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तैयार करें $5 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनने का रोडमैप: सचिवों के साथ बैठक में PM ने दिया मन्त्र

"हमें लोगों की आकांक्षाओं को एक चुनौती के रूप में लेना चाहिए, जिसके लिए हमें और कठोर मेहनत करनी है। सभी मंत्रालयों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने चाहिए और इन निर्णयों को 100 दिन के भीतर मंज़ूरी भी मिलनी चाहिए।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर सभी मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक बड़ी बैठक की। अपने दूसरे कार्यकाल में सचिवों के साथ पहली बार बैठक कर रहे पीएम ने अगले पाँच वर्षों के लिए विचार-विमर्श किया और ज़रूरी निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों का जीवन कैसे बेहतर बनाना है, इस पर ध्यान केन्द्रित करें। इस बैठक में प्रधानमंत्री के साथ अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण और जीतेन्द्र सिंह जैसे केंद्रीय मंत्रीगण भी उपस्थित रहे। इस बैठक में पीएम मोदी ने अधिकारियों के अच्छे कार्यों की तारीफ भी की।

बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार अबकी ग़रीबी उन्मूलन और पानी से जुड़े मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देने वाली है। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार की बात करते हुए इसके 5 लाख डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने इसके लिए रोडमैप तैयार करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोगों ने एक बार फिर से भाजपा को पूर्ण बहुमत दिया है, यह दिखाता है कि लोग हमारी सरकार के कामकाज के तौर-तरीकों से ख़ुश हैं। इसका श्रेय उन्होंने उन अधिकारियों को दिया, जिन्होंने बीते पाँच वर्ष में सरकार के विभिन्न लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा:

“हमें लोगों की आकांक्षाओं को एक चुनौती के रूप में लेना चाहिए, जिसके लिए हमें और कठोर मेहनत करनी है। उम्मीदों से पता चलता है कि लोग उत्सुक हैं और उनमें देश को बदलने की चाहत भी है। हमारा उद्देश्य भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए हम में से हर व्यक्ति को अपने विभाग के लिए एक रोडमैप तैयार करना चाहिए और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए। आप लोग समाज के हर तबके का परामर्श लें और नीतिगत मुद्दों पर ताज़ा विचार लें।”

सरकारी कामकाज में तकनीक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने अधिकारियों से कहा कि इससे भ्रष्टाचार में कमी आएगी और कार्यक्षमता में भी इजाफा होगा। नरेन्द्र मोदी ख़ुद सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं और डिजिटल इंडिया के सपने के साथ सभी सुविधाओं को इन्टरनेट के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रयास भी करते रहे हैं। भीम यूपीआई और वन विंडो रजिस्ट्रेशन इसके उदाहरण हैं। इस बैठक के दौरान अधिकारियों ने भी सरकारी कामकाज को लेकर अपने विचार सामने रखे और पीएम ने उन सभी को ध्यान से सुना।

‘मेक इन इंडिया’ की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस दिशा में अभी ठोस प्रगति की ज़रूरत है। उन्होंने छोटे कारोबारियों व उद्यमियों के लिए सहूलियत वाला माहौल तैयार करने पर जोर देते हुए इस दिशा में कार्य करने की बात कही। कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा ने कहा कि सभी मंत्रालयों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने चाहिए और इन निर्णयों को 100 दिन के भीतर मंज़ूरी भी मिलनी चाहिए। पीएम ने कहा कि उन्हें अपनी टीम पर गर्व है। उन्होंने आह्वान किया कि जनता की उम्मीदों को मौके के तौर पर लेना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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