Thursday, June 20, 2024
Homeविविध विषयअन्यआपका सोना कितना खरा, अब अपने मोबाइल से करिए जाँच: धनतेरस पर BIS ने...

आपका सोना कितना खरा, अब अपने मोबाइल से करिए जाँच: धनतेरस पर BIS ने लॉन्च किया एप, जानिए कैसे कर सकेंगे इस्तेमाल

ये ऐप सभी आईएसआई और हॉलमार्क-सर्टिफिकेट को ट्रैक करने में मदद कर सकता है। ये कस्टमर को हॉलमार्क की शुद्धता सत्यापित करने में मदद करता है।

धनतेरस, दिवाली या फिर शादियों के लिए सोने के जेवर या गोल्ड खरीद रहे हैं तो अब शुद्धता को लेकर घबराने की जरुरत नहीं है। चाहे दुकान से खरीद रहे हों या भीड़भाड़ से बचने के लिए ऑनलाइन एप से जेवर या गोल्ड का कोई सामान खरीदते हैं तो इसकी शुद्धता की जाँच के लिए BIS ने धनतेरस पर एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है जिससे आप जान सकते हैं कि आपका सोना कितना है खरा।

इस ऐप के जरिए आपको यह भी पता लगेगा कि आपके द्वारा खरीदा गया गोल्ड हॉलमार्क के मानकों पर खरा उतरता है कि नहीं। दरअसल, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने बीआईएस केयर एप (BIS Care App) बनाया है, जो पलक झपकते ही आपको बता देगा कि सोने के जेवर की हॉलमार्किंग असली है कि नहीं।

ये ऐप सभी आईएसआई और हॉलमार्क-सर्टिफिकेट को ट्रैक करने में मदद कर सकता है। ये कस्टमर को हॉलमार्क की शुद्धता सत्यापित करने में मदद करता है। खास बात ये है कि इस एप को एंड्रोइड के साथ ही एप्पल यूजर भी आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे करें BIS Care App डाउनलोड

किसी भी चीज की गुणवत्ता और उसकी प्रमाणिकता बताने वाली संस्था BIS के BIS Care App नाम लॉन्च मोबाइल एप को आप Google Play Store में जाकर सर्च कर डाउनलोड किया जा सकता है।

गुणवत्ता के पैमाने पर भी इस एप को 4 स्टार से अधिक रेटिंग मिली है। मतलब साफ है कि गुणवत्ता परखने में इसका कोई सानी नहीं है। इसकी मदद से आप आसानी से किसी भी सामान की हॉलमार्किंग या ISI मार्क की परख कर सकते हैं।

कैसे करें BIS Care App इस्तेमाल

बीआईएस वेबसाइट में अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के तहत छह कैटेगिरी में सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग को मंजूरी दी गई है। ये 14K, 18K, 20K, 22K, 23K और 24K हैं।

बता दें कि सोने के जेवर के खरेपन को परखने के लिए लिए बीआईएस केयर एप में हॉलमार्क विशिष्ट पहचान (HUID) फीचर है। इसका इस्तेमाल करना भी बेहद आसान है। केवल वेरीफाई HUID में इस नंबर या लाइसेंस नंबर डाल कर पता किया जा सकता है कि जेवर कितने खरे हैं।

BIS Care App किसी भी आईटम या प्रोडेक्ट को आईएसआई मार्क, हॉलमार्क और सीआरएस रजिस्ट्रेशन मार्क की कसौटी पर परखने वाला शानदार और एक आसान जरिया है। इस एप के जरिए सामान की क्वालिटी या विश्वसनीयता को लेकर किसी भी तरह का शक होने पर शिकायत भी की जा सकती है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

14 फसलों पर MSP की बढ़ोतरी, पवन ऊर्जा परियोजना, वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार, पालघर का पोर्ट होगा दुनिया के टॉप 10 में: मोदी कैबिनेट...

पालघर के वधावन पोर्ट की क्षमता अब 298 मिलियन टन यूनिट की जाएगी। इससे भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर भी मजबूत होगा। 9 कंटेनर टर्मिनल होंगे।

किताब से बहती नदी, शरीर से उड़ते फूल और खून बना दूध… नालंदा की तबाही का दोष हिन्दुओं को देने वाले वामपंथी इतिहासकारों का...

बख्तियार खिजली को क्लीन-चिट देने के लिए और बौद्धों को सनातन से अलग दिखाने के लिए वामपंथी इतिहासकारों ने नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह किए जाने का दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया। इसके लिए उन्होंने तिब्बत की एक किताब का सहारा लिया, जो इस घटना के 500 साल बाद लिखी गई थी और जिसमें चमत्कार भरे पड़े थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -