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कोयला घोटाला: नवीन जिंदल सहित 5 के खिलाफ धोखाधड़ी व आपराधिक साजिश के तहत आरोप तय करने का आदेश

विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने नवीन जिंदल और चार अन्य के ख़िलाफ़ आईपीसी धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है।

दिल्ली की विशेष अदालत ने सोमवार (जुलाई 1, 2019) को कोयला खंड घोटाला मामले में उद्योगपति और कॉन्ग्रेस नेता नवीन जिंदल और उनकी कंपनी के ही चार पूर्व सहित वर्तमान अधिकारियों के ख़िलाफ़ आरोप तय करने का आदेश दे दिया है।

मध्य प्रदेश में अर्टन नॉर्थ कोयला खदान के आवंटन से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश भरत पराशर ने जिंदल और चार अन्य के ख़िलाफ़ आईपीसी धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है।

इस मामले में जिंदल के अलावा स्टील एंड पावर लिमिटेड के पूर्व निदेशक सुशील मारू, पूर्व उपप्रबंध निदेशक आनंद गोयल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी विक्रांत गुजराल और कंपनी की ओर से हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत अधिकारी डी एन अबरोल के खिलाफ आरोप तय किया जाना है। अदालत ने मामले में आरोपितों के ख़िलाफ़ औपचारिक रूप से आरोप तय करने की तारीख़ 25 जुलाई तय की है।

जानकारी के लिए बता दें कि झारखंड अमरकोंडा मुर्गा कोयला खंड आवंटन मामले में कथित अनियमितताओं से संबंधित अन्य मामलों में पूर्व कोयला राज्य मंत्री दसारी नायारण राव और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के साथ नवीन जिंदल को भी आरोपी बनाया गया है। सीबीआई के आरोप पत्र के अनुसार जनवरी 2007 में आरोपितों ने मध्य प्रदेश में कोल ब्लॉक का अधिकार पाने के लिए स्क्रीनिंग कमिटी के समक्ष गलत तथ्य दिए थे और गलत तरीके से लाभ पाने के कारण कोयला मंत्रालय को धोखे में रखा था, जिसके कारण कोल आवंटन मामले इन आरोपितों के नाम की सिफ़ारिश की गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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