Sunday, June 13, 2021
Home बड़ी ख़बर 'सम्राट अशोक ने रोबोटों से लड़ा था युद्ध, वैज्ञानिक सोच के मामले में हिन्दू...

‘सम्राट अशोक ने रोबोटों से लड़ा था युद्ध, वैज्ञानिक सोच के मामले में हिन्दू ग्रंथ था विश्व-गुरु’

सम्राट अशोक ने रोबोट सैनिकों से युद्ध किया। इन्हें हराने के बाद इन पर काबू करना सीखा। इसके बाद वे अशोक के आज्ञाकारी हो गए। ये रोबोट बुद्ध के अवशेषों के रक्षक थे।

एड्रियेन मयोर प्राचीन विज्ञान की इतिहासकार हैं, दंतकथाओं में रुचि रखती हैं, और अमेरिका के प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड विश्विद्यालय में शोध छात्रा हैं। सन्डे टाइम्स अख़बार से बात करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे हिन्दू मिथकों में सम्राट अशोक के रोबोटों से युद्ध करने का वर्णन है। अपनी ताज़ा कृति Gods and Robots: Myths, Machines, and Ancient Dreams of Technology में मयोर प्राचीन सभ्यताओं द्वारा भविष्य की तकनीक को कल्पित करने का विश्लेषण करती हैं।

प्रश्न: हिन्दूवादियों का ऐसा मानना है कि प्राचीन भारतीयों ने अंतरिक्षयान से लेकर मिसाइल व इन्टरनेट तक सब कुछ बना रखा था। अपने शोध में आप इसे कैसे देखती हैं?

मयोर: मेरे शोध का मूल विषय प्राचीन मानव में वैज्ञानिक प्रेरणा के उद्गम और प्रथम आभास का है। इस विषय में शोध करते-करते मैं मिथकों के बीच जा पहुंची, जहाँ मैंने पाया कि प्राचीन व्यक्तियों ने कृत्रिम जीवन, यंत्रमानव (रोबोट), मशीनें आदि बनाने के बारे में तब से सोचना शुरू कर दिया था जब वे तकनीकी रूप से इसे निष्पादित करने से कोसों दूर थे। रोबोटों और उन्नत मशीनों की मौखिक कहानियों को लिखित रूप में पहली बार 2700 साल पहले होमर (यूनान) के समय लाया गया था। ऐसी ही कहानियाँ रामायण, महाभारत, आदि में भी मिलतीं हैं- विश्वकर्मा और माया भी ऐसी ही चीजें बनाया करते थे। यूनानियों में यही चीज़ देवता हिफेस्टस और शिल्पकार डेडॉलस करते हैं।

इन कहानियों को मैं विश्व का प्रथम साइंस फिक्शन मानती हूँ। उन्नत तकनीक के प्राचीन सपने किसी एक सभ्यता की बपौती नहीं हैं। आप यूनानी, मिस्री, हिन्दू, इस्लामिक, इट्रस्केन, चीनी या किसी भी अन्य सांस्कृतिक मिथक को देखें जो कृत्रिम जीवन के बारे में है। उनमें यह कल्पना होती है कि यदि किसी व्यक्ति को दैवीय रचनात्मकता और शक्तियाँ मिल जाएँ तो क्या-क्या संभव है। पर उन मिथकों को समकालीन आधुनिक विज्ञान के विकास से सीधे नहीं जोड़ा जा सकता।

प्रश्न: आप कहती हैं कि भारतीय और यूनानी संस्कृतियाँ एक-दूसरे से तकनीकों की कल्पनाएँ उधार लेती हैं। कैसे?

मयोर: भारतीय और यूनानी मतों का एक-दूसरे पर प्रभाव डालना लगभग ईसा से पाँच शताब्दी पूर्व प्रारंभ हुआ, और सिकंदर तथा पुरु के बीच की संधि के बाद यह और भी बढ़ गया। जैन ग्रंथों में लिखा है कि अजातशत्रु के अभियंताओं ने ऐसे रथों का अविष्कार किया, जिनमें घूमते चक्र थे। ऐसा माना जा सकता है कि उत्तरकाल के फारसी रथों में लगी हुई दरांतियाँ इसी से प्रेरित थीं। इसके अलावा मखदूनिया (Macedon) के राजा फिलिप-II के बहुत पहले से अजातशत्रु के पास गुलेल जैसे अस्त्र हुआ करते थे, जिनसे भारी चट्टानों को दुश्मन की सेनाओं पर फेंका जा सकता था।

भारतीय हमेशा से तेल के दिए जलाते आए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि यूनानियों और रोमनों से बहुत पहले उन्हें मिट्टी के तेल की भी जानकारी रही होगी। यूनान के टियाना के घुमक्कड़ संत अपोलोडोरस ने स्वचालित नौकर और खुद से चलने वाले रथ भारतीय राजाओं के पास देखे। प्राचीन भारत प्राचीन यूरोप से हायड्रॉलिक्स और डिस्टिलेशन (hydraulics and distillation) की तकनीक में सदियों आगे था। तकनीक का आदान-प्रदान किस हद तक हुआ होगा, यह ठीक-ठीक पता नहीं लगाया जा सकता।

प्रश्न: और किन संस्कृतियों में उनके खुद के दिव्यास्त्र, रोबोट, और उड़ते रथ थे?

मयोर: उड़ते रथों और कृत्रिम हंसों, कृत्रिम नौकरों, विशाल रोबोटों, मशीनों जैसे मिथक महाभारत, रामायण, कथासरित्सागर, हरिवंश, और कई अन्य किताबों में मिलते हैं। मिस्री अभिलेखों और होमर की ओडिसी में ऐसे जहाजों का ज़िक्र है, जो अपना रास्ता खुद तलाश लेते थे। होमर के इलियड और चीनी ग्रंथों में मानव-मशीन मिश्रणों (android) और स्वचालित रोबोटों (automatons) का जिक्र है। और भी मिसालें दी जा सकतीं हैं।

प्रश्न: बुद्ध के अवशेषों के रक्षक एंड्राइड लड़ाकों की क्या कहानी है?

मयोर: इसकी सबसे विस्तृत कहानी लोकपनत्ती नामक बर्मी ग्रन्थ में है। कथा है कि गौतम बुद्ध की मृत्यु के पश्चात राजा अजातशत्रु ने उनके शव को एक स्तूप के नीचे गुप्त कमरे में छिपा दिया। उसकी रक्षा भूत वाहन यंत्र (spirit movement machines) कर रहे थे। यह रोबोट लड़ाके थे, जिनके पास तलवारें भी थीं- यह राजा अजातशत्रु के पास मौजूद तलवारों से लैस युद्ध वाहनों और मशीनों की याद दिलाते थे। यूनानी मिथकों में भी इंसानी और पशु रूप में automaton लड़ाकों का जिक्र है, जो महलों और खजानों के रक्षक थे, पर इस कहानी के ऐतिहासिक और तकनीकी विवरण इसे उनसे अलग करते हैं। कहानी के अनुसार इन रोबोटों को बनाने से संबंधित जो स्केच था, उसे गुप्त रूप से रोमा-विषया से पाटलिपुत्र मंगवाया गया था। रोमा-विषया यूनान से प्रभावित एक पाश्चात्य जगत था, और मंगवाने वाला यंत्रकर्ता एक रोबोट बनाने वाला कारीगर था, जो पाटलिपुत्र में जन्मा था।

यह automaton सैनिक बुद्ध के अवशेषों के तब तक रक्षक रहे, जब तक कि सम्राट अशोक को इस गुप्त कमरे के बारे में पता नहीं चल गया। अशोक ने इन सैनिकों से युद्ध किया और इन्हें हराने के बाद इन पर काबू करना सीखा, जिसके बाद वे अशोक के आज्ञाकारी हो गए। ऐतिहासिक रूप से हम यह जानते हैं कि अशोक ने बुद्ध के अवशेषों को तलाशा और पूरे देश में उन्हें बाँटा था।

प्रश्न: क्या किसी ने इन प्राचीन ग्रंथों में कल्पित automatons को बनाया था?

मयोर: ईसा से तीसरी शताब्दी पहले तक यूनान, अलेक्सांद्रिया (मिस्र), अरब, भारत और चीन के शिल्पकारों और अभियंताओं ने स्वचालित वस्तुएँ बनानी प्रारंभ कर दीं थीं। साथ ही वे उड़ते पक्षियों के प्रतिरूप, सजीवित मशीनें, और मिथकों में वर्णित automatons से मिलते-जुलते automatons भी बना रहे थे। कुछ सूक्ष्म थे तो कुछ काफी बड़े थे, कुछ काफी आसानी से बनने वाले थे तो कुछ काफी जटिल थे। उनके शक्ति-स्रोतों में स्प्रिंग, लीवर, पुली से लेकर वायु, ऊष्मा, पानी तक थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘शर्म आनी चाहिए 370 पर इतना बड़ा झूठ बोलते हुए…’: दिग्विजय सिंह को कश्मीरी एक्टिविस्ट डॉ अग्निशेखर ने लताड़ा

डॉ अग्रनिशेखर ने दिग्विजय सिंह की निंदा की। साथ ही अपनी व तमाम कश्मीरी पंडितों की ओर कॉन्ग्रेसी नेता के बयान का खंडन कर इसे बिलकुल गलत बताया।

‘राजस्थान में गहलोत सरकार करा रही पायलट खेमे के विधायकों की फोन टैपिंग और जासूसी’: MLA वेद प्रकाश सोलंकी

सोलंकी ने कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद विधायकों में दहशत है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ये सब ठीक नहीं है।

‘आग लगाओ आग’: मेवात में जुनैद की मौत के बाद भीड़ ने किया पुलिस पर हमला; लाठी-डंडे-पत्थर फेंकने के बाद लगाई आग

“मेवात में आज जुनैद के मौत के बाद पुलिस वालों को शांतिदूतों ने मारा पीटा थाने को आग के हवाले कर दिया पुलिस की गाड़ियों को तोड़ा फोड़ा गया।”

‘किसान’ आंदोलन में गैंगरेप, बात दबाने के लिए शव यात्रा: 2 महिलाओं ने भी नहीं की पीड़िता की मदद

गैंगरेप की बात को लेकर 'किसान' आंदोलन में महिलाओं ने भी पीड़िता को धोखा दिया। उन्होंने पीड़िता की आपबीती का वीडियो बनाकर...

न जॉब रही, न कार्टून बिक रहे… अब PM मोदी को कोस रहे: ट्विटर के मेल के सहारे वामपंथी मीडिया का प्रपंच

मंजुल के सहयोगी ने बताया कि मंजुल अपने इस गलत फैसले के लिए बाहरी कारणों को दोष दे रहे हैं और आशा है कि जो पब्लिसिटी उन्हें मिली है उससे अब वो ज्यादा पैसे कमा रहे होंगे।

UP के ‘ऑपरेशन’ क्लीन में अतीक गैंग की ₹46 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 1 साल में ₹2000 करोड़ की अवैध प्रॉपर्टी पर हुई कार्रवाई

पिछले 1 हफ्ते में अतीक गैंग के सदस्यों की 46 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की गई और अब आगे 22 सदस्य ऐसे हैं जिनकी कुंडली प्रयागराज पुलिस लगातार खंगाल रही है।

प्रचलित ख़बरें

सस्पेंड हुआ था सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट, लिबरलों ने फिर से करवाया रिस्टोर: दूसरों के अकाउंट करवाते थे सस्पेंड

जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वो उस गड्ढे में खुद गिरता है। सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट @TeamSaath के साथ यही हुआ।

सुशांत ड्रग एडिक्ट था, सुसाइड से मोदी सरकार ने बॉलीवुड को ठिकाने लगाया: आतिश तासीर की नई स्क्रिप्ट, ‘खान’ के घटते स्टारडम पर भी...

बॉलीवुड के तीनों खान-सलमान, शाहरुख और आमिर के पतन के पीछे कौन? मोदी सरकार। लेख लिखकर बताया गया है।

‘भाईजान’ के साथ निकाह से इनकार, बॉयफ्रेंड संग रहना चाहती थी समन अब्बास, अब खेत में दफन? – चचेरा भाई गिरफ्तार

तथाकथित ऑनर किलिंग में समन अब्बास के परिवार वालों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके शव को खेत में दफन कर दिया?

‘तुम्हारी लड़कियों को फँसा कर रोज… ‘: ‘भीम आर्मी’ के कार्यकर्ता का ऑडियो वायरल, पंडितों-ठाकुरों को मारने का दावा

'भीम आर्मी' के दीपू कुमार ने कहा कि उसने कई ब्राह्मण और राजपूत लड़कियों का बलात्कार किया है और पंडितों और ठाकुरों को मौत के घाट उतारा है।

नुसरत जहाँ की बेबी बंप की तस्वीर आई सामने, यश दासगुप्ता के साथ रोमांटिक फोटो भी वायरल

नुसरत जहाँ की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें उनकी बेबी बंप साफ दिख रहा है। उनके पति निखिल जैन पहले ही कह चुके हैं कि यह उनका बच्चा नहीं है।

11 साल से रहमान से साथ रह रही थी गायब हुई लड़की, परिवार या आस-पड़ोस में किसी को भनक तक नहीं: केरल की घटना

रहमान ने कुछ ऐसा तिकड़म आजमाया कि सजीथा को पूरे 11 साल घर में भी रख लिया और परिवार या आस-पड़ोस तक में भी किसी को भनक तक न लगी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
103,451FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe