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अक्षय कुमार की ‘सूर्यवंशी’ से बिलबिलाए पाकिस्तानी राष्ट्रपति और दाऊद इब्राहिम की ‘गर्लफ्रेंड’: फिल्म में मुस्लिम विलेन से चिढ़े हुए हैं लिबरल

पाकिस्तानियों से पहले इस मुद्दे पर भारतीय लिबरलों और वामपंथी मीडिया को भड़कते देखा जा चुका है। फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी से तो द क्विंट की पत्रकार ने सवाल भी किया था कि आखिर फिल्म में मुस्लिम इतने नकारात्मक क्यों दिखाए गए हैं।

अक्षय कुमार की सूर्यवंशी फिल्म में पाकिस्तानी और मुसलमानों को नेगेटिव शेड में क्यों दिखाया गया? ये सवाल इस समय हर कट्टरपंथी का है। इसी क्रम में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी, हीरोइन महविश हयात और ब्रिटिश एक्टर रिज अहमद भी बिलबिला गए हैं। सबने चिंता दिखाई है कि ये फिल्म इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देती है और उन्हें ये बिलकुल पसंद नहीं आई।

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने लिखा, “ये भारत के लिए खतरनाक है। इस इस्लामोफोबिक नफरत में भारत खुद को बर्बाद कर लेगा, इसमें कोई शक नहीं है। मुझे उम्मीद है और मैं प्रार्थना करता हूँ कि समझदार लोग भारतीय समाज में ऐसे तत्वों को बढ़ने से रोकेंगे। मिल्टन कंदेरा ने लिखा था ‘लोगों को खत्म करने की दिशा में पहला कदम उसकी याददाश्त को मिटाना है। इसकी पुस्तकों, इसकी संस्कृति और इसके इतिहास को नष्ट करें। फिर किसी को नई किताबें लिखने, नई संस्कृति बनाने, नए इतिहास का आविष्कार करने के लिए कहें। जल्द ही वह राष्ट्र भूलने लगेगा कि वह क्या है और क्या था… सत्ता के खिलाफ मनुष्य का संघर्ष भूलने के खिलाफ स्मृति का संघर्ष है’।”

खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद की गर्लफ्रेंड कहने वाली महविश हयात कहती हैं, “सूर्यवंशी बॉलीवुड में इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने वाली सबसे नई फिल्म है। ये रुख हॉलीवुड में बदल रहा है। मुझे उम्मीद है कि सीमा पार भी इन चीजों का पालन होगा। जैसा कि मैंने कहा कि अगर सकारात्मक चित्रण नहीं कर सकते तो कम से कम मुस्लिमों को दिखाने में आप निष्पक्ष रहें। सेतु निर्माण करिए नफरत को नहीं।”

ब्रिटिश एक्टर रिज अहमद पहले भी इस मुद्दे पर अपनी चिढ़ जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने 11 नवंबर को एक वीडियो डाली थी, जिसमें कहा था, “मैं स्क्रीन पर मुस्लिम पात्रों को नकारात्मक या अस्तित्वहीन देखकर तंग आ गया हूँ। उद्योग को बदलना होगा। हमारा नया अध्ययन साबित करता है कि हममें से कई लोग फिल्मों में दिखने वाले मुस्लिमों के बारे में क्या महसूस करते हैं।” इसके अलावा उन्होंने भारत की इस्लामी पत्रकार राणा अयूब के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए भी इस फिल्म के लिए अपनी घृणा जाहिर की थी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले इस मुद्दे पर भारतीय लिबरलों और वामपंथी मीडिया को भड़कते देखा जा चुका है। फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी से तो द क्विंट की पत्रकार ने सवाल भी किया था कि आखिर फिल्म में मुस्लिम इतने नकारात्मक क्यों दिखाए गए हैं। इस पर रोहित शेट्टी ने उन्हें दो टूक कहा था कि जब उन्होंने अपनी फिल्मों में हिंदुओं को विलेन दिखाया तब उनसे किसी ने सवाल नहीं किया लेकिन मुस्लिम को दिखाने पर इतने सवाल। शेट्टी ने कहा था कि अगर कोई ऐसी चीजों पर अपनी आपत्ति जाहिर कर रहा है तो उसे नजरिया बदलने की जरूरत है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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