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‘खेती-किसानी’ में फँस गए शाहरुख खान, मामले में 7 साल की सजा का है प्रावधान

साल 2016 में बेनामी संपत्ति मामले में कुछ बदलाव हुए थे। जिनके आधार पर अगर कोई व्यक्ति बेनामी संपत्ति मामले में दोषी पाया जाता है तो उसे 7 साल की सजा हो सकती है।

कुछ समय पहले बॉलीवुड के मशहूर कलाकार शाहरुख खान पर बेनामी संपत्ति को लेकर एक केस दर्ज किया गया था। उस समय तो सहायक प्राधिकरण ने जाँच के बाद किंग खान के ख़िलाफ़ लगे सभी आरोपों को ख़ारिज कर दिया था। लेकिन, अब इस मामले ने दोबारा से तूल पकड़ा है। यह मामला अब आयकर विभाग ने अपने हाथ में ले लिया है और प्राधिकरण के फैसले को चुनौती दी है। जिससे शाहरुख की दिक्कतें बढ़ने के काफ़ी आसार हैं।

यह पूरा मामला शाहरुख के फार्म हाउस से जुड़ा हुआ है। इसे लेकर उन पर आरोप है कि उन्होंने फार्म हाउस की जमीन को खेती करने के उद्देश्य से लिया था लेकिन बाद में उन्होंने इस जमीन पर फार्म हाउस बना लिया।

साल 2016 में बेनामी संपत्ति मामले में कुछ बदलाव हुए थे। जिनके आधार पर अगर कोई व्यक्ति बेनामी संपत्ति मामले में दोषी पाया जाता है तो उसे 7 साल की सजा हो सकती है। इसके साथ ही उसे बेनामी संपत्ति की मार्केट कीमत के मुताबिक 25 फीसदी जुर्माना भी लग सकता है। अब इन बदलावों के बाद इसमें फँसने वाली मशहूर हस्तियों में पहला नाम शाहरुख खान का है।

यह मामला सुर्खियों में तब आया जब महाराष्ट्र के डिप्टी कमिश्नर उन 87 प्रॉपर्टी के बारे में जानना चाहे, जिन पर कोस्टल रेगुलेशन कानून के उल्लंघन का आरोप है। इन 87 संपत्तियों में से एक शाहरुख का फार्म हाउस भी है।

महाराष्ट्र टेनेसी एंड एग्रीकल्चर लैंड्स एक्ट के तहत कृषि योग्य ज़मीनों को गैर-कृषि कार्य के लिए इस्तेमाल या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। ऐसे में शाहरुख का खेती के लिए खरीदी ज़मीन पर फार्म हाउस बनाना, गले की हड्डी बन गया है।

बता दें कि आयकर विभाग ने इस पूरे मामले का आकलन डेजा वु फार्म्स को बेनामदार और शाहरुख खान को फायदा लेने वाला बताते हुए किया था। बेनामी संपत्ति मामले में हुए बदलाव में बेनामदार और फायदा पहुँचने वाले शख्स को सजा मिलने का प्रावधान है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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