बिप्लव का अकाउंट हैक कर शरीफ़ और इमोन ने की पैगंबर पर टिप्पणी, मुस्लिमों के उत्पात में 4 मरे

बिप्लव का फेसबुक अकाउंट चेक करते समय पुलिस ने पाया कि हैकर्स ने बिप्लव को धमकी भरे मैसेज किए थे। इसमें हैकर्स ने लिखा था कि अगर उसे उसका फेसबुक अकाउंट वापस चाहिए तो उसके लिए पैसे देने होंगे। पुलिस ने पटुआखली और बोहरानुद्दीन से दोनों हैकर्स को हिरासत में लिया है।

बांग्लादेश में एक फेसबुक पोस्ट को लेकर हुए विवाद में चार लोगों की मौत और 50 के घायल होने की ख़बर है। दरअसल, एक हिन्दू व्यक्ति ने कथित रूप से फेसबुक पर ईश-निंदा (मुहम्मद पैगंबर पर) करने वाली पोस्ट की थी, जिसके विरोध में रविवार (20 अक्टूबर) को मुस्लिम लोगों ने प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में अचानक हिंसा भड़क गई, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बांग्लादेश पुलिस ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए।

यह हिंसा ढाका से 116 किलोमीटर दूर भोला ज़िले में हुई है। ‘तौहिदी जनता’ के बैनर तले आयोजित हो रहे विरोध-प्रदर्शन में सैकड़ों मुस्लिमों ने हिन्दू व्यक्ति पर कार्रवाई किए जाने की माँग की। 

ढाका ट्रिब्यून की ख़बर के अनुसार, फेसबुक पोस्ट करने वाले शख़्स जिसकी पहचान बिप्लव चंद्र के रूप में हुई है उसने शुक्रवार (18 अक्टूबर) को पुलिस स्टेशन पहुँचकर दावा किया कि उसका फेसबुक अकाउंट हैक कर लिया गया था और विवादित पोस्ट उसने नहीं की। जिस समय बिप्लव पुलिस स्टेशन में अपनी शिक़ायत दर्ज करवा रहा था, उसी दौरान उसके पास हैकर्स का फोन भी आया और उससे रुपयों की माँग की। पुलिस ने मामले की कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए बिप्लव का फेसबुक अकाउंट चेक किया।

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बिप्लव का फेसबुक अकाउंट चेक करते समय पुलिस ने पाया कि हैकर्स ने बिप्लव को धमकी भरे मैसेज किए थे। इसमें हैकर्स ने लिखा था कि अगर उसे उसका फेसबुक अकाउंट वापस चाहिए तो उसके लिए पैसे देने होंगे। पुलिस ने पटुआखली और बोहरानुद्दीन से दोनों हैकर्स को हिरासत में लिया है। दोनों हैकर्स की पहचान शरीफ़ और इमोन के रूप में हुई है, उनसे पूछताछ जारी है। इसके बाद पुलिस ने बिप्लव को भी हिरासत में ले लिया।

जानकारी के अनुसार, इस मामले में बारिसल डिवीजन पुलिस ने पाँच-जाँच समितियों का गठन किया है, जिसके नेतृत्व में बारिसल रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) ने घटना में पुलिस की भूमिका पर ग़ौर किया। समिति को सात कार्य दिवसों के भीतर एक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा गया है। सर्बदोलिया मुस्लिम ओइक्या परिषद (ऑल पार्टी मुस्लिम यूनिटी काउंसिल) नामक एक स्थानीय मंच ने रविवार की दोपहर भोला प्रेस क्लब के सामने सुबह की घटना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने छ: माँगें रखीं। इनमें फेसबुक पोस्ट करने वाले हिन्दू युवक को मृत्युदंड देने की सज़ा भी शामिल थी।

पुलिस ने बताया कि कहा कि बोहरानुद्दीन अपज़िला में स्थिति उस समय नियंत्रण से बाहर हो गई जब कुछ पुलिस कर्मियों को कमरे में बंधक बना लिया गया। स्थिति को क़ाबू में रखने के लिए इलाक़े में बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) की टुकड़ियों की तैनाती की गई।

भोला के पुलिस अधीक्षक सरकार एमडी कैसर ने चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। इनमें मदरसा छात्र महबूब (14 वर्षीय), कॉलेज छात्र शाहीन (23 वर्षीय), महफूज़ (45 वर्षीय) और मिज़ान (40 वर्षीय) शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया है कि जो लोग मारे गए थे, वे उन्हीं के आदमी थे।

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