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‘जहाँ शिव-सरस्वती-कश्यप हुए, वो कश्मीर हमारा है’: ‘The Kashmir Files’ का ट्रेलर जारी, दिखेगी घाटी में हिन्दुओं के नरसंहार की सच्चाई

अनुपम खेर ने इस फिल्म में ऐसे ही एक पीड़ित कश्मीरी पंडित का किरदार निभाया है, जिसे मुस्लिमों ने घर छोड़ने का अल्टीमेटम दिया था।

निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ का ट्रेलर ‘Zee Studios’ के यूट्यूब चैनल पर रिलीज कर दिया गया है। इस फिल्म में वरिष्ठ अभिनेताओं मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर और पुनीत इस्सर के अलावा पल्लवी जोशी और दर्शन कुमार भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 11 मार्च, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है। इसे 90 के दशक में कश्मीर घाटी में हुए हिन्दुओं के नरसंहार और पलायन की व्यथा को दर्शाने के लिए बनाया गया है।

फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत मुस्लिमों की एक सभा से होती है, जिसमें ‘मुसलमानों जागो’ जैसे नारे दीवार पर लिखे हुए दिखते हैं और उनका नेता मौजूद लोगों की संख्या गिन रहा होता है। एक मुस्लिम कश्मीरी नेता दूसरे दृश्य में बता रहा होता है कि उसने 20-25 कश्मीरी पंडितों की जान ली है। पूछने पर वो कहता है कि ‘उनके’ कहने पर वो अपने भाई या फिर माँ तक को भी मार देता। फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती कहते हैं कि इसे ‘पलायन (Exodus)’ नहीं, ‘नरसंहार (Genocide)’ कहिए।

वहीं अनुपम खेर ने इस फिल्म में ऐसे ही एक पीड़ित कश्मीरी पंडित का किरदार निभाया है, जिसे मुस्लिमों ने घर छोड़ने का अल्टीमेटम दिया था। एक मुस्लिम कह रहा होता है कि पंडितों को किसी ने नहीं भगाया, बल्कि वो खुद गवर्नर (जगमोहन) से मिल कर भागे। ‘जहाँ शिव-सरस्वती-ऋषि कश्यप हुए, वो कश्मीर हमारा है… जहाँ पंचतंत्र लिखा गया, वो कश्मीर हमारा है’ – ट्रेलर में अनुपम खेर ये कहते दिखते हैं। किस तरह कश्मीरी हिन्दुओं पर अत्याचार हुए, इसे बिना किसी पक्षपात के दिखाया गया है।

फिल्म में जम्मू कश्मीर को लेकर होती राजनीति और ‘आज़ादी’ के नारे को भी सही से उकेरा गया है। विवेक अग्निहोत्री की फिल्मों में वामपंथियों को अक्सर बेनकाब किया जाता है। अनुपम खेर का डायलॉग ‘आज़ादी इज अ सॉन्ग ऑफ टेररिज्म’ हो या फिर एक अन्य अभिनेता का डायलॉग ‘पद्मश्री आपको खामोश रहने के लिए मिला था’, इस व्यथा और उसके बाद की पृष्ठभूमि को दर्शाती है। इतनी पीड़ा और अत्याचार के बावजूद कश्मीरी पंडितों ने आज तक बन्दूक नहीं उठाई, इस ओर भी ध्यान दिलाया गया है।

2 मिनट एवं 26 सेकेंड के ट्रेलर में अभिनेता दर्शन कुमार को भी महत्वपूर्ण किरदार में देखा जा सकता है। बच्चों की बेरहम हत्याएँ हों या फिर महिलाओं के साथ बलात्कार, इस फिल्म में मुस्लिम भीड़ के हर एक अत्याचार को दिखाया गया है। लोगों ने कहा कि जब ट्रेलर देख कर आँखों में आँसू आ गए तो फिल्म देख कर क्या होगा। लोगों ने इसकी सराहना करते हुए लिखा कि ऐसी कहानियाँ हर एक व्यक्ति तक पहुँचनी चाहिए। लोगों ने कहा कि नई पीढ़ी को ये देखना-समझना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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