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‘आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावकारी आवाज’: PM मोदी ने की BRICS बैठक की अध्यक्षता, कही ये बात

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कई दशकों में ब्रिक्‍स ने शानदार काम किए हैं। इस साल ब्रिक्‍स में कई नई चीजें हुईं। उन्‍होंने कहा कि ब्रिक्स की 15वीं वर्षगाँठ पर इस समिट की अध्यक्षता करना उनके और भारत के लिए खुशी की बात है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13वें ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन को संबोधित किया। उन्‍होंने ब्रिक्‍स सम्‍मेलन की अध्‍यक्षता करने का सम्‍मान देने के लिए संगठन से जुड़े देशों को धन्‍यवाद दिया। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कई दशकों में ब्रिक्‍स ने शानदार काम किए हैं। इस साल ब्रिक्‍स में कई नई चीजें हुईं। उन्‍होंने कहा कि ब्रिक्स की 15वीं वर्षगाँठ पर इस समिट की अध्यक्षता करना उनके और भारत के लिए खुशी की बात है। आज की इस बैठक के लिए हमारे पास विस्तृत एजेंडा है।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक असरदार आवाज हैं। विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्र‍ित करने के लिए भी यह मंच उपयोगी रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 वर्षों में और परिणामदायी हो। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए जो थीम चुनी है, वह यही प्राथमिकता दर्शाती है। यह थीम है ब्रिक्स@15: इंट्रा-ब्रिक्स कोऑपरेशन फॉर कंटीन्यूटी, कॉन्सॉलिडेशन एंड कंसेन्सस।”

पीएम मोदी ने आगे कहा कि यह भी पहली बार हुआ कि BRICS ने “Multilateral systems की मजबूती और सुधार” पर एक साझा स्टैंड लिया है। हमने ब्रिक्स “Counter Terrorism Action Plan” भी अडॉप्ट किया है। 

उन्‍होंने कहा कि हाल ही में पहले ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ सम्मेलन का आयोजन हुआ। तकनीक की मदद से स्वास्थ्य तक पहुँच बढ़ाने के लिए यह एक नया कदम है। नवंबर में हमारे जल संसाधन मंत्री ब्रिक्स फॉर्मेट में पहली बार मिलेंगे। इस बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के राष्‍ट्राध्‍यक्षों ने बैठक की।

बता दें कि यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 2016 में गोवा में शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। जबकि, यह तीसरी बार है जब भारत 2012 और 2016 के बाद ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस बैठक का आयोजन ऐसे समय हुआ जब अफगानिस्‍तान में तालिबान के कब्‍जे के बाद नई अंतरिम सरकार में कई ऐसे नाम हैं शामिल जो मोस्‍ट वॉन्‍टेड की सूची में हैं।

इस बैठक में ब्राजील के राष्ट्रपति जाइर बोलसोनारो, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा उपस्थित हैं। डिजिटल माध्यम से हो रही इस बैठक में अफगानिस्तान के ताजा हालात पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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