Monday, June 17, 2024
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जानवरों के लिए आ गया कोरोना का पहला मेड इन इंडिया वैक्सीन, Anocovax के बारे में जानिए सब कुछ

एनोकोवैक्स से मिलने वाली प्रतिरक्षा सार्स-कोव-2 डेल्टा और ओमिक्रोन दोनों वैरिएंट को बेअसर करती है। यह वैक्सीन जिन जानवरों को लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है उनमें कुत्ते, शेर, तेंदुआ, चूहे और खरगोश प्रमुख रूप से शामिल हैं।

देश में कोरोना वायरस का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। महाराष्ट्र, केरल के अलावा कई राज्यों में हालात फिर से चिंताजनक दिख रहे हैं। पिछले कुछ समय से इंसानों के साथ-साथ जानवरों में भी तेजी से कोरोना संक्रमण फैलने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच भारत में जानवरों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए ‘एनोकोवैक्स (Anocovax)’ टीका लॉन्च किया गया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने देश में पहली बार जानवरों के लिए विकसित की गई कोरोना वैक्सीन ‘एनोकोवैक्स’ को गुरुवार (9 जून 2022) को जारी किया। इस वैक्सीन को हरियाणा स्थित आईसीएआर-नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन इक्विन्स (एनआरसी) द्वारा विकसित किया गया है।

कई रिसर्च से खुलासा हुआ ​है कि इंसानों ने पालतू जानवरों को कोविड-19 वायरस से संक्रमित किया है। कई कुत्ते और बिल्लियाँ पीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। पालतू जानवरों के लिए वैक्सीन आने से कुत्ते और बिल्लियाँ पालने वाले मालिक बेहद खुश हैं। खासकर ऐसे समय में जब कोविड-19 के मामले एक बार फिर बढ़ रहे हैं। पहले वह चाहकर भी उन्हें बचा नहीं पाते थे, लेकिन अब वह अपने पालतू जानवरों को यह वैक्सीन लगवाकर खतरनाक वायरस से बचा सकेंगे।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने एक बयान में कहा है कि एनोकोवैक्स जानवरों के लिए निष्क्रिय सार्स-कोव-2 डेल्टा (कोविड-19) टीका है। एनोकोवैक्स से मिलने वाली प्रतिरक्षा सार्स-कोव-2 डेल्टा और ओमिक्रोन दोनों वैरिएंट को बेअसर करती है। आईसीएसआर के मुताबिक, वैक्सीन में निष्क्रिय सार्स-कोव-2 (डेल्टा) एंटीजन हैं। इसमें अलहाइड्रोजेल एक सहायक के रूप में है। ऐसे में ये वैक्सीन जिन जानवरों को लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है उनमें कुत्ते, शेर, तेंदुआ, चूहे और खरगोश प्रमुख रूप से शामिल हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा (University Of Florida) के वैज्ञानिकों को ताजा अध्ययन में इस बात के सबूत मिले हैं कि कुछ कोरोना वायरस, जो पहले केवल जानवरों को संक्रमित कर रहे थे, वे अब और खतरनाक हो गए हैं। अब यह सूअरों और कुत्तों से इंसानों में फैल सकता है।

वैज्ञानिकों ने SARS-CoV-2 को 29 अलग-अलग जानवरों में पाया है, जिनमें सफेद पूँछ वाले हिरण, बिल्ली, कुत्ते, फेरेट्स (ferrets), चूहे, ऊदबिलाव (Otters) और बाघ शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर मामलों में जानवरों से लोगों को वायरस फैला है। नवंबर 2020 में, वैज्ञानिकों ने पाया कि मिंक ने लोगों में वायरस फैलाया है। उत्तरी अमेरिका में बड़ी संख्या में सफेद पूँछ वाले हिरण लोगों के करीब रहते हैं। जनवरी से मार्च 2021 के बीच मिशिगन, पेंसिल्वेनिया, इलिनोइस और न्यूयॉर्क राज्यों में जिन हिरणों का परीक्षण किया गया, उनमें से 40% में एंटीबॉडी पाए गए। वहीं 2020 में मिंक से कम से कम 4 अमेरिकी लोगों में कोरोना वायरस फैला था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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