Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षापुलवामा: जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों को पनाह देने वाले तारिक अहमद, इंशा जहाँ गिरफ्तार, NIA...

पुलवामा: जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों को पनाह देने वाले तारिक अहमद, इंशा जहाँ गिरफ्तार, NIA को मिली बड़ी सफलता

आदिल अहमद डार ही वो आतंकी था जो कार में सवार होकर सुरक्षाबल के काफिले में जा घुसा था। शाकिर ने खुलासा किया कि उसने आदिल अहमद डार और एक और अन्य सहयोगी मोहम्मद उमर फारूक को साल 2018 के आखिरी से फरवरी में किए हमले तक अपने घर में शरण दी थी।

पिछले साल 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमला मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक पुलवामा हमले में शामिल होने के आरोप में तारिक अहमद शाह और उनकी बेटी इंशा तारिक को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को दक्षिणी कश्मीर के लेथपोरा से गिरफ्तार किया गया। इन पर आरोप है कि इन्होंने जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों को पनाह दी थी।

बता दें कि पुलवामा हमले में 40 जवानों की जान चली गई थी। अब तक इस मामले में तीन गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। इससे पहले जाँच एजेंसी ने 28 फरवरी को इस मामले में पहली गिरफ्तारी की थी। NIA ने आतंकी और जैश-ए-मोहम्मद के ओवर ग्राउंड वर्कर शाकिर बशीर मागरे को कश्मीर से गिरफ्तार किया था। शाकिर ने आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार को शरण और हमले के लिए अन्य सहायता उपलब्ध कराई थी। शाकिर पुलवामा का ही रहने वाला है और उसकी फर्नीचर की दुकान है।

आदिल अहमद डार ही वो आतंकी था जो कार में सवार होकर सुरक्षाबल के काफिले में जा घुसा था। शाकिर ने खुलासा किया कि उसने आदिल अहमद डार और एक और अन्य सहयोगी मोहम्मद उमर फारूक को साल 2018 के आखिरी से फरवरी में किए हमले तक अपने घर में शरण दी थी। शाकिर ने कार में रखे विस्फोटक को तैयार किया। लेथपोरा स्थित दुकान से वह सीआरपीएफ काफिले की मूवमेंट पर नजर रखता था।

शाकिर ने यह भी बताया था कि विस्फोटकों से भरी मारुति ईको कार जिसका इस्तेमाल सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने के लिए किया गया था, उसे वह ही चलाकर घटनास्थल से लगभग 500 मीटर पहले तक लेकर गया था। हमले की जगह से 500 मीटर दूर वह गाड़ी से उतर गया और इसके बाद आदिल अहमद डार उस गाड़ी को चलाकर गया और हमले को अंजाम दिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -