Wednesday, May 12, 2021
Home रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन शक्ति: भारत रहा अंतरराष्ट्रीय क़ानून के दायरे में, UN Space Treaty की प्रमुख...

मिशन शक्ति: भारत रहा अंतरराष्ट्रीय क़ानून के दायरे में, UN Space Treaty की प्रमुख बातें

अगर ये संधि नहीं होती तो हो सकता है कुछ देश विध्वंसक मिसाइलों या हथियारों को चन्द्रमा पर तैनात कर देते। यही वो संधि है, जो देशों को ऐसा करने से रोकती है। यहाँ तक कि आउटर स्पेस में भी हथियारों की तैनाती से रोकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज बुधवार (मार्च 26, 2019) को भारत के अंतरिक्ष महाशक्ति बनने की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि भारत ने आज एक अभूतपूर्व सिद्धि हासिल की है। भारत ने आज अपना नाम ‘स्पेस पावर’ के रूप में दर्ज करा लिया है। अब तक रूस, अमेरिका और चीन को ये दर्जा प्राप्त था, अब भारत ने भी यह उपलब्धि हासिल कर ली है। दरअसल, हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर LEO (Low Earth Orbit) में एक सक्रिय सैटेलाइट को मार गिराया है। ये लाइव सैटेसाइट जो कि एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, उसे एंटी सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) द्वारा मार गिराया गया है।

ऐसे में आपके मन में ऐसे प्रश्न ज़रूर उठ रहे होंगे कि क्या ऐसा करने से भारत ने किसी अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन किया है? इसका सपाट जवाब है, नहीं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय दायरे में रहते हुए सबकुछ किया है। भारत और चीन में यही अंतर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सारी जानकारी देश-दुनिया को दे दी है। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंतरिक्ष के नियम-क़ानून पर जो संधि है, उसे बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) नाम दिया गया है। ये चन्द्रमा सहित सभी खगोलीय पिंडों पर लागू होता है। इसे 1967 में ड्राफ्ट किया गया था। अंतरिक्ष में हथियारों के प्रयोग को लेकर भी इस संधि में नियम-क़ानून बनाए गए थे।

अगर ये संधि नहीं होती तो हो सकता है कुछ देश विध्वंसक मिसाइलों या हथियारों को चन्द्रमा पर तैनात कर देते। यही वो संधि है, जो देशों को ऐसा करने से रोकती है। यहाँ तक कि आउटर स्पेस में भी हथियारों की तैनाती से रोकती है। इस संधि में कहा गया है कि कोई भी देश चाँद या किसी खगोलीय पिंड पर अपना अधिकार नहीं जता सकता। इन पर किसी भी प्रकार के सैनिक केंद्र की स्थापना नहीं कर सकता। कुल मिलकर सार यह कि बाह्य अंतरिक्ष में कोई भी देश अपना प्रभुत्व नहीं जता सकता।

अंतरिक्ष में परमाणु-शस्त्र और सामूहिक विनाश के दूसरे साधनों से सुसज्जित उपग्रहों, अंतरिक्ष यानों आदि के छोड़ने पर प्रतिबंध है। यह संधि इस बात की भी व्यवस्था करती है कि गलती से किसी दूसरे देश के सीमा क्षेत्र में उतर जाने वाले अंतरिक्ष यात्री उस देश को सौंप दिए जाएँगे जिसके वे नागरिक होंगे। अक्सर आपने सुना होगा कि फलाँ कम्पनी चाँद पर ज़मीन बेच रही है या फलाँ उद्योगपति ने वहाँ ज़मीन ख़रीदी। यह सब आउटर स्पेस ट्रीटी की अस्पष्टता के कारण होता है।

दुनिया की कोई भी सरकार चाँद पर ज़मीन के टुकड़ों के व्यापार की वैधता की गारंटी नहीं देती है, लेकिन चाँद पर ज़मीन की ख़रीद-बेच कर रही कंपनियों का मानना है कि 1967 की संयुक्त राष्ट्र बाह्य अंतरिक्ष संधि के एक अस्पष्ट प्रावधान के कारण उनका धंधा पूरी तरह क़ानून के अनुरूप है। दरअसल इस संधि में बाह्य अंतरिक्ष पिंड पर किसी देश या सरकार के दावे को तो ख़ारिज़ किया गया है, लेकिन इसमें यह सुनिश्चित नहीं किया गया है कि ऐसे किसी पिंड पर व्यक्तिगत या कंपनी विशेष के दावे की क्या क़ानूनी स्थिति होगी। संयुक्त राष्ट्र के वकीलों ने भी साफ़ किया है कि चाँद पर कंपनियों के दावे में कोई दम नहीं है।

ताजा हालात में भारत ने अंतरराष्ट्रीय दायरे में रह कर कार्य किया है। भारत ने अपने ही सैटेलाइट को मार गिराया है। इसके लिए जिस तकनीक का प्रयोग किया गया, उसे भी भारत में ही विकसित किया गया है। सबसे बड़ी बात यह कि भारत की इस कार्यवाही से किसी भी दूसरे देश के एयरस्पेस का कुछ भी लेना-देना नहीं है। प्रधानमंत्री ने यह भी साफ़ कर दिया है कि भारत अंतरिक्ष में शांति का वाहक है और तकनीकों का उपयोग कृषि, मेडिकल और विज्ञान आदि से सम्बंधित अच्छे कार्यों में होना चाहिए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ऑक्सीजन पर लताड़े जाने के बाद केजरीवाल सरकार ने की Covid टीकों की उपलब्धता पर राजनीति: बीजेपी ने खोली पोल

पत्र को करीब से देखने से यह स्पष्ट होता है कि संबित पात्रा ने जो कहा वह वास्तव में सही है। पत्रों में उल्लेख है कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार 'खरीद करने की योजना' बना रही है। न कि ऑर्डर दिया है।

‘#FreePalestine’ कैम्पेन पर ट्रोल हुई स्वरा भास्कर, मोसाद के पैरोडी अकाउंट के साथ लोगों ने लिए मजे

स्वरा के ट्वीट का हवाला देते हुए @TheMossadIL ने ट्वीट किया कि अगर इस ट्वीट को स्वरा भास्कर के ट्वीट से अधिक लाइक मिलते हैं, तो वे भारतीय अभिनेत्री को एक स्पेशल ‘पॉकेट रॉकेट’ भेजेंगे।

स्वप्ना पाटकर के ट्वीट हटाने के लिए कोर्ट पहुँचे संजय राउत: प्रताड़ना का आरोप लगा PM को भी महिला ने लिखा था पत्र

संजय राउत ने उन सभी ट्वीट्स को हटाने का निर्देश देने की गुहार कोर्ट से लगाई है जिसमें स्वप्ना पाटकर ने उन पर आरोप लगाए हैं।

उद्धव ठाकरे की जाएगी कुर्सी, शरद पवार खुद बनना चाहते हैं CM? रिपोर्ट से महाराष्ट्र सरकार के गिरने के कयास

बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाकर अब शरद पवार पछता रहे हैं। उन्हें यह 'भारी भूल' लग रही है।

बंगाल के नतीजों पर नाची, हिंसा पर होठ सिले: अब ममता ने मीडिया को दी पॉजिटिव रिपोर्टिंग की ‘हिदायत’

विडंबना यह नहीं कि ममता ने मीडिया को चेताया है। विडंबना यह है कि उनके वक्तव्य को छिपाने की कोशिश भी यही मीडिया करेगी।

मोदी से घृणा के लिए वे क्या कम हैं जो आप भी उसी जाल में उलझ रहे: नैरेटिव निर्माण की वामपंथी चाल को समझिए

सच यही है कि कपटी कम्युनिस्टों ने हमेशा इस देश को बाँटने का काम किया है। तोड़ने का काम किया है। झूठ को, कोरे-सफेद झूठ को स्थापित किया है।

प्रचलित ख़बरें

मुस्लिम वैज्ञानिक ‘मेजर जनरल पृथ्वीराज’ और PM वाजपेयी ने रचा था इतिहास, सोनिया ने दी थी संयम की सलाह

...उसके बाद कई देशों ने प्रतिबन्ध लगाए। लेकिन वाजपेयी झुके नहीं और यही कारण है कि देश आज सुपर-पावर बनने की ओर अग्रसर है।

‘इस्लाम को रियायतों से आज खतरे में फ्रांस’: सैनिकों ने राष्ट्रपति को गृहयुद्ध के खतरे से किया आगाह

फ्रांसीसी सैनिकों के एक समूह ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को खुला पत्र लिखा है। इस्लाम की वजह से फ्रांस में पैदा हुए खतरों को लेकर चेताया है।

‘#FreePalestine’ कैम्पेन पर ट्रोल हुई स्वरा भास्कर, मोसाद के पैरोडी अकाउंट के साथ लोगों ने लिए मजे

स्वरा के ट्वीट का हवाला देते हुए @TheMossadIL ने ट्वीट किया कि अगर इस ट्वीट को स्वरा भास्कर के ट्वीट से अधिक लाइक मिलते हैं, तो वे भारतीय अभिनेत्री को एक स्पेशल ‘पॉकेट रॉकेट’ भेजेंगे।

टिकरी बॉर्डर पर किसानों के टेंट में गैंगरेप: पीड़िता से योगेंद्र यादव की पत्नी ने भी की थी बात, हरियाणा जबरन ले जाने की...

1 मई को पीड़िता के पिता भी योगेंद्र यादव से मिले थे। बताया कि ये सब सिर्फ कोविड के कारण नहीं हुआ है। फिर भी चुप क्यों रहे यादव?

उद्धव ठाकरे का कार्टून ट्विटर को नहीं भाया, ‘बेस्ट CM’ के लिए कार्टूनिस्ट को भेजा नोटिस

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे का कार्टून बनाने के लिए ट्विटर ने एक कार्टूनिस्ट को नोटिस भेजा है। जानिए, पूरा मामला।

‘हिंदू बम, RSS का गेमप्लान, बाबरी विध्वंस जैसा’: आज सेंट्रल विस्टा से सुलगे लिबरल जब पोखरण पर फटे थे

आज जिस तरह सेंट्रल विस्टा पर प्रोपेगेंडा किया जा रहा है, कुछ वैसा ही 1998 में परमाणु परीक्षणों पर भी हुआ था। आज निशाने पर मोदी हैं, तब वाजपेयी थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,391FansLike
92,443FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe