नाराज़ मलेशिया के PM ने ज़ाकिर नाइक को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहने को कहा, समन जारी, होगी पूछताछ

मलेशिया के पूर्व पुलिस प्रमुख रहीम नूर ने सरकार से माँग की है कि ज़ाकिर नाइक का 'परमानेंट रेजिडेंट' समाप्त कर उसे भारत को सौंप दिया जाए क्योंकि उसने आपराधिक कार्य किया है। ज़ाकिर नाइक ने अपने विवादित बयान में कहा था कि मलेशिया में रहने वाले हिन्दुओं को.....

भगोड़े ज़ाकिर नाइक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं लेकिन उसकी अकड़ अभी भी कम नहीं हुई है। हिन्दुओं व चीनियों के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मलेशिया के अधिकारियों ने उसे दूसरी बार समन जारी किया है। विवादित इस्लामिक उपदेशक को मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने साफ़-साफ़ कह दिया है कि उसे वहाँ की राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति नहीं है। मनी लॉन्ड्रिंग और हेट स्पीच के मामलों में भारतीय एजेंसियों को भी ज़ाकिर नाइक की तलाश है।

बौखलाए नाइक ने पेनांग के उपमुख्यमंत्री पी रामासामी सहित 4 बड़े नेताओं को अदालत में घसीट लिया है। ज़ाकिर ने इन सभी से 48 घंटे के अंदर माफ़ी माँगने अथवा मानहानि का मुक़दमा झेलने की धमकी दी है। इन नेताओं ने साफ़ कर दिया कि ज़ाकिर का बयान जहरीला और विभिन्न सम्प्रदायों के बीच वैमनस्य फैलाने वाला था। ज़ाकिर ने मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज कराया है। उसका कहना है कि इन नेताओं ने उसके बयान को ग़लत तरीके से पेश किया।

मलेशिया के पूर्व पुलिस प्रमुख रहीम नूर ने सरकार से माँग की है कि ज़ाकिर नाइक का ‘परमानेंट रेजिडेंट’ समाप्त कर उसे भारत को सौंप दिया जाए क्योंकि उसने आपराधिक कार्य किया है। ज़ाकिर नाइक ने अपने विवादित बयान में कहा था कि मलेशिया में रहने वाले हिन्दुओं को भारत में रह रहे मुसलमानों से सौ गुना ज्यादा अधिकार मिलते हैं, फिर भी वे (मलेशिया निवासी हिन्दू) मलेशिया के पीएम की बजाय मोदी का ही समर्थन करते हैं।

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हालाँकि, मलेशिया के प्रधानमंत्री कई मौक़ों पर ज़ाकिर नाइक का समर्थन करते रहे हैं लेकिन अबकी उन्होंने कहा है कि इस्लामिक उपदेशक ने इस बार बयान देते हुए हद पार कर दी। प्रधानमंत्री महाथिर ने कहा कि चीनियों व भारतियों को वापस जाने की बात कह ज़ाकिर ने सीमा लांघी है। बाद में अपने बयान से पलटते हुए ज़ाकिर नाइक ने कहा कि उसने इस बात पर चर्चा की थी कि मलेशिया में किस तरह से हिन्दू अल्पसंख्यकों को काफ़ी अधिकार दिए जाते हैं।

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