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भारत में शरिया शासन चाहता है CNN, मुखालफत करने वालों को बताता है इस्लाम विरोधी: हिंदू घृणा से भरा अमेरिकी मीडिया का लेख पढ़ा आपने

CNN ने 2019 में लाए गए नागरिकता क़ानून का भी जिक्र क्या। CNN ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने वाले कानून को मुस्लिम विरोधी बताने का प्रयास दिया। इसका आधार CNN ने इस कानून के विरोध में हुए दंगों को बता दिया और कहा कि यह कानून मुस्लिमों को नागरिकता के बाहर करता है।

भारत में लोकसभा चुनावों के दौर के बीच पश्चिमी मीडिया पूरी तरह से इस प्रयास में लगा हुआ है कि कैसे भारतीय वोटर पीएम मोदी की सरकार के विरोध में आ जाएँ। पश्चिमी मीडिया में लगातार ऐसे लेख प्रकाशित हो रहे हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिन्दू हार्डलाइनर हैं और उनका तीसरा कार्यकाल भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाएगा। भारत विरोधी और हिन्दू विरोधी नैरेटिव चलाने के चक्कर में लगातार यह मीडिया हाउस लगातर झूठ परोस रहे हैं। हाल ही में CNN ने ऐसा ही एक लेख प्रकाशित किया।

1 मई, 2024 को अमेरिकी मीडिया संस्थान CNN ने ‘भारत के पवित्र शहर में बढ़ते हिंदू राष्ट्रवाद से मुसलमान डरे हुए हैं’ (Rising Hindu nationalism leaves Muslims fearful in India’s holy city) शीर्षक से एक लेख प्रकाशित किया। शीर्षक से ही पता चलता है कि इस लेख के जरिए वाराणसी (काशी) में मुस्लिम डरे हुए हैं कि कहीं पीएम मोदी को तीसरा कार्यकाल ना मिला जाए।

CNN का दावा: मुस्लिमों को निशाने पर लेने के लिए हिन्दुओं को ऊँचे पदों पर बिठाया जा रहा

ऐश्वर्या एस अय्यर, रिया मोगुल, कुणाल सहगल और विल रिप्ले द्वारा लिखे गए इस लेख में इस बात पर समस्या जताई गई है कि मोदी के भारत में कैसे ‘हिंदू राष्ट्रवादियों’ को सरकारी संस्थानों में ऊँचे पदों पर नियुक्त किया जा रहा है। अपने दावे को मजबूती देने के लिए, CNN ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक रिपोर्ट लिंक कर दी। हालाँकि, CNN ने साफ रूप से CM योगी का नाम नहीं लिया, लेकिन इसने साफ रूप से यह कहा कि बड़े पदों पर हिन्दुओं को इसलिए बैठाया जा रहा है ताकि वह मुस्लिमों को निशाना बना सकें।

CNN को अनुच्छेद 370 और CAA से दिक्कत

CNN के लेख में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने को लेकर भी प्रलाप किया गया है। इसमें दावा गया कि कि मोदी सरकार ने भारत के अकेले मुस्लिम बहुल राज्य की स्वायत्तता छीन ली। हालाँकि, CNN ने यह नहीं बताया कि आतंक, देश विरोधी प्रदर्शनों और भारतीय सुरक्षाबलों पर पथराव से त्रस्त एक अस्थिर क्षेत्र अब विकास के रास्ते पर चल दिया है। मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर में बुनियादी इन्फ्रा, शिक्षा, पर्यटन और विकास में बड़ा निवेश किया है।

इसके अलावा CNN ने 2019 में लाए गए नागरिकता क़ानून का भी जिक्र क्या। CNN ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने वाले कानून को मुस्लिम विरोधी बताने का प्रयास दिया। इसका आधार CNN ने इस कानून के विरोध में हुए दंगों को बता दिया और कहा कि यह कानून मुस्लिमों को नागरिकता के बाहर करता है।

CNN ने इसमें यह छुपाया कि यह दंगे इस पर फैलाई गई अफवाह के चलते हुए थे। क़ानून किसी भी मुस्लिम को नागरिकता ने बाहर नहीं करता और कोई भी मुस्लिम इस कानून के बाद भी भारत की नागरिकता के लिए आवेदन दे सकता है। CAA कानून केवल इन देशों में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए लाया गया है।

2020 के दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगों को मुस्लिमों पर हमला मानता है CNN

CNN ने 2020 के दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगों के एक पीड़ित नासिर अली का उदाहरण दिया। इसमें दावा किया गया कि नासिर को मुस्लिम होने के कारण आँख में गोली मारी गई। CNN का यह प्रोपेगेंडा पुराना है और हिन्दू विरोधी वामपंथी लम्बे समय से यही करते आए हैं कि मुस्लिमों के खिलाफ हुई हिंसा को बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जाए। हालाँकि, CNN ने इसी के साथ IB अफसर अंकित शर्मा का नाम नहीं लिया, जिनकी लाश एक नाले से बरामद हुई थी। इस दंगे में 53 लोग मारे गए थे और 200 से ज्यादा घायल हुए थे।

CNN ने एक कश्मीरी मुस्लिम के लिए प्रलाप किया जिसको कथित तौर पर उसकी मुस्लिम पहचान के कारण राजस्थान में हफ़्तों तक कमरा नहीं मिला। CNN के लिए यह बात अधिक गंभीर है कि एक व्यक्ति को कमरा नहीं मिला बजाय कि दंगों में गरीब हिन्दू मारे गए। CNN अपराध को तब ज्यादा खतरनाक घोषित करता है जब वह मुस्लिमों के खिलाफ हों। CNN ने अपने दावों को मजबूती के लिए एमनेस्टी और ह्यूमन राइट्स वाच जैसी संस्थाओं का नाम लिया जो पहले ही हिन्दू विरोधी रवैये के लिए कुख्यात हैं।

CNN में पीएम मोदी पर फैलाया झूठ

CNN ने पीएम मोदी को लेकर विपक्षी दलों के प्रोपेगेंडा पर काम किया और उसे बढ़ाने का प्रयास किया। इसने दावा किया कि पीएम मोदी ने एक रैली में मुस्लिमों को घुसपैठिया बताया। बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश करते हुए CNN ने इसे मुस्लिम विरोधी बताया। हालाँकि, सच्चाई यह थी कि पीएम मोदी ने मुस्लिमों को घुसपैठिया ना कह कर उन पर हमला किया था जो अवैध रूप से देश में प्रवेश करते हैं।

CNN नहीं चाहता ज्ञानवापी वापस ले हिन्दू, इससे खराब सेक्यूलर होने पर होगा असर

CNN यह भी चाहता है कि हिन्दू काशी के ज्ञानवापी ढांचे पर से अपना दावा छोड़ दें ताकि देश सेक्यूलरिज्म की रक्षा हो सके। CNN का कहना है कि हिन्दुओं का ज्ञानवापी पर दावा लोगों के विश्वास पर ज्यादा टिका है ना कि असल सबूतों पर। हाल ही में आई ASI सर्वे की रिपोर्ट इसी तरफ इशारा करती है। इसके लिए एक स्थानीय मुस्लिम का बयान भी CNN लगाता है। यह मुस्लिम कहता है कि उसे अब न्यायपालिका और पुलिस पर कोई भरोसा नहीं रहा।

राम मंदिर को लेकर भी CNN प्रलाप किया, उसने बताया कि राम मंदिर के निर्माण से देश के सेक्युलर फैब्रिक को नुकसान पहुँचा है। ऐसे में यह सोचा जा सकता है कि यदि हिन्दू अपने अधिकारों के लिए इस लिए ना लड़ें कि इससे सेक्युलर फैब्रिक खतरे में आएगी तो आखिर फिर यह एक छलावा ही है।

यह लेख अंग्रेजी में यहाँ क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।

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Shraddha Pandey
Shraddha Pandey
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