40 वर्षों बाद जल-समाधि से निकाले गए भगवान: देश-विदेश से पहुँचे लाखों श्रद्धालु, सिर्फ़ 48 दिन होंगे दर्शन

कहते हैं, 16वीं शताब्दी में मुग़ल आक्रमण के दौरान 9 फ़ीट की इस प्रतिमा को तालाब में छिपा दिया गया था। एक बहुत ही प्रचलित कथा है कि माँ सरस्वती यहाँ नाराज़ होकर आई थीं, तब यहाँ अंजीर के जंगल हुआ करते थे। पीछे से.....

भारत विविधताओं का देश है और यहाँ प्राचीन काल से ऐसी-ऐसी परम्पराएँ चली आ रही हैं, जो हर क्षेत्र को अलग-अलग पहचान देती हैं। इसी क्रम में आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहाँ के मुख्य देवता 40 वर्षों में सिर्फ़ 1 बार दर्शन देते हैं। पिछली बार उन्होंने 1979 में दर्शन दिया था, तब श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। अब जब 2019 में वह निकले हैं, उनके दर्शन के लिए लाखों लोग पहुँच रहे हैं। हम जिस मंदिर की बात कर हैं, उसका नाम है- भगवान वरदराजा स्वामी मंदिर। यह मंदिर तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है।

और जिस देवता की बात हम कर रहे हैं, उनका नाम है- भगवान अति वरदार। अति वरदार प्रत्येक 40 वर्षों में 1 बार दर्शन देकर वापस जल समाधि में चले जाते हैं। यहाँ तक कि विदेशों से भी उनके दर्शन के लिए लोग आते हैं। हम उनकी चर्चा अभी इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि अभी वह समय आया है जब भगवान अति वरदराज को जल समाधि से निकाला गया है और इस ख़ुशी में वहाँ ‘कांची अति वरदार महोत्सव’ चल रहा है। 19 अगस्त तक लोग उनके दर्शन कर सकेंगे, जिसके बाद वह वापस मंदिर के पवित्र तालाब में रख दिए जाएँगे।

ताजा महोत्सव के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन देने भगवान अति वरदार 40 वर्षों बाद 2059 में ही प्रकट होंगे। इस बार भी जब उनकी मूर्ति को पवित्र तालाब से निकाला गया, तब हज़ारों की संख्या में भक्तगण इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए वहाँ मौजूद थे। तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ख़ुद विशेष पूजा-अर्चना का गवाह बनने के लिए वहाँ उपस्थित थे। प्रतिमा को फूल-माला पहना कर मंदिर प्रांगण में घुमाया गया और फिर वसंत मंडप में स्थापित किया गया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

48 दिनों तक चलने वाली दर्शन की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की है। ढाई हज़ार से भी अधिक पुलिसकर्मियों की देखरेख में महोत्सव चल रहा है। दर्शन के लिए मुफ्त से लेकर अलग-अलग मूल्य तक के टोकन जारी किए गए हैं। हालाँकि, भगवान अति वरदार की 40 वर्षीय जल समाधि के पीछे स्थानीय तौर पर कई कहानियाँ प्रचलित हैं लेकिन इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। भगवान की मूर्ति अंजीर के पेड़ की लकड़ी से बनी हुई है।

कहते हैं, 16वीं शताब्दी में मुग़ल आक्रमण के दौरान 9 फ़ीट की इस प्रतिमा को तालाब में छिपा दिया गया था। एक बहुत ही प्रचलित कथा है कि माँ सरस्वती यहाँ नाराज़ होकर आई थीं, तब यहाँ अंजीर के जंगल हुआ करते थे। पीछे से भगवान ब्रह्मा उन्हें मनाने आए और अश्वमेध यज्ञ किया। सरस्वती ने नदी के रूप में इस यज्ञ को भंग करने का प्रयास किया, तब यज्ञ वेदी की अग्नि से प्रकट हुए भगवान विष्णु (अति वरदराजा) ने उनका क्रोध शांत किया।

मुग़ल आक्रमण का दौर बीतने के बाद इस प्रतिमा को पूजा के लिए वापस निकाला गया था, लेकिन मान्यता है कि प्रतिमा 48 दिनों बाद फिर अपने-आप वापस तालाब में चली गई। मान्यता है कि देवगुरु बृहस्पति तालाब के भीतर विष्णु की आराधना करते हैं। तब से अब तक हर 40 वर्ष बाद ही इस प्रतिमा को दर्शन हेतु निकाला जाता है। मंदिर के पास स्थित वेगवती नदी को ही सरस्वती का रूप माना गया है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

"मोदी सरकार के इस कदम से साफ हो गया है कि राष्ट्र विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। जन संघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू- कश्मीर में एक संविधान और एक विधान को लेकर जो संघर्ष किया उनका पक्ष आखिरकार सही साबित हुआ है और नेहरू और शेख अब्दुल्ला गलत साबित हुए हैं।"

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

इमरान ख़ान

मोदी के ख़िलाफ़ बयानबाजी बंद करें इमरान ख़ान: मुस्लिम मुल्कों की पाकिस्तान को 2 टूक

मुस्लिम देशों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा है कि कश्मीर मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए वह अपने भारतीय समकक्ष के खिलाफ अपनी भाषा में तल्खी को कम करें।
सीजेआई रंजन गोगोई

CJI रंजन गोगोई: कश्मीर, काटजू, कन्हैया…CM पिता जानते थे बेटा बनेगा मुख्य न्यायाधीश

विनम्र स्वभाव के गोगोई सख्त जज माने जाते हैं। एक बार उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में तलब कर लिया था। काटजू ने सौम्या मर्डर केस में ब्लॉग लिखकर उनके फैसले पर सवाल उठाए थे।
तजिंदर बग्गा, एंड्रिया डिसूजा

‘₹500 में बिक गईं कॉन्ग्रेस नेता’: तजिंदर बग्गा ने खोली रिया (असली नाम एंड्रिया डिसूजा) की पोल

बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
सिंध, पाकिस्तान

मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने हिन्दू शिक्षक को पीटा, स्कूल और मंदिर में मचाई तोड़फोड़

इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया है। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ किया और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।
हिना सिद्धू, मलाला युसुफ़ज़ई

J&K पाकिस्तान को देना चाहती हैं मलाला, पहले खुद घर लौटकर तो दिखाएँ: पूर्व No.1 शूटर हिना

2013 और 2017 विश्वकप में पहले स्थान पर रह कर गोल्ड मेडल जीत चुकीं पिस्टल शूटर हिना सिद्धू ने मलाला को याद दिलाया है कि ये वही पाकिस्तान है, जहाँ कभी उनकी जान जाते-जाते बची थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए कितने मौके हैं, इसे मलाला बेहतर जानती हैं।

शेख अब्दुल्ला ने लकड़ी तस्करों के लिए बनाया कानून, फॅंस गए बेटे फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला को जिस पीएसए एक्ट तहत हिरासत में लिया गया है उसमें किसी व्यक्ति को बिना मुक़दमा चलाए 2 वर्षों तक हिरासत में रखा जा सकता है। अप्रैल 8, 1978 को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से इसे मंजूरी मिली थी। यह क़ानून लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए लाया गया था।
हिन्दू लड़की की हत्या

…बस एक एग्जाम और डेंटल डॉक्टर बन जातीं नमृता लेकिन पाकिस्तान में रस्सी से बंधा मिला शव

बहन के मृत शरीर को देख नमृता के भाई डॉ विशाल सुंदर ने कहा, "उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी निशान हैं, जैसे कोई व्यक्ति उन्हें पकड़ रखा था। हम अल्पसंख्यक हैं, कृपया हमारे लिए खड़े हों।"
नितिन गडकरी

भारी चालान से परेशान लोगों के लिए गडकरी ने दी राहत भरी खबर, अब जुर्माने की राशि 500-5000 के बीच

1 सितंबर 2019 से लागू हुए नए ट्रैफिक रूल के बाद से चालान के रोजाना नए रिकॉर्ड बन और टूट रहे हैं। दिल्ली से लेकर अन्य राज्यों में कई भारी-भरकम चालान काटे गए जो मीडिया में छाए रहे जिसे देखकर कुछ राज्य सरकारों ने पहले ही जुर्माने की राशि में बदलाव कर दिया था।
दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

क़र्ज़माफ़ी संभव नहीं, राहुल गाँधी को नहीं करना चाहिए था वादा: दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

राहुल गाँधी ने चुनाव के दौरान सरकार गठन के 10 दिनों के भीतर किसानों की क़र्ज़माफ़ी करने का ऐलान किया था। लेकिन लक्ष्मण सिंह के कहना है कि क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है। राहुल गाँधी को ऐसा वादा नहीं करना चाहिए था।
एन राम

‘The Hindu’ के चेयरमैन बने जज: चिदंबरम को कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में दी क्लीन चिट, कहा- कोई सबूत नहीं

एन राम चिदंबरम को जेल भेजने के लिए देश की अदालतों की आलोचना करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि इस गिरफ्तारी की साजिश करने वालों का मकसद सिर्फ और सिर्फ चिदंबरम की आजादी पर बंदिश लगाना था और दुर्भाग्यवश देश की सबसे बड़ी अदालतें भी इसकी चपेट में आ गईं।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,179फैंसलाइक करें
15,166फॉलोवर्सफॉलो करें
97,500सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: