टेरर फंडिंग मामला: NIA कोर्ट ने दिया यासीन मलिक को झटका, 23 अक्टूबर तक बढ़ी न्यायिक हिरासत

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक, आसिया अंदराबी, शब्बीर शाह, मसरत आलम और अन्य के खिलाफ सप्लिमेंट्री चार्जशीट दायर की थी। जाँच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सोशल मीडिया, फोन कॉल, बातचीत और विभन्न दस्तावेज़ों के रूप में नए सबूत मिले हैं।

अलगाववादी यासीन मलिक को आज 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में दिल्ली की राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत में पेश किया गया है। जिसके बाद कोर्ट ने अलगाववादी यासीन मलिक की न्यायिक हिरासत को 23 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है।

बता दें कि अलगाववादी यासीन मलिक के ख़िलाफ़ 2017 में टेरर फंडिंग का आरोप है। इसी मामले में कोर्ट ने उसकी न्यायिक हिरासत को 23 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। अलगाववादी यासीन मलिक को दिल्ली के तिहाड़ जेल में रखा गया है। जानकारी के अनुसार, इससे पहले तिहाड़ जेल प्रशासन ने मलिक को अदालत में पेश करने में असमर्थता ज़ाहिर की थी।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक, आसिया अंदराबी, शब्बीर शाह, मसरत आलम और अन्य के खिलाफ सप्लिमेंट्री चार्जशीट दायर की थी।

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जाँच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सोशल मीडिया, फोन कॉल, बातचीत और विभन्न दस्तावेज़ों के रूप में नए सबूत मिले हैं। नए तथ्यों से पता चलता हैं कि जिन लोगों के नाम चार्जशीट में हैं उनका संबंध आतंकवादी हाफ़िज़ सईद और सैयद सलाउद्दीन से हैं।

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