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नीरज चोपड़ा को बड़ा सम्मान: पुणे का आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट हुआ उनके नाम, राजनाथ सिंह ने गोल्डन ब्वॉय की मौजूदगी में किया ऐलान

राजनाथ ने इस मौके पर कहा कि केंद्र सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद को खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने में जुटे हैं।

टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा को सेना ने बड़ा सम्मान दिया है। पुणे के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (ASI) का नाम अब सूबेदार नीरज चोपड़ा स्टेडियम होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (27 अगस्त 2021) को इसका ऐलान किया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे और नीरज चोपड़ा भी मौजूद थे।

राजनाथ सिंह ने ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता जेवलिन थ्रोअर को सम्मानित भी किया। सेना से जुड़े नीरज भी दक्षिणी कमांड में ही तैनात हैं। राजनाथ ने इस मौके पर कहा कि केंद्र सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद को खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने में जुटे हैं। केंद्र सरकार खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए हर प्रयास कर रही है और राज्य भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं।

इससे पहले रक्षा मंत्री ने ट्वीट कर बताया था कि वे पुणे जा रहे हैं जहॉं वे दक्षिणी कमान का दौरा करेंगे और ओलंपिक में भाग लेने वाले सशस्त्र बलों के एथलीटों के साथ बातचीत करेंगे। उल्लेखनीय है कि जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) में नीरज से पहले किसी भारतीय खिलाड़ी को ओलंपिक का मेडल नहीं मिला था। वे टोक्यो ओलंपिक में भारत की तरफ से गोल्ड जीतने वाले भी एकमात्र खिलाड़ी थे।

नीरज पिछले दिनों अपने एक इंटरव्यू को लेकर चर्चा में थे। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया था कि गोल्डन थ्रो से पहले उन्हें अपना भाला नहीं मिल रहा था। नीरज ने बताया था कि फाइनल राउंड की शुरुआत में वे अपने जेवलिन को खोज रहे थे और उन्हें वह मिल नहीं रहा था। तभी, उन्होंने पाकिस्तान के अरशद नदीम को अपने जैवलीन के साथ घूमते देखा। नीरज ने उनसे जेवलिन लौटाने को कहा और इसके बाद उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। नीरज ने बताया कि इसके कारण ही वे पहले थ्रो के थोड़े हड़बड़ाहट में थे।

इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया में कई तरह के कयास लगने लगे थे। कई लोगों ने आशंका जताई कि यह नीरज के जेवलिन के साथ टेंपरिंग की कोशिश हो सकती है। हालॉंकि बाद में नीरज ने खुद एक वीडियो बयान जारी कर इन कयासों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी अपनी जैवलिन एक साथ रखते हैं जिसे सभी थ्रोअर यूज कर सकते हैं। ये खेल का नियम है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है और जब मैंने उनसे अपना जैवलिन माँगा तो उन्होंने लौटा दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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