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जाकिर नाइक की सीडी से ब्रेन वाॅश, माँ को ‘काफिर’ मान पीटा: केरल की लड़की ने ‘इस्लामी कन्वर्जन’ को लेकर किए हैरान करने वाले खुलासे

"मैं इतनी बहक गई थी कि एक दिन नमाज पढ़ने के लिए जा रही थी और माँ बड़े प्यार से खाना लेकर आई। लेकिन मैं नमाज के चलते उसे छू नहीं सकती थी। जब माँ ने मुझे खाने के लिए जोर दिया तो मैंने काफिर समझकर उन पर हाथ उठा दिया।"

केरल के कासरगोड की रहने वाली श्रुति ने राज्य में चल रहे इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को लेकर हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। उसका ब्रेन बाॅश काॅलेज के मुस्लिम साथियों ने किया था। उसके मन में इस कदर हिंदू घृणा भर दी गई थी कि उसने अपनी ही माँ को ‘काफिर’ मानकर पीट दिया। धर्मांतरण के बाद श्रुति का नाम रहमत रखा गया था।

श्रुति उन लड़कियों में से एक है जिसने ABP न्यूज से बात की है। केरल में चल रहे ‘कन्वर्जन फैक्ट्री’ का सच जानने के लिए न्यूज चैनल ने इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों का शिकार हुई कई पीड़िताओं से बात की है। रिपोर्ट में बताया है कि किस तरह गैर मुस्लिम लड़कियों को टारगेट कर उनका ब्रेन वाॅश किया गया।

श्रुति का ब्रेन वॉश करने के लिए कॉलेज के साथियों ने उसे इस्लाम से जुड़े पर्चे और किताबें पढ़ने के लिए दी थीं। भारत में हेट स्पीच और मनी लॉन्ड्रिंग के वांछित भगोड़े जाकिर नाइक का सीडी देखने को दिया था। उसने ABP न्यूज को बताया, “मुस्लिम उपदेशक जाकिर नाइक की स्पीच सुनने के लिए मुझे सीडी दी गई। बहुत ज्यादा जानकारी वहाँ से मिल रही थी तो मैं भी बहुत कन्फ्यूज थी। मैं इंटरनेट पर सर्च करने लगी। मैं इससे इतनी बहक गई कि एक दिन नमाज पढ़ने के लिए जा रही थी और माँ बड़े प्यार से खाना लेकर आई। लेकिन मैं नमाज के चलते उसे छू नहीं सकती थी। जब माँ ने मुझे खाने के लिए जोर दिया तो मैंने काफिर समझकर उन पर हाथ उठा दिया।”

ऐसी ही पीड़िताओं की कहानी पर आधारित फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) 5 मई 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।श्रुति ने इस फिल्म के ट्रेलर को भी सही ठहराया है। उसने बताया है, “इसमें (द केरल स्टोरी) लड़कियाँ जो कुछ बोल रही हैं, वो सब सही है। 10 साल पहले मेरा भी ब्रेन वॉश किया गया, जिसके चलते मैंने अपना धर्म बदल लिया था।” ब्राह्मण परिवार में पैदा हुई श्रुति ने बताया है कि ग्रेजुएशन के दौरान उसके ज्यादातर क्लासमेट मुस्लिम थे। ये लोग उससे इस्लाम की बातें करते थे। बातचीत में हिंदू धर्म पर सवाल खड़े करते थे। हिंदू त्योहारों के बारे में उसे भ्रमित किया। फिर उसका धर्मांतरण करवा दिया।

ऐसी ही एक अन्य लड़की अनखा ने ABP न्यूज को बताया है कि उसे पहले इस्लामी व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ा गया। इस्लाम अपनाने के लिए वीडियो दिखाए गए। इससे धीरे-धीरे उसकी इस्लाम में दिलचस्पी पैदा हुई। फिर एक दिन धर्मांतरण कर उसका नाम आइमा अमीरा रखा गया। ‘द केरल स्टोरी’ के निर्देशक सुदीप्तो सेन ने भी मार्च 2022 में बताया था, “2009 के बाद केरल और मैंगलोर की लगभग 32000 लड़कियों को हिंदू और ईसाई से इस्लाम में कन्वर्ट किया गया। उनमें से ज्यादातर सीरिया, अफगानिस्तान और अन्य ISIS व हक्कानी प्रभावशाली क्षेत्र में भेज दी गईं थी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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