Friday, October 22, 2021
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खतरनाक चक्रवात से जूझकर भारतीय नौसेना ने बचाई 192+ लोगों की जान, हजारों को पहुँचाई राहत सामग्री

इस चक्रवात में अधिकांश मौतें बीरा शहर में हुई हैं। यहाँ बिजली लाइनों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद बंदरगाह हब और सोफाला प्रांत की लाइटें लगभग कट गई हैं। हवाई अड्डों को भी बंद कर दिया गया है।

भारतीय नौसेना के जवान केवल भारतीय सीमा की ही सुरक्षा के लिए तट पर नहीं रहते हैं बल्कि भारत से कई किलोमीटर दूर देशों में भी अपने पराक्रम का परचम लहराते हैं। इसका हालिया उदाहरण इस समय मोजाम्बिक में देखने को मिल रहा है। यहाँ पर भारतीय नौसेना के जवान खतरनाक चक्रवात का सामना कर रहे लोगों के लिए किसी मसीहे की तरह बनकर पहुँचे हैं।

विदेश मंत्रालय ने खुद अपने एक बयान में इस बात की जानकारी दी है कि मोजाम्बिक में राहत अभियान के चलते अब तक भारतीय सेना के लोगों ने वहाँ के 192 लोगों की जान को सुरक्षित बचा लिया है और अपने चिकित्सकीय शिविरों में ले जाकर 1,381 लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सहायता दी है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि मोजाम्बिक के आग्रह पर भारत ने तत्काल कार्रवाई की और नौसेना की तीन पोतों (आईएनएस सुजाता, आईएनएस सारथी और आईएनएस शारदुल) को बीरा बंदरगाह भेज दिया। मंत्रालय द्वारा जारी बयान में बताया गया कि अब तक नौसेना के जवानों द्वारा 192 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है। साथ ही 1381 लोगों को मेडिकल मदद भी मुहैया कराई जा चुकी है।

इसके साथ ही देश की नौसेना ने भयानक चक्रवात से 36 भारतीयों को भी राहत दी है। इस चक्रवात में अधिकांश मौतें बीरा शहर में हुई हैं। यहाँ बिजली लाइनों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद बंदरगाह हब और सोफाला प्रांत की लाइटें लगभग कट गई हैं। हवाई अड्डों को भी बंद कर दिया गया है।

बता दें पिछले शुक्रवार (मार्च 15, 2019) को मध्य मोजाम्बिक के तट से चक्रवात टकराने के कारण वहाँ तेज हवाएँ चलने लगीं थीं और भारी बारिश भी शुरू हो गई थी। इस प्राकृतिक आपदा ने देश से एक हिस्से को बुरी तरह से झकझोर कर रख दिया और कई हजार किमी तक का क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया। अब तक इस चक्रवात से मरने वालों की संख्या लगभग 676 हो चुकी है। इसके अलावा मोजाम्बिक के क़रीब 90000 लोगों को आश्रय स्थलों में ले जाया गया है, जबकि हजारों अन्य बाढ़ के पानी में फँसे हुए हैं। बता दें कि भारत समेत यहाँ अन्य देशों ने भी राहत पहुँचाने का प्रयास किया है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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