसार, पड़ोसी देशों के हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के उन लोगों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी, जो वहाँ की प्रताड़ना से बचने के लिए भारत आ गए हैं। इसके बाद उन्होंने दावा किया है कि अगर एनआरसी के साथ इसे जोड़ कर देखा जाए तो ये क़ानून मुस्लिमों को बाहर कर देता है। आइए, बताते हैं कि ये कैसे ग़लत है:

एनआरसी अभी पूरे देश में लागू नहीं किया गया है। ये भारतीय नागरिकों के एक डेटाबेस की तरह है, एक आधिकारिक रिकॉर्ड है, जिसे फिलहाल केवल असम में लागू किया गया है। इसे पूरे देश में लागू करने की बातें ज़रूर हो रही हैं, लेकिन इसके लिए क्या नियम-क़ानून हैं, ये तभी पता चलेगा जब सरकार कोई घोषणा करे। और हाँ, 1951 में हुए जनगणना के बाद इस रजिस्टर को तैयार किया गया था लेकिन उसके बाद से इसे अपडेट नहीं किया गया। इन सबके बावजूद जानबूझकर सीएए के विरोध में एनआरसी को घुसाया जा रहा है, ताकि मुस्लिमों को डराया जा सके। सारे कार्य सिटीजनशिप एक्ट, 1955 के तहत ही हो रहा है।

अब सीएए पर आते हैं क्योंकि फरहान अख्तर गैंग की पूरी कोशिश यही है कि सीएए की जगह एनआरसी की बात हो और जनता को भड़काया जा सके। हमने देखा कि फरहान अख्तर ने लिखा कि सीएए में मुस्लिमों को बाहर कर दिया गया है, छाँट दिया गया है। ऐसा नहीं है। इस क़ानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान के उन प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी, जो दिसंबर 2014 से पहले से भारत में रह रहे हैं। वहाँ अल्पसंख्यक कौन हैं? हिन्दू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी। मुस्लिम तो इन तीनों देशों में अल्पसंख्यक हैं ही नहीं। फिर जावेद और उनकी पहली पत्नी के बेटे फरहान अपना अल्पसंख्यक-विरोधी रुख क्यों दिखा रहे हैं?

ऐसा भी नहीं है कि इन तीनों देशों से जो भी अल्पसंख्यक यहाँ आएँगे, उन्हें नागरिकता दे दी जाएगी। केवल उन्हीं को मिलेगी, जो दिसंबर 2014 से पहले से भारत में रह रहे हैं। उसके बाद जो आए हैं या आगे जो आएँगे, उनके लिए ये नियम नहीं है। तो क्या मुस्लिमों को नागरिकता नहीं मिलेगी? भारत की नागरिकता के लिए आवेदन करने के अपने नियम-क़ानून हैं और उसके तहत कोई भी ऐसा कर सकता है। ये सरकार फ़ैसला लेती है कि किसे नागरिकता देनी है या नहीं। जैसे, अदनान सामी मुस्लिम हैं, फिर भी उन्होंने आवेदन किया और उन्हें नागरिकता मिली। इसी तरह दरवाजे सबके लिए खुले हैं। ऐसा कोई भी नियम नहीं बनाया गया है, जिसमें ये लिखा हो कि मुस्लिमों को नागरिकता नहीं दी जाएगी।

अब फरहान अख्तर के अगले झूठ पर आते हैं। ‘रॉक ऑन’ और ‘ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा’ के अभिनेता फरहान ने लिखा है कि मुस्लिमों के अलावा इन लोगों को भी छाँट दिया जाएगा और निकाल बाहर किया जाएगा- आदिवासी, महिलाएँ, ट्रांसजेंडर्स, दलित, भूमिहीन, नास्तिक, भूमिहीन और दस्तावेज न रखने वाले लोग। फरहान लिखते हैं कि इन लोगों को जेल में ठूँस दिया जाएगा। इन्हें प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा और प्रताड़ना कैम्पों में डाल दिया जाएगा। अब आप सोचिए, सरकार के मंत्रीगण और भाजपा के सांसदों-विधायकों के घर में महिलाएँ नहीं हैं क्या? भाजपा में दलित और आदिवासी नेतागण थोक संख्या में हैं? वो सब जेल जाएँगे, प्रत्यर्पित होंगे और प्रताड़ना कैम्पों में डाले जाएँगे?

वैसे तो जाति की चर्चा करना उचित नहीं है लेकिन इस प्रोपेगंडा का जवाब देने के लिए इसका उल्लेख करना पड़ेगा। भारत के राष्ट्रपति, जो संघ से जुड़े रहे हैं और भाजपा नेता भी हैं, वो दलित हैं। क्या उन्होंने ऐसे क़ानून पर हस्ताक्षर किया, जिससे उन्हें ही जेल में डाल दिया जाएगा? ये बेहूदा लॉजिक है। लेकिन फिर भी, एक-एक झूठ का पर्दाफाश आवश्यक है। दरअसल, असम में जो एनआरसी लाया गया है, उसका धर्म से कोई लेना-देना है ही नहीं। ये तो सभी नागरिकों के लिए है! दलितों, मुस्लिमों व महिलाओं को अलग करने का कोई सवाल ही कहाँ उठता है, जब मजहब, लिंग और जाति का एनआरसी से कोई मतलब ही नहीं है।

इसके बाद फरहान अपने व्हाट्सप्प फॉरवर्ड के माध्यम से समझाते हैं कि एनआरसी क्या है? इसमें बताया गया है कि ये भारत के हर नागरिक को ये साबित करने को कहता है कि वो यहाँ रहने के अधिकारी तभी होंगे, जब उनके पास दस्तावेजी सबूत हों। फरहान लिखते हैं कि आईडी कार्ड और टैक्स स्लिप्स से कुछ साबित नहीं होगा। इसके बाद वो पूछते है कि कितने लोगों के माता-पिता के पास 1971 के पहले का जन्म प्रमाण पत्र या ऐसे दस्तावेज हैं? यहाँ फिर से बताना पड़ेगा कि एनआरसी पूरे देश में लागू नहीं किया गया है और असम में 1971 को समयसीमा तय करनी एक वजह है। असम एकॉर्ड में भी इसी तारीख का जिक्र किया गया है। ये एकॉर्ड केंद्र सरकार और असम आंदोलन के नेताओं के बीच हुआ था। तब केंद्र में कॉन्ग्रेस की सरकार थी।

फिर पूरे देश के लिए 1971 की बात क्यों की जा रही है, जबकि ऐसी कोई बात ही नहीं है? ये तो असम के लिए है। अब फरहान अख्तर के अगले झूठ की ओर आते हैं। फरहान यहाँ सीएए और एनआरसी को लिंक किए जाने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकार ऐसा करेगी। सच्चाई क्या है? सच्चाई ये है कि एनआरसी को अपडेट करने के लिए सीएए का कोई इस्तेमाल होगा ही नहीं। सरकार ने भी इस बात से पूरी तरह इनकार कर दिया है। जब एनआरसी मजहबी आधार पर किया ही नहीं जा रहा और इसके लिए सीएए का इस्तेमाल हो ही नहीं रहा, तो फिर मुस्लिमों को बाहर किए जाने वाली बात ही फ़र्ज़ी साबित हो जाती है।

सिटीजनशिप एक्ट, 1955 के तहत काम होगा और जो देश का नागरिक नहीं है, उसे देश से बाहर निकाल फेंका जाएगा। इससे फरहान अख्तर या उनके गैंग को समस्या ही क्या है? अब फरहान अख्तर के सबसे बड़े झूठ की तरफ़ आते हैं। ‘सेनोरिटा’ और ‘दिन धड़कने दो’ जैसे गाने गा चुके फरहान को कम से कम एक बार सीएए पढ़ तो लेना चाहिए था। भले ही वो ‘रॉक ऑन’ में ‘सोचा है’ गाते हैं लेकिन खुद उनमें सोचने की क्षमता की कमी दिखाई देती है। उनके अगले झूठ पर नज़र डालिए:

फरहान लिखते हैं कि भारत के हिन्दू, सिख, जैन, बौद्ध, सिख, पारसी और ईसाई समुदाय से जुड़े लोगों को बिना दस्तावेज दिखाए ही नागरिकता दे दी जाएगी। मज़ाक चल रहा है क्या? किसी व्यक्ति को सिर्फ़ इसीलिए दस्तावेज नहीं दिखाने होंगे क्योंकि वो हिन्दू है? इसके बाद फरहान इसे भेदभाव करार देते हुए कहते हैं कि ये भारत के सेक्युलर संवैधानिक मूल्यों के ख़िलाफ़ है। किसी अनपढ़ व्यक्ति को भी ये पता है कि वो हिन्दू हो या मुस्लिम, उसे राशन लेने के लिए राशन कार्ड और वोट देने के लिए वोटर आईडी कार्ड दिखाना ही पड़ेगा। सरकारी अधिकारी इसके लिए उसका मजहब नहीं पूछेंगे।

एक बात जान लीजिए। जब भी कोई व्यक्ति आपसे कहे कि भेदभाव हो रहा है, आप जवाब दीजिए कि एनआरसी में एक हिन्दू को भी उन्हीं प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा, जिससे एक मुस्लिम को। एक सिख और एक हिन्दू या फिर एक पारसी और एक बौद्ध, किसी भी व्यक्ति को समान नियम-कायदों का पालन करना पड़ेगा। फरहान अख्तर और उनके गैंग के लोग नकारात्मक मानसिकता से भरे पड़े हैं। वो मुस्लिमों को डरा रहे हैं। एनआरसी और सीएए की लिंकिंग की बात ग़लत है। मुस्लिमों को छाँटने की बात ग़लत है। भेदभाव की बात ग़लत है। ये सारे तर्क दीजिए, जब भी कोई ऐसी भ्रामक बातें फैलाए। जाते-जाते बता दें कि फरहान अख्तर ने भारत का जो नक्शा शेयर किया है, वो भी ग़लत है। वो पूरे जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्स्सा नहीं मानते।

…वो सांसद जिसने किया CAB का समर्थन लेकिन जमात फेडरेशन ने कर दिया निष्कासित

जामिया हिंसा पर FIR: कॉन्ग्रेस का पूर्व MLA आसिफ खान भी था शामिल, दंगाइयों के साथ छात्रों ने भी की पत्थरबाजी

भारत के साथ रिश्ते सुनहरे दौर में, अवैध रूप से रह रहे हर बांग्लादेशी को बुलाएँगे: पीएम शेख हसीना का सलाहकार

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।
00:31:45

तांडव: घृणा बेचो, माफी माँगो, सरकार के लिए सब चंगा सी!

यह डर आवश्यक है, क्रिएटिव फ्रीडम कभी भी ऑफेंसिव नहीं होता, क्योंकि वो सस्ता तरीका है। अभी तक चल रहा था, तो क्या आजीवन चलने देते रहें?

कहाँ गए दिल्ली जल बोर्ड के ₹26,000 करोड़: केजरीवाल सरकार पर करप्शन का बड़ा आरोप

दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर BJP ने जल बोर्ड के 26 हजार करोड़ रुपए डकारने का आरोप लगाया है।

सीरम इंस्टीट्यूट में 5 जलकर मरे: कोविड वैक्सीन सुरक्षित, लोग जता रहे साजिश की आशंका

सीरम इंस्टीट्यूट में लगी इस आग ने अचानक लोगों के मन में संदेह को पैदा कर दिया है। लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं ये सब जानबूझकर तो नहीं किया गया।

1277 करोड़ रुपए की कंपनी: इंडियन कैसे करते हैं पखाना (पॉटी), देते हैं इसकी ट्रेनिंग और प्रोडक्ट

इंडिया के लोग पखाना कैसे करते हैं? आप बोलेंगे बैठ कर! लेकिन किसी के लिए यही सामान्य सा ज्ञान बिजनस बन गया और...

प्रचलित ख़बरें

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

Pak ने शाहीन-3 मिसाइल टेस्ट फायर किया, हुए कई घर बर्बाद और सैकड़ों घायल: बलूच नेता का ट्वीट, गिरना था कहीं… गिरा कहीं और!

"पाकिस्तान आर्मी ने शाहीन-3 मिसाइल को डेरा गाजी खान के राखी क्षेत्र से फायर किया और उसे नागरिक आबादी वाले डेरा बुगती में गिराया गया।"

ढाई साल की बच्ची का रेप-मर्डर, 29 दिन में फाँसी की सजा: UP पुलिस और कोर्ट की त्वरित कार्रवाई

अदालत ने एक ढाई साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के दोषी को मौत की सजा सुनाई है। UP पुलिस की कार्रवाई के बाद यह फैसला 29 दिन के अंदर सुनाया गया है।

महाराष्ट्र पंचायत चुनाव में 3263 सीटों के साथ BJP सबसे बड़ी पार्टी, ठाकरे की MNS को सिर्फ 31 सीट

महाराष्ट्र में पंचायत चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी। शिवसेना ने दावा किया है कि MVA को राज्य की ग्रामीण जनता ने पहली पसंद बनाया।
- विज्ञापन -

 

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।
00:31:45

तांडव: घृणा बेचो, माफी माँगो, सरकार के लिए सब चंगा सी!

यह डर आवश्यक है, क्रिएटिव फ्रीडम कभी भी ऑफेंसिव नहीं होता, क्योंकि वो सस्ता तरीका है। अभी तक चल रहा था, तो क्या आजीवन चलने देते रहें?

ट्रक ड्राइवर से माफिया बने बदन सिंह बद्दो की कोठी पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, दो साल से है फरार

मोस्ट वांटेड अपराधी ढाई लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो की अलीशान कोठी पर योगी सरकार ने बुल्डोजर चलवा दिया। पुलिस ने बद्दो की संपत्ति कुर्क करने के बाद कोठी को जमींदोज करने की बड़ी कार्रवाई की है।

‘कोवीशील्ड’ बनाने वाली कंपनी के दूसरे हिस्से में भी आग, जलकर मरे लोगों को सीरम देगी ₹25 लाख

कोवीशील्ड बनाने वाली सीरम के पुणे प्लांट में दोबारा आग लगने की खबर है। दोपहर में हुई दुर्घटना में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

तांडव के डायरेक्टर-राइटर के घर पर ताला, प्रोड्यूसर ने ऑफिस छोड़ा: UP पुलिस ने चिपकाया नोटिस

लखनऊ में दर्ज शिकायत को लेकर यूपी पुलिस की टीम मुंबई में तांडव के डायरेक्टर और लेखक के घर तथा प्रोड्यूसर के दफ्तर पहुॅंची।

कहाँ गए दिल्ली जल बोर्ड के ₹26,000 करोड़: केजरीवाल सरकार पर करप्शन का बड़ा आरोप

दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर BJP ने जल बोर्ड के 26 हजार करोड़ रुपए डकारने का आरोप लगाया है।

सीरम इंस्टीट्यूट में 5 जलकर मरे: कोविड वैक्सीन सुरक्षित, लोग जता रहे साजिश की आशंका

सीरम इंस्टीट्यूट में लगी इस आग ने अचानक लोगों के मन में संदेह को पैदा कर दिया है। लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं ये सब जानबूझकर तो नहीं किया गया।

‘गाँवों में जाकर भाजपा को वोट देने के लिए धमका रहे जवान’: BSF ने टीएमसी को दिया जवाब

टीएमसी के आरोपों का जवाब देते हए BSF ने कहा है कि वह एक गैर राजनैतिक ताकत है और सभी दलों का समान रूप से सम्मान करता है।

1277 करोड़ रुपए की कंपनी: इंडियन कैसे करते हैं पखाना (पॉटी), देते हैं इसकी ट्रेनिंग और प्रोडक्ट

इंडिया के लोग पखाना कैसे करते हैं? आप बोलेंगे बैठ कर! लेकिन किसी के लिए यही सामान्य सा ज्ञान बिजनस बन गया और...

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
384,000SubscribersSubscribe