Saturday, September 19, 2020
Home विविध विषय भारत की बात जब सिक्किम की 97.5% जनता ने भारत को चुना: कैसे अंत हुआ चोग्याल राजा...

जब सिक्किम की 97.5% जनता ने भारत को चुना: कैसे अंत हुआ चोग्याल राजा और उसकी रहस्यमयी पत्नी के शासन का

भारत में स्थित अमेरिकी राजनयिकों ने USA के स्टेट डिपार्टमेंट को भेजी गई एक जानकारी में कहा था कि अगर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सरदार पटेल की बात मान ली होती हो सिक्किम 25 साल पहले ही भारत का अंग बन चुका होता।

वो अप्रैल 14, 1975 का दिन था, जब सिक्किम ने एकमत से राजतन्त्र को हटाने के लिए मतदान किया। रिफ़रेंडम हुआ और सिक्किम की 97.55% जनता ने मिल कर इसे भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाने के लिए वोट दिया। कुल 97,000 लोगों ने इस मतदान की प्रक्रिया में हिस्सा लिया था, जो कुल 63% वोटर टर्नआउट था। उस समय चोग्याल वंश का सिक्किम पर शासन था और चीन हिमालय पर बसे इस राज्य को हथियाने की फ़िराक़ में था। पाल्डेन थोंडुप नामग्याल तब सिक्किम का राजा था। वो गंगटोक स्थित महल में ही भारतीय सेना से घिरा हुआ था। उसकी पत्नी तब 2 बच्चों के साथ न्यूयॉर्क में रहती थी।

51 वर्षीय नामग्याल की पत्नी होप कुक अमेरिकन थी और और उन्होंने उस वक़्त इस मतसंग्रह को अवैध और असंवैधानिक करार दिया था। लेकिन, वही हुआ जो सिक्किम की जनता की इच्छा थी। काजी लेन्डुप दोरजी तक सिक्किम के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने भारतीय गणराज्य का पक्ष लिया था। उन्होंने केबलग्राम से वोटिंग का परिणाम तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी तक भिजवाया। उन्होंने गाँधी से आग्रह किया कि वो तुरंत जनता की इच्छानुसार निर्णय लें और जनमत को स्वीकार करें।

हालाँकि, तब चीन ने ज़रूर ये आरोप लगाए थे कि भारत जबरदस्ती सिक्किम पर कब्जा कर रहा है। लेकिन, इंदिरा गाँधी ने ये याद दिलाने में देरी नहीं की कि चीन ने किस तरह तिब्बत पर जबरदस्ती कब्ज़ा किया था और साथ ही ये भी बता दिया कि भारत सरकार वही कर रही है, जैसा सिक्किम की जनता ने निर्णय दिया है। इस मतसंग्रह से 2 साल पहले ही नामग्याल के ख़िलाफ़ लोगों ने आंदोलन चलाया था, जिसके बाद वो नाम का राजा रह गया था। उसकी 400 सदस्यीय फ़ौज को भारतीय सेना ने निःशस्त्र कर दिया था, ताकि कोई हिंसा नहीं हो। हालाँकि, ये आरोप ग़लत हैं कि नामग्याल को सेना ने नज़रबंद किया था।

तब स्थिति ही ऐसी बन गई थी कि वहाँ हिंसा भी हो सकती थी और नामग्याल की सुरक्षा के लिए ही भारतीय सेना ने उसके महल के चारों ओर डेरा डाला था। उसका कहना था कि अगर रेफेरेंडम होता भी है तो किसी ‘स्वतंत्र एजेंसी’ द्वारा होना चाहिए, सिक्किम के प्रशासन अथवा भारतीय चुनाव आयोग द्वारा नहीं। चीन आरोप लगाता रहा है कि भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ ने 2 साल तक चले गुप्त अभियान में सिक्किम की जनता में राजा के प्रति आक्रोश भरा। नामग्याल सिक्किम को भारत से लगातार दूर कर रहा था और अपनी अमेरिकन पत्नी के कहने अनुसार भारत के लिए लगातार समस्याएँ खड़ा कर रहा था।

- विज्ञापन -

भौगोलिक स्थिति को समझें तो भारत का उत्तर उत्तर-पूर्वी हिस्सा सामरिक और रणनीतिक रूप से देश का एक महत्वपूर्ण अंग है। यहाँ अभी भारत के आठ राज्य स्थित हैं- अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, असम, त्रिपुरा, मिजोरम, मेघालय व सिक्किम। सिक्किम के उत्तर और उत्तर-पूर्व में तिब्बत स्थित है, जिस पर चीन अपना कब्ज़ा जताता रहा है। राज्य के पूर्व में भूटान है, जो भारत का मित्र राष्ट्र है लेकिन चीन उसे लुभाने की पूरी कोशिश करता रहा है। सिक्किम के पश्चिम में नेपाल है, जहाँ के सत्ताधारियों का झुकाव समय के हिसाब से कभी भारत तो कभी चीन की तरफ रहता है।

सिक्किम के इतिहास को देखें तो 1642 में फुंत्सोग नामग्याल यहाँ के पहले राजा थे। जब सिक्किम देश का 22वाँ राज्य बना, उससे पहले इस राजवंश ने 333 सालों तक वहाँ राज किया। ब्रिटिश और सिक्किम राजवंश के हित भी एक-दूसरे से जुड़े हुए थे। नेपाल और भूटान जैसे पड़ोसी राज्यों के ख़िलाफ़ दबदबा बढ़ाने के लिए चोग्याल राजाओं ने अंग्रेजों का उपयोग किया। ब्रिटिश के लिए गोरखाओं के ख़िलाफ़ सिक्किम एक दोस्त के रूप में मिला। 1814-15 के अंग्रेज-गोरखा युद्ध में गोरखाओं द्वारा हारे गए कई इलाक़े सिक्किम को मिले। अंग्रेजों ने भी सिक्किम के रूट का उपयोग नॉर्थ-ईस्ट राज्यों तक व्यापार के लिए किया।

1817 में सिक्किम ने ब्रिटिश के साथ ‘ट्रीटी ऑफ तितलिया’ पर हस्ताक्षर किया, जिससे अंग्रेजों को सिक्किम में कई राजनीतिक और व्यापारिक फायदे मिले। इससे एक फायदा ये भी हुआ कि सिक्किम ब्रिटिश की सीधी कॉलनी नहीं बना। लेकिन, ब्रिटिश के जाते ही कहीं-कहीं जनता में सिक्किम राजवंश के ख़िलाफ़ आक्रोश के स्वर उठने शुरू हो गए थे। 70 का दशक आते-आते राजवंश के ख़िलाफ़ आंदोलन और उग्र हो गया। आज भी चीन सिक्किम के एक बड़े हिस्से पर अपना दावा ठोकता रहता है और रह-रह कर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करता है।

बता दें कि 15 अगस्त 1947 को जब भारत आज़ाद हुआ, तब सिक्किम भारतीय गणराज्य का हिस्सा नहीं था। सिक्किम को भारत के आज़ाद होने के 28 सालों बाद भारतीय गणराज्य में शामिल किया गया था। इसे भारतीय गणराज्य में मिलाने की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श 1962 में हुए युद्ध के बाद शुरू किया गया। भारत-चीन युद्ध के दौरान भारत को मिली हार का एक कारण उत्तर-पूर्व में भारतीय सेना के पहुँचने में हो रही कठिनाइयों को भी माना गया। सिक्किम के राजा चोग्याल का चीन की तरफ ज्यादा झुकाव था और अपने विस्तारवादी चरित्र के कारण जाना जाने वाला ड्रैगन अपनी सीमा से सटे भारत के हर एक राज्य को हथियाना चाहता था।

आज भी चीन की वही नीति है, जिसके कारण अक्सर डोकलाम जैसे विवाद खड़े हो जाते हैं। इसे पंडित नेहरू की अदूरदर्शिता कहें या फिर उनके निर्णय लेने की क्षमता को सवालों के घेड़े में खड़ा किया जाए, उन्होंने अपनी उत्तर-पूर्व नीति अस्पष्ट रखी। भारत में स्थित अमेरिकी राजनयिकों ने USA के स्टेट डिपार्टमेंट को भेजी गई एक जानकारी में कहा था कि अगर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सरदार पटेल की बात मान ली होती हो सिक्किम 25 साल पहले ही भारत का अंग बन चुका होता। अमेरिका का ये भी मानना था कि भारत ने सिक्किम के विलय (annexation) के लिए कुछ ख़ास नहीं किया बल्कि वो तो सिक्किम की जनता थी जिसने उचित निर्णय लिया और भारत ने सिर्फ ‘परिस्थिति’ का फायदा उठाया। ये सूचनाएँ भारत में स्थित अमेरिकी राजनयिकों द्वारा अपने देश में तब भेजी गई थी जब इंदिरा गाँधी के नेतृत्व में भारत सरकार ने ये फ़ैसला ले लिया था कि सिक्किम में सेना भेजी जाएगी। ये पूरा घटनाक्रम भी काफ़ी रोचक है और इसमें कई ट्विस्ट्स और टर्न्स हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘आपसे उम्मीद की जाती है कि निष्पक्ष रहो’: NDTV पत्रकार श्रीनिवासन को व्यवसायी राकेश झुनझुनवाला ने सिखाया नैतिकता का पाठ

साक्षात्कार के दौरान झुनझुनवाला ने एनडीटीवी पत्रकार और उनके मीडिया हाउस को मोदी से घृणा करने वाला बताया। उन्होंने पत्रकार से कहा, "आप सिर्फ़ सरकार की आलोचना करते हो।"

शाहीन बाग में जिस तिरंगे की खाई कसमें, उसी का इस्तेमाल पेट्रोल बम बनाने में किया: दिल्ली दंगों पर किताब में खुलासा

"वह प्रदर्शन जो महात्मा गाँधी, डॉ बीआर अम्बेडकर की तस्वीरों और तिरंगा फहराने से शुरू हुआ था उसका अंत तिरंगे से पेट्रोल बम बनाने में, दुकानों को, घरों को जलाने में हुआ।"

किसानों का विकास, बाजार का विस्तार, बेहतर विकल्प: मोदी सरकार के तीन विधेयकों की क्या होंगी खासियतें

मोदी सरकार ने तीन नए विधेयक पेश किए हैं ताकि कृषि उत्पादन के लिए सरल व्यापार को बढ़ावा मिले और मौजूदा एपीएमसी सिस्टम से वह आजाद हों, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने के और ज्यादा विकल्प व अवसर मिलें।

व्यंग्य: आँखों पर लटके फासीवाद के दो अखरोट जो बॉलीवुड कभी टटोल लेता है, कभी देख तक नहीं पाता

कालांतर में पता चला कि प्रागैतिहासिक बार्टर सिस्टम के साथ-साथ 'पार्टनर स्वापिंग' जैसे अत्याधुनिक तकनीक वाले सखा-सहेलियों के भी बार्टर सिस्टम भी इन पार्टियों में हुआ करते थे।

रेपिस्ट अब्दुल या असलम को तांत्रिक या बाबा बताने वाले मीडिया गिरोहों के लिए जस्टिस चंद्रचूड़ का जरूरी सन्देश

सुदर्शन न्यूज़ के कार्यक्रम पर जस्टिस चंद्रचूड़ मीडिया को सख्त संदेश दिया है कि किसी एक समुदाय को निशाना नहीं बनाया जा सकता है। लेकिन समुदाय का नाम नहीं लिया गया।

NCB ने करण जौहर द्वारा होस्ट की गई पार्टी की शुरू की जाँच- दीपिका, मलाइका, वरुण समेत कई बड़े चेहरे शक के घेरे में:...

ब्यूरो द्वारा इस बात की जाँच की जाएगी कि वीडियो असली है या फिर इसे डॉक्टरेड किया गया है। यदि वीडियो वास्तविक पाया जाता है, तो जाँच आगे बढ़ने की संभावना है।

प्रचलित ख़बरें

कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA बदरुद्दीन के बेटे का लव जिहाद: 10वीं की हिंदू लड़की से रेप, फँसा कर निकाह, गर्भपात… फिर छोड़ दिया

अजीजुद्दीन छत्तीसगढ़ के दुर्ग से कॉन्ग्रेस के पूर्व MLA बदरुद्दीन कुरैशी का बेटा है। लव जिहाद की इस घटना के मामले में मीडिया के सवालों से...

जया बच्चन का कुत्ता टॉमी, देश के आम लोगों का कुत्ता कुत्ता: बॉलीवुड सितारों की कहानी

जया बच्चन जी के घर में आइना भी होगा। कभी सजते-संवरते उसमें अपनी आँखों से आँखे मिला कर देखिएगा। हो सकता है कुछ शर्म बाकी हो तो वो आँखों में...

3 नाबालिग सगी बेटियों में से 1 का 5 साल से रेप, 2 का यौन शोषण कर रहा था मोहम्मद मोफिज

मोफिज ने बीवी को स्टेशन पर ढकेल दिया, क्योंकि उसने बेटी से रेप का विरोध किया। तीनों बेटियाँ नाबालिग हैं, हमारे पास वीडियो कॉल्स और सारे साक्ष्य हैं। बेगूसराय पुलिस इस पर कार्रवाई कर रही है।

थालियाँ सजाते हैं यह अपने बच्चों के लिए, हम जैसों को फेंके जाते हैं सिर्फ़ टुकड़े: रणवीर शौरी का जया को जवाब और कंगना...

रणवीर शौरी ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कंगना को समर्थन देते हुए कहा है कि उनके जैसे कलाकार अपना टिफिन खुद पैक करके काम पर जाते हैं।

‘ब्यूरोक्रेसी पर कब्जा करो… अपने नस्लों के फायदे के लिए पावर हाथ में लो’ – इमरान प्रतापगढ़ी का वीडियो वायरल

इमरान प्रतापगढ़ी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें इमरान प्रतापगढ़ी मुस्लिमों से ब्यूरोक्रेसी पर ‘कब्जा’ करने के लिए कहते हैं।

‘हीरो के साथ सोकर मिलते हैं फिल्मों में 2 मिनट के रोल’: कंगना ने जया बच्चन को जवाब देते हुए किया नया खुलासा

कंगना रनौत ने इससे पहले जया बच्चन से पूछा था कि जैसा उनके और सुशांत के साथ हुआ अगर वही श्वेता और अभिषेक के साथ होता, तो भी वो यही कहती?

नेहरू-गाँधी परिवार पर उठाया था सवाल: सदन में विपक्ष के हो-हल्ले के बाद अनुराग ठाकुर ने माँगी माफी, जाने क्या है मामला

"PM Cares एक पंजीकृत चैरिटेबल ट्रस्ट है। मैं साबित करने के लिए विपक्ष को चुनौती देना चाहता हूँ। यह ट्रस्ट इस देश के 138 करोड़ लोगों के लिए है।"

अलीगढ़ में दिन दहाड़े बंदूक की नोक पर 35 लाख के जेवर लूटने वाले तीनों आरोपितों को यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार

कुछ दिन पहले इंटरनेट पर चोरी का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें ये तीन लुटेरे बंदूक की नोक पर अलीगढ़ में एक आभूषण की दुकान को लूट रहे थे।

‘आपसे उम्मीद की जाती है कि निष्पक्ष रहो’: NDTV पत्रकार श्रीनिवासन को व्यवसायी राकेश झुनझुनवाला ने सिखाया नैतिकता का पाठ

साक्षात्कार के दौरान झुनझुनवाला ने एनडीटीवी पत्रकार और उनके मीडिया हाउस को मोदी से घृणा करने वाला बताया। उन्होंने पत्रकार से कहा, "आप सिर्फ़ सरकार की आलोचना करते हो।"

MP: कॉन्ग्रेस ने गाय को किया चुनाव के लिए इस्तेमाल, शरीर पर पंजे के निशान के साथ लिखा उम्मीदवार का नाम

इंदौर की सांवेर विधानसभा सीट पर उपचुनाव है। उसी चुनाव में लोगों को उम्मीदवार की ओर आकर्षित करने के लिए यह वाहियात कार्य किया गया है।

महाराष्ट्र सरकार के पास कर्मचारियों को सैलरी देने के पैसे नहीं, लेकिन पीआर के लिए खर्च कर रही ₹5.5 करोड़

शिवसेना की अगुवाई वाली महाविकास आघाड़ी समिति के प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र सरकार के पीआर के प्रबंधन के आवेदन करने के लिए निजी विज्ञापन एजेंसियों को आमंत्रित करते हुए एक ई-टेंडर जारी किया है।

‘एक बार दिखा दे बस’: वीडियो कॉल पर अपनी बेटियों से प्राइवेट पार्ट दिखाने को बोलता था मोहम्मद मोहफिज, आज भेजा गया जेल

आरोपित की बेटी का कहना है कि उनका घर में सोना भी दूभर हो गया था। उनका पिता कभी भी उनके कपड़ों में हाथ डाल देता था और शारीरिक संबंध स्थापित करने की कोशिश करता था।

अमेरिका में भी चीनी ऐप्स TikTok और वीचैट पर रविवार से बैन: राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंधमारी बताई गई वजह

अमेरिकी सरकार ने भी इन एप्स को बैन करने के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंधमारी को कारण बताया है। कोरोना वायरस, चीन की चालबाजी, टैक्नोलॉजी पर बढ़ते तनाव और अमेरिकी निवेशकों के लिए वीडियो ऐप TikTok की बिक्री के बीच यह फैसला सामने आया है।

1995 के अमूल विज्ञापन पर चित्रित उर्मिला पर बौखलाए लिबरल्स: रंगीला के प्रमोशन को जोड़ा कंगना की टिप्पणी से

25 साल पहले बनाया गया यह विज्ञापन अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर की फिल्म 'रंगीला' में उनके प्रदर्शन को देखते हुए बनाया गया था।

शाहीन बाग में जिस तिरंगे की खाई कसमें, उसी का इस्तेमाल पेट्रोल बम बनाने में किया: दिल्ली दंगों पर किताब में खुलासा

"वह प्रदर्शन जो महात्मा गाँधी, डॉ बीआर अम्बेडकर की तस्वीरों और तिरंगा फहराने से शुरू हुआ था उसका अंत तिरंगे से पेट्रोल बम बनाने में, दुकानों को, घरों को जलाने में हुआ।"

ड्रग्स के खिलाफ NCB का ताबड़तोड़ एक्शन: 4 ड्रग पेडलर गिरफ्तार, ₹4 करोड़ की ड्रग्स सीज, मिला बॉलीवुड लिंक

इसी के तहत कार्रवाई करते हुए एनसीबी ने मुंबई से चार और ड्रग पैडलर्स को भी हिरासत में लिया है। ड्रग्स पेडलर्स के पास से एनसीबी ने लाखों रुपए की ड्रग्स भी बरामद की है।

हमसे जुड़ें

260,559FansLike
77,910FollowersFollow
322,000SubscribersSubscribe
Advertisements