‘बेवकूफ है गौतम गंभीर, उसमें अक्ल नहीं है फिर भी लोगों ने चुन लिया है’

अफरीदी के मन में गौतम गंभीर के लिए इस तरह की खटास पहली बार देखने को नहीं मिली है। इससे पहले भी शाहिद अपनी ऑटोबॉयोग्राफी में गंभीर को एक नेगेटिव इंसान के रूप में दर्शा चुके हैं जो मैदान पर आते ही भड़क जाता है।

भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर अब सांसद बन चुके हैं। गंभीर ने पूर्वी दिल्ली में भारी बहुमत से जीत हासिल की है जिसकी चर्चा हर जगह हो रही है। लोग गंभीर की जीत पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तानी क्रिकेट ख़िलाड़ी शाहिद अफरीदी ने उनकी जीत पर बधाई देने की जगह उन्हें बेवकूफ़ कह डाला। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शाहिद ने गौतम की जीत पर बोलते हुए कहा कि गौतम को अक्ल नहीं हैं फिर भी लोगों ने उन्हें वोट दे दिया है।

दरअसल, प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाहिद से पत्रकार ने पूछा कि गौतम इलेक्शन जीत गए हैं और हाल ही में उन्होंने (पुलवामा हमले के बाद) कहा था कि पाकिस्तान से इंडिया को नहीं खेलना चाहिए, अगर कोई प्वाइंट्स जाते हैं तो जाने देना चाहिए, सेना के जवान ज्यादा अहम हैं। पत्रकार ने जब गौतम के इस बयान पर शाहिद की राय पूछी तो शाहिद की लहजा बिलकुल बदल गया। शाहिद ने पूछा कि क्या गौतम की इस बात से लग रहा है उसने कोई अक्ल की बात की है। शाहिद ने गौतम को बेवकूफ बताया और कहा कि क्या पढ़े-लिखे कौम के लोग इस तरह की बात करते हैं। शाहिद ने भारतीय जनता के वोट पर सवाल उठाए और कहा, “उन लोगों ने ऐसे लोगों को वोट दे दिया है जिसमें अक्ल ही नहीं है “

गौरतलब है शाहिद अफरीदी के मन में गौतम गंभीर के लिए इस तरह की खटास पहली बार देखने को नहीं मिली है। इससे पहले भी शाहिद अपनी ऑटोबॉयोग्राफी ‘गेम चेंजर’ में गंभीर को एक नेगेटिव इंसान के रूप में दर्शा चुके हैं जो मैदान पर आते ही भड़क जाता है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक शाहिद अपनी किताब में वो लिखते हैं, ”गंभीर ऐसा व्‍यवहार करते मानो वह डॉन ब्रेडमैन और जेम्‍स बॉन्‍ड का मिश्रण हैं। कराची में हम ऐसे लोगों को सड़ि‍यल बुलाते हैं। सीधी बात है मुझे खुश, सकारात्‍मक लोग पसंद हैं। फिर फर्क नहीं पड़ता कि वह गुस्‍सैल है या प्रतिस्‍पर्धी लेकिन आप पॉजीटिव होने चाहिए और गंभीर वैसे नहीं थे।”

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हालाँकि शाहिद अफरीदी के इन आरोपों पर गौतम गंभीर ने उन्हें बहुत करारा जवाब दिया था, “शाहिद अफरीदी तुम बहुत मजाकिया हो। वैसे हम अभी भी पाकिस्तान के लोगों को इलाज कराने के लिए भारत का वीजा दे रहे हैं। मैं तुम्हें खुद मनोचिकित्सक के पास ले जाऊँगा।”

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