2 को मारा, 80 घायल: POK में उठी आज़ादी की माँग, पाकिस्तानी सेना ने बरपाया कहर

POK और गिलगित बाल्टिस्तान के लोग आज के दिन इकट्ठे होकर अपना विरोध प्रदर्शन करते हैं। इस साल पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकर्ताओं के ऊपर न केवल आँसू गैस से हमला कर दिया, बल्कि लाठीचार्ज भी किया।

पाकिस्तान ने अब भारत के बाद अपनी खुद की गुलामी में पड़े पाकिस्तान ऑक्युपाइड कश्मीर (POK) में भी हिंसा और दमन का चक्र शुरू कर दिया है। POK के मुज़फ़्फ़राबाद में पाकिस्तान के अवैध कब्जे के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन पर पाकिस्तान के सशस्त्र सुरक्षा बलों ने भयंकर हिंसा की है। दो लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है, और 80 लोग घायल हो गए हैं। गौरतलब है कि POK में 22 अक्टूबर की तारीख को ‘काला दिवस’ (‘Black Day’) मनाया जाता है। उस ही तारीख को 1947 में पाकिस्तानी सेना ने महाराज हरी सिंह के जम्मू और कश्मीर राज्य पर हमला किया था।

पाकिस्तान से आजादी पाने के लिए POK में सक्रिय सभी राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन All Independent Parties Alliance (AIPA) ने इस रैली का आयोजन किया गया था। इसका मकसद पाकिस्तान के अवैध कब्ज़े के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।

POK और गिलगित बाल्टिस्तान के लोग आज के दिन इकट्ठे होकर अपना विरोध प्रदर्शन करते हैं। इस साल पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकर्ताओं के ऊपर न केवल आँसू गैस से हमला कर दिया, बल्कि लाठीचार्ज भी किया।

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और यह हमला किया भी उस समय गया जब पाकिस्तान का विदेश कार्यालय पत्रकारों और विदेशी राजनयिकों का एक प्रतिनिधिमंडल ले कर भारत के खिलाफ प्रोपेगंडा करने उन्हें POK के पास दौरे पर ले कर गया था।

इसके अलावा पाकिस्तान ने POK में आम जनता और नेताओं के अलावा पत्रकारों पर भी हमला किया और उनके साथ हिंसा की। मुज़फ़्फ़राबाद के प्रेस क्लब में Jammu Kashmir People’s National Alliance (JKPNA) नामक पार्टी मीडिया ब्रीफिंग कर रही थी। पुलिस ने उस पर भी हमला बोल कर लाठीचार्ज किया और पत्रकारों के साथ मारपीट करने के अलावा उनके रिकॉर्डिंग इक्विपमेंट भी तोड़ दिए।

इसके बाद बिफरे पत्रकारों ने भी पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

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