Homeविविध विषयअन्यVideo Viral: डेढ़ साल की बच्ची के लिए DSP गोविंद बने वासुदेव...

Video Viral: डेढ़ साल की बच्ची के लिए DSP गोविंद बने वासुदेव…

वडोदरा में मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन लगभग तहस-नहस कर दिया है। पूरा शहर पानी से लबाबब है। मूसलाधार बारिश से लगभग 6 लोगों के मरने की ख़बर है, जबकि 4000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया है।

सिर पर टोकरी में कान्हा को रखकर उफनाती यमुना से वासुदेव के मथुरा से गोकुल जाने की कहानी से सब वाक़िफ़ हैं। मूसलाधार बारिश से बेहाल वडोदरा में ऐसा ही दृश्य तब देखने को मिला जब डीएसपी गोविंद चावड़ा ने एक डेढ़ वर्षीय बच्ची को टब में रखकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।

दरअसल, वडोदरा में मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन लगभग तहस-नहस कर दिया है। पूरा शहर पानी से लबाबब है। मूसलाधार बारिश से लगभग 6 लोगों के मरने की ख़बर है, जबकि 4000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया है।

इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो ख़ूब छाया हुआ है, जिसमें पुलिसकर्मी गोविंद चावड़ा ने विश्वामित्रि रेलवे स्टेशन के पास देवीपुर इलाक़े में एक डेढ़ वर्षीय बच्ची को टब में रखकर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। इस वीडियो को डॉक्टर शमशेर सिंह (IPS) ने ख़ुद शेयर किया है।

वीडियो की लोग जमकर तारीफ़ कर रहे हैं और पुलिसकर्मी ‘गोविंद’ को ‘वासुदेव’ का नाम दिया है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि गोविंद गले तक पानी में डूबे हुए हैं और बच्ची को बचाने की पूरी जद्दोज़हद कर रहे हैं।

इस बारे में गोविंद ने बताया, “मैं और मेरी टीम के अन्य सदस्यों को देवीपुरा पहुँचने के लिए बाढ़ वाली सड़कों से गुज़रना पड़ा, हमने एक पोल की रस्सी से बाँध दिया ताकि लोग इसे पकड़कर आगे बढ़ सकें क्योंकि पानी गर्दन तक गहरा था।” उन्होंने बताया कि इसी दौरान उन्हें एक बच्ची और उसकी माँ के घर में फँसे होने की सूचना मिली।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -