Monday, March 8, 2021
Home विविध विषय अन्य सतीश भंडारी: जिससे खौफ खाते थे आतंकी, जिसकी हत्या के बाद किश्तवाड़ में शुरू...

सतीश भंडारी: जिससे खौफ खाते थे आतंकी, जिसकी हत्या के बाद किश्तवाड़ में शुरू हुआ हिंदुओं का नरसंहार

संघ द्वारा चलाए गए डोडा बचाओ अभियान से आतंकी इतना विचलित हो गए कि उन्होंने हिंदू रक्षा समिति के महासचिव सतीश भंडारी को अपने निशाने पर ले लिया। 10 मई 1993 को आतंकियों ने किश्तवाड़ के गुहड़ी चौक पर सरेआम गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

सतीश भंडारी की 10 मई 1993 को आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वे हिंदू रक्षा समिति के जम्मू-कश्मीर राज्य के महासचिव थे। उनके कारण किश्तवाड़ में आतंकी पैरा नहीं जमा पा रहे थे।

यह वह दौर था जब राज्य में हिंदुओं पर इस्लामिक आतंकियों के अत्याचार चरम पर थे। इसके कारण लाखों की संख्या में घाटी से रात के अँधेरे में अपना सब कुछ छोड़ कश्मीरी पंडितों को पलायन करना पड़ा था।

90 के दशक में पाकिस्तान के खुले समर्थन और अलगाववादियों की मदद से आतंकी रोज-रोज नए षड्यंत्र रच रहे थे। डोडा और उधमपुर के पहाड़ी इलाकों में आतंकियों ने अपना खूनी खेल शुरू कर दिया था। राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण आतंकवादियों के हौसले बुलंद थे।

सरकार की गलत नीतियों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले आतंकी संगठन में शामिल होते, फिर ट्रेनिंग लेने पाकिस्तान के लिए जाते, वापस आकर जम्मू-कश्मीर में खून बहाते और पकड़े जाने पर हथियारों के साथ सरकार के सामने समर्पण कर देते। इसके बाद सरकारी मदद से जिंदगी भर ऐश आराम करते, क्योंकि समर्पण के बाद आतंकियों को खाना फ्री और रहना भी फ्री था।

नीतियों से व्यथित होकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इसका मुकाबला करने का निर्णय लिया। इसके लिए आरएसएस ने अपने संहयोगी संगठनो के साथ मिलकर राज्य में ‘संगठित हिंदू जागरण अभियान’ छेड़ दिया।

संघ द्वारा चलाए गए डोडा बचाओ अभियान से आतंकी इतना विचलित हो गए कि उन्होंने हिंदू रक्षा समिति के महासचिव सतीश भंडारी को अपने निशाने पर ले लिया। 10 मई 1993 को आतंकियों ने किश्तवाड़ के गुहड़ी चौक पर सरेआम गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद इलाके में सांप्रदायिक हिंसा फैल गई। इसका फायदा उठाकर सैकड़ों दुकानों को में लूटपाट के बाद उनको आग के हवाले कर दिया गया। इसे देखते हुए सरकार को कर्फ्यू लगाना पड़ा।

इस अभियान के तहत कई देशभक्तों ने भारत माता के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। इसमें आतंकियों से लोहा लेते हुए बीजेपी नेता संतोष ठाकुर, भद्रवाह के संघ कार्यकर्ता स्वामी राज काटल, सुभाष सेन और रुचिर कुमार वीरगति को प्राप्त हो गए, लेकिन अपने जीते जी किश्तवाड़ इलाके में आतंकियों को अपने पैर नहीं जमने दिए। इसके बाद से ही उनकी शहादत पर किश्तवाड़ में हर साल एक कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।

आपको बता दें कि आतंकियों ने सतीश भंडारी की हत्या करने के बाद 14 अगस्त 1993 को डोडा जिले के किश्तवाड़ा इलाके में सरथल सड़क पर जा रही यात्रियों से भरी बस को अपना निशाना बनाया था। नकाबपोश आतंकियों ने बस में बैठे 16 हिंदुओं को दिनदहाड़े गोलियों से भून डाला था। इसके बाद डोडा के कुलहांड और उधमपुर के बंसतगढ़ इलाकों में भी इस तरह के नरसंहार किए गए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बुर्का-नकाब को बैन करने के लिए स्विट्जरलैंड तैयार, 51% से अधिक वोटरों का समर्थन: एमनेस्टी और इस्लामी संगठनों ने बताया खतरनाक

स्विट्जरलैंड में हुए रेफेरेंडम में 51% वोटरों ने सार्वजनिक जगहों पर बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध के पक्ष में वोट दिया है।

BJP पैसे दे तो ले लो… वोट TMC के लिए करो: ‘अकेली महिला ममता बहन’ को मिला शरद पवार का साथ

“मैं आमना-सामना करने के लिए तैयार हूँ। अगर वे (भाजपा) वोट खरीदना चाहते हैं तो पैसे ले लो और वोट टीएमसी के लिए करो।”

‘सबसे बड़ा रक्षक’ नक्सल नेता का दोस्त गौरांग क्यों बना मिथुन? 1.2 करोड़ रुपए के लिए क्यों छोड़ा TMC का साथ?

तब मिथुन नक्सली थे। उनके एकलौते भाई की करंट लगने से मौत हो गई थी। फिर परिवार के पास उन्हें वापस लौटना पड़ा था। लेकिन खतरा था...

अनुराग-तापसी को ‘किसान आंदोलन’ की सजा: शिवसेना ने लिख कर किया दावा, बॉलीवुड और गंगाजल पर कसा तंज

संपादकीय में कहा गया कि उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए की जा रही है, क्योंकि उन लोगों ने ‘किसानों’ के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है।

‘मासूमियत और गरिमा के साथ Kiss करो’: महेश भट्ट ने अपनी बेटी को साइड ले जाकर समझाया – ‘इसे वल्गर मत समझो’

संजय दत्त के साथ किसिंग सीन को करने में पूजा भट्ट असहज थीं। तब निर्देशक महेश भट्ट ने अपनी बेटी की सारी शंकाएँ दूर कीं।

‘कॉन्ग्रेस का काला हाथ वामपंथियों के लिए गोरा कैसे हो गया?’: कोलकाता में PM मोदी ने कहा – घुसपैठ रुकेगा, निवेश बढ़ेगा

कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में अपनी पहली चुनावी जनसभा को सम्बोधित किया। मिथुन भी मंच पर।

प्रचलित ख़बरें

मौलाना पर सवाल तो लगाया कुरान के अपमान का आरोप: मॉब लिंचिंग पर उतारू इस्लामी भीड़ का Video

पुलिस देखती रही और 'नारा-ए-तकबीर' और 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगा रही भीड़ पीड़ित को बाहर खींच लाई।

14 साल के किशोर से 23 साल की महिला ने किया रेप, अदालत से कहा- मैं उसके बच्ची की माँ बनने वाली हूँ

अमेरिका में 14 साल के किशोर से रेप के आरोप में गिरफ्तार की गई ब्रिटनी ग्रे ने दावा किया है कि वह पीड़ित के बच्चे की माँ बनने वाली है।

आज मनसुख हिरेन, 12 साल पहले भरत बोर्गे: अंबानी के खिलाफ साजिश में संदिग्ध मौतों का ये कैसा संयोग!

मनसुख हिरेन की मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई जा रही है। 2009 में ऐसे ही भरत बोर्गे की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।

‘ठकबाजी गीता’: हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने FIR रद्द की, नहीं माना धार्मिक भावनाओं का अपमान

चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने कहा, "धारा 295 ए धर्म और धार्मिक विश्वासों के अपमान या अपमान की कोशिश के किसी और प्रत्येक कृत्य को दंडित नहीं करता है।"

‘मासूमियत और गरिमा के साथ Kiss करो’: महेश भट्ट ने अपनी बेटी को साइड ले जाकर समझाया – ‘इसे वल्गर मत समझो’

संजय दत्त के साथ किसिंग सीन को करने में पूजा भट्ट असहज थीं। तब निर्देशक महेश भट्ट ने अपनी बेटी की सारी शंकाएँ दूर कीं।

‘40 साल के मोहम्मद इंतजार से नाबालिग हिंदू का हो रहा था निकाह’: दिल्ली पुलिस ने हिंदू संगठनों के आरोपों को नकारा

दिल्ली के अमन विहार में 'लव जिहाद' के आरोपों के बाद धारा-144 लागू कर दी गई है। भारी पुलिस बल की तैनाती है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,301FansLike
81,954FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe