Homeविविध विषयमनोरंजन'ये बर्दाश्त से बाहर, रद्दी है': 'Liger' को साउथ के ही फिल्म समीक्षकों ने...

‘ये बर्दाश्त से बाहर, रद्दी है’: ‘Liger’ को साउथ के ही फिल्म समीक्षकों ने बताया सिरदर्द, कहा – कहानी और लेखन भी कचरे के डब्बे में डालने वाला

"एक ऐसी फिल्म जिसे अच्छा बनाया जा सकता था, लेकिन बर्बाद कर दिया गया है। बेहूदा लेखन और चापलूसी वाले दृश्यों के कारण ऐसा हुआ है।"

समीक्षकों ने विजय देवरकोंडा और अनन्य पांडे की फिल्म ‘Liger’ को नकार दिया है। फिल्म को नकारात्मक रिव्यूज मिल रहे हैं। इसका असर ये होगा कि भले ही हाइप और प्रमोशन के दम पर फिल्म को अच्छी ओपनिंग मिल जाए, लेकिन ये अपनी लागत नहीं निकाल पाएगी। ‘Liger’ का बजट 125 करोड़ रुपए है, जिसमें से 25 करोड़ रुपए तो सिर्फ लीड एक्टर विजय देवरकोंडा की फीस है। दर्शकों ने भी फिल्म को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया नहीं दी है।

‘Liger’ के निर्देशक पुरी जगन्नाथ हैं, जिनके पास 23 वर्षों में 3 दर्जन फिल्मों के निर्देशन का अनुभव है। ‘मिर्ची 9’ ने अपनी समीक्षा में ‘Liger’ को बहुत-बहुत बुरी फिल्म करार दिया है। उसने लिखा कि ये एक ऐसा मौका है, जिसे पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया। उसने इस फिल्म की कहानी को स्वीकार करने के लिए पूरा का पूरा दोष विजय देवरकोंडा पर डाला है। साथ ही पूर्व अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज माइक टाइसन के कैमियों को भी उसने बेकार बताया है। उसने फिल्म को 5 में 1.75 स्टार दिए।

वहीं फिल्म समीक्षा पीटर ने 5 में 2 रेटिंग देते हुए ‘Liger’ के बारे में कहा है कि विजय देवरकोंडा को पैन-इंडिया से परिचय कराने के लिए ये सही फिल्म नहीं है। उन्होंने लीड अभिनेत्री के रूप में अनन्या पांडेय के किरदार को बेकार बताते हुए कहा कि फिल्म की कहानी और इसका लेखन भी बुरा है। हालाँकि, उन्होंने विजय देवरकोंडा की स्क्री प्रेजेंस को फिल्म के लिए एकमात्र अच्छी चीज बताया। म्यूजिक को लाउड बताते हुए उन्होंने लिखा कि इसमें कई बेकार दृश्य हैं।

दक्षिण भारत के फिल्म समीक्षक प्रशांत रंगास्वामी ने लिखा, “माफ़ कीजिए विजय देवरकोंडा, लेकिन आपकी सारी मेहनत कचरे के डब्बे में चली गई। स्क्रीन पर आपका हकलाना रास नहीं आया। बॉलीवुड से दूर रहें और तेलुगु की अच्छी फ़िल्में करें। फिर ये अपने-आप पैन-इंडिया प्रोजेक्ट बन जाएगा।”

‘वेंकी रिव्यूज’ ने फिल्म को 5 में 2.25 रेटिंग देते हुए लिखा, “एक ऐसी फिल्म जिसे अच्छा बनाया जा सकता था, लेकिन बर्बाद कर दिया गया है। बेहूदा लेखन और चापलूसी वाले दृश्यों के कारण ऐसा हुआ है। विजय देवरकोंडा ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है और उनका बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन भी अच्छा है, लेकिन उनका हकलाना गुस्सा दिलाने वाला है। एकाध अच्छे दृश्यों के अलावा चर्चा करने लायक कुछ भी नहीं। विजय के लिए ये एक बुरा विकल्प है।”

वहीं कमाल आर खान ने दक्षिण भारत के समीक्षकों की समीक्षाएँ डालते हुए लिखा कि सभी ‘Liger’ को बर्दाश्त न होने लायक सिरदर्द बता रहे हैं। खासकर फिल्म के दूसरे हिस्से को लोग रद्दी बता रहे हैं और कह रहे हैं कि इसमें एक भी ऐसा दृश्य नहीं है, जिसका आनंद लिया जा सके। हो सकता है कि इसका फायदा अब पहले से अच्छी चल रही ‘कार्तिकेय 2’ को मिले, जो वर्ल्डवाइड 100 करोड़ रुपए की कमाई के आँकड़े को पार करने की तरफ बढ़ रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गगनयान से पहले ISRO में ‘ब्रेन ड्रेन’… 100+ वैज्ञानिक छोड़ चुके नौकरी, सरकार को बदलने पड़े इस्तीफे के नियम: भारत के स्पेस मिशनों पर...

गगनयान जैसे महत्वपूर्ण मिशनों के बीच इसरो से वैज्ञानिकों के पलायन को रोकने के लिए अंतरिक्ष विभाग ने इस्तीफे और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के नियमों को बेहद सख्त कर दिया है।

इंग्लैंड का सपना टूटा, अर्जेंटीना का जुनून जीता: जानिए मेस्सी के दो असिस्ट और 7 मिनट में पलटे मैच की पूरी कहानी

FIFA World Cup में अर्जेंटीना ने आखिरी मिनटों में इंग्लैंड को बाहर कर दिया। पढ़िए- कैसे 7 मिनट में मैच पलटा, मेस्सी का जादू और अब फाइनल में क्या दाँव पर होगा।
- विज्ञापन -