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तेज बहादुर यादव की याचिका ख़ारिज, चुनाव प्रक्रिया में दखल देने से SC ने किया इनकार

नामांकन पत्रों की जाँच के बाद तेजबहादुर यादव द्वारा दाखिल नामांकन पत्रों में बीएसएफ से बर्खास्तगी से संबंधित दो जानकारी सामने आई थीं। इसके कारण उन्हें 24 घंटों के भीतर बीएसएफ से एनओसी लेकर जवाब देने को कहा गया था लेकिन...

वाराणसी से नामांकन रद्द होने के बाद बीएसएफ से बर्खास्त पूर्व सैनिक तेज बहादुर यादव को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। गुरुवार (मई 9, 2019) को सर्वोच्च न्यायालय ने तेज बहादुर यादव की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा उनके नामांकन को खारिज कर दिए जाने को चुनौती दी थी।

दरअसल, तेज बहादुर ने प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ बतौर एसपी प्रत्याशी वाराणसी लोकसभा सीट से पर्चा भरा था, लेकिन नामांकन रद्द होने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने मनमाने ढंग से उनका नामांकन रद्द किया है। जबकि आयोग ने तेजबहादुर के सभी आरोपों को नकारते हुए अपने फैसले को सही ठहराया था।

आज (अप्रैल 9, 2019) इस याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव प्रक्रिया में दखल देने से साफ़ मना किया। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई कारण नहीं दिखाई दिया जिससे कि तेजबहादुर की याचिका पर गौर किया जाए।

बता दें कि नामांकन पत्रों की जाँच के बाद तेजबहादुर यादव द्वारा दाखिल नामांकन पत्रों में बीएसएफ से बर्खास्तगी से संबंधित दो जानकारी सामने आई थीं। इसके कारण उन्हें 24 घंटों के भीतर बीएसएफ से एनओसी लेकर जवाब देने को कहा गया था। तेज बहादुर को जारी किए गए नोटिस में कहा गया था कि वह बीएसएफ से एनओसी लेकर आएँ, जिसमें साफ़ हो कि उन्हें किस कारण से नौकरी से बर्खास्त किया गया था। 1 मई को एनओसी पेश न कर पाने के कारण रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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