Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'मैं भारत के मुस्लिमों की आवाज़ हूँ, सीमा पर ख़ुद लड़ने जाऊँगा'

‘मैं भारत के मुस्लिमों की आवाज़ हूँ, सीमा पर ख़ुद लड़ने जाऊँगा’

"वक़्त आने पर यह पता लगेगा कि मुसलमान अकेला भी बहुत होता है। अगर जंग हुई तो मैं बताऊँगा कि मैं ख़ुद किस तरह लड़ूँगा।"

न सिर्फ़ पाकिस्तानी पत्रकार और सिनेमाई हस्तियाँ बल्कि पाकिस्तान के नेतागण भी अजीबोगरीब बयान देने लगे हैं। पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी को उनकी अपनी ही पार्टी के संसद ने बेशर्म, कुत्ता और दब्बू जैसे अपमानजनक शब्दों से नवाजा। भारत-पाक तनाव के बीच अब पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने कुछ ऐस बयान दिया है, जिससे ट्विटर यूजर्स की हँसी नहीं रुक रही है। पाकिस्तानी मंत्री ने ख़ुद को भारतीय मुसलमानों के दिल की आवाज बताया।

शेख राशिद ने ख़ुद को भारत के करोड़ों मुस्लिमों के दिल की आवाज बता डाला। वो यही नहीं रुके। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध होता है तो वह ख़ुद सीमा पर लड़ाई करने जाएँगे। यहाँ इस बात पर गौर करना ज़रूरी है कि 1998 में जब पाकिस्तान ने परमाणु परीक्षण किया था, तब शेख रशीद भाग खड़े हुए थे।

एक मीडिया चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें ‘पटाखा इधर-उधर होने या उसमें लीकेज होने का डर था।‘ नीचे संलग्न किए गए वीडियो में आप उनका यह बयान सुन सकते हैं कि कैसे वह परमाणु परीक्षण के दौरान डर कर पाकिस्तान से बाहर चले गए थे।

अगर उनके ताज़ा बयान की बात करें तो उन्होंने कहा, “वक़्त आने पर यह पता लगेगा कि मुसलमान अकेला भी बहुत होता है। अगर जंग हुई तो मैं बताऊँगा कि मैं ख़ुद किस तरह लड़ूँगा।” उन्होंने दावा किया कि भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तानी फ़ौज तो लड़ेगी ही, वे भी लड़ेंगे। उनके इस वीडियो के सामने आने के बाद ट्विटर ने भी जम कर मजे लिए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसी को बेल मिली तो घर नहीं जा सका, कोई अब तक जेल में… संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को सामान्य बनाना चाह रहे...

हर पीढ़ी में ऐसे युवा होते हैं जो व्यवस्था बदलना चाहते हैं। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि व्यवस्था बदलने और कानून तोड़ने में अंतर होता है।

PM की हत्या की साजिश, संसद में घुसने का प्रयास और पुलिस पर पथराव: Insta रील से इतर समझें ‘कॉकरोचों’ का एजेंडा, कैसे ठगे...

एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
- विज्ञापन -