Homeविविध विषयअन्यपहली बार 11 खिलाड़ियों को मिलेगा 'खेल रत्न', नीरज चोपड़ा समेत ये हैं अन्य...

पहली बार 11 खिलाड़ियों को मिलेगा ‘खेल रत्न’, नीरज चोपड़ा समेत ये हैं अन्य नाम: 35 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड भी

'खेल रत्न' पाने वाले खिलाड़ी हैं - नीरज चोपड़ा, मिताली राज, सुनील छेत्री के अलावा पहलवान रवि दहिया, बॉक्स लवलीना बोरगोहेन, हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश, बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत, भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल, निशानेबाज अवनी लेखरा, बैडमिंटन खिलाड़ी कृष्णा नागर और निशानेबाज एम नारवाल।

भारत सरकार ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। टोक्यो ओलंपिक में ‘भाला फेंक’ में देश को स्वर्ण पदक जिताने वाले नीरज चोपड़ा को ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज और फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छत्री को भी सर्वोच्च खेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। पहली बार ऐसा हो रहा है, जब एक साथ 11 खिलाड़ियों को ‘खेल रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

ये खिलाड़ी हैं –  नीरज चोपड़ा, मिताली राज, सुनील छेत्री के अलावा पहलवान रवि दहिया, बॉक्स लवलीना बोरगोहेन, हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश, बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत, भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल, निशानेबाज अवनी लेखरा, बैडमिंटन खिलाड़ी कृष्णा नागर और निशानेबाज एम नारवाल। वहीं 35 खिलाड़ियों को ‘अर्जुन पुरस्कार’ के लिए चुना गया है, जिसमें भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन भी शामिल हैं। ओलंपिक और पैरालम्पिक खेलों के कारण इस साल राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में देरी हुई है।

इस बार ओलंपिक और पैरालम्बीक खिलाड़ियों को ही मुख्यतः शानदार प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है। टोक्यो ओलंपिक के 4 पदक विजेताओं और पैरालम्पिक के 5 पदक विजेताओं को इस साल सम्मान मिलेगा। बता दें कि रवि दहिया ने पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती के 57 किलो भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। मैरी कॉम के बाद ओलिंपिक मेडल जीतने वाली सिर्फ दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बनने वाली लवलीना बोरगोहेन ने रजत पदक जीता था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारतीय परमाणु हथियारों के विरोध से लेकर ‘भगवा आतंकवाद’ के नैरेटिव तक: चिदंबरम के खुद को ‘दिमागी नक्सल’ स्वीकारने पर क्यों हैरान नहीं है...

चिदंबरम की भारत और विकास विरोधी मानसिकता उनके हर फैसले में साफ झलकती है। कभी उन्हें डिजिटल इंडिया से समस्या हुई कभी उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव गढ़ा।

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।
- विज्ञापन -