Monday, April 15, 2024
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जलियाँवाला बाग स्मारक = व्हेल का लिंग: हिंदुस्तानी माँ-बाप… अब कैम्ब्रिज की प्रोफेसर, मिलिए हिंदूघृणा वाली महिला से

हिंदुस्तानी माँ-बाप से पैदा हुई हैं प्रियंवदा गोपाल। फिलहाल कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। इनको सफल होने वाले हर हिंदू से दिक्कत है। हिंदुओं को अमेरिकी नागरिक बनाने की प्रक्रिया को ब्लॉक करने की माँग कर चुकी हैं।

भारतीय मूल की प्रोफेसर प्रियंवदा गोपाल को उनके द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के लिए काफी आलोचना मिल रही है। वह एक अमेरिकी लिबरल हैं, जो हिंदुओं के लिए अपने दिल में घृणा पालती हैं। वह कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में उत्तर औपनिवेशिक स्टडीज की प्रोफेसर हैं।

31 अगस्त को प्रियंवदा गोपाल ने जलियांवाला बाग स्मारक की तुलना ‘व्हेल पेनिस’ (‘whale penis’) से की। दरअसल ट्विटर पर एक शख्स ने स्मारक के सौंदर्यशास्त्र को स्वीकार नहीं करने की बात कही। जिसके बाग प्रियंवदा ने यह तुलना किया। दोनों के बीच की बातचीत में यह स्पष्ट रूप से सुना जा सकता है कि उन्हें यह पता नहीं है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने स्मारक का निर्माण नहीं किया है। यह दशकों से अस्तित्व में है।

Source: Twitter

वैसे यह पहली बार नहीं है कि प्रोफेसर प्रियंवदा गोपाल ने सोशल मीडिया पर इस तरह की विवादास्पद टिप्पणियाँ की हैं। 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम के पारित होने के दौरान प्रियंवदा गोपाल ने H-1B वीजा का जिक्र करते हुए माँग की थी कि संयुक्त राज्य अमेरिका हिंदुओं के नागरिक बनाने की प्रक्रिया को ब्लॉक करे और ‘उनके कीमती H-1Bs को छीन ले’।

Source: Twitter

हाल ही में, प्रियंवदा गोपाल ने दावा किया कि प्रसिद्ध विद्वान कोएनराड एल्स्ट ‘हिंदू वर्चस्ववाद के अनुयायी’ थे, जिसकी तुलना उन्होंने ‘आर्यन वर्चस्ववाद’ से की, जिसमें नाजी का प्रतीक है।

Source: Twitter

उनका दावा है कि हिंदूफोबिया को उजागर करने वाले हिंदू श्वेत वर्चस्ववादियों के समान हैं।

Source: Twitter

प्रोफेसर स्पष्ट रूप से किसी तरह यह साबित करने के लिए अडिग हैं कि हिंदुओं और श्वेत वर्चस्ववादियों के बीच एक साँठगाँठ है, जो कि एक हास्यास्पद दावा के अलावा और कुछ नहीं है।

Source: Twitter

उनके ट्वीट से साफ है कि प्रियंवदा गोपाल को पश्चिमी देशों में सफल होने वाले हर हिंदू से दिक्कत है। उन्होंने 2019 में इंग्लैंड की सरकार में गृह सचिव प्रीति पटेल के खिलाफ हिंदूफोबिक टिप्पणी की थी।

प्रियंवदा गोपाल ‘व्हाइट लाइव्स डॉन्ट मैटर, ऐज व्हाइट लाइव्स’ (White lives don’t matter. As White lives) कहने के बाद विवादों में आ गई थी। इसके लिए उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने तुरंत एक ट्वीट करते हुए ‘ब्राह्मण-नस्ल को खत्म करने’ की माँग की थी।

22 अगस्त 2020 को किया गया ट्वीट, कमाला हैरिस वाले विवाद पर

हिंदुस्तानी माँ-बाप से पैदा हुई हैं प्रियंवदा गोपाल। ऊपर उन्हीं का ट्वीट है। कभी डिलीट करके भाग भी सकती हैं, इसलिए स्क्रीनशॉट भी साथ में।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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