स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 8वाँ अजूबा: मात्र 6 दिन में कमाए ₹3.8 करोड़, 1 साल में ₹82 करोड़

मात्र क्रिसमस वीक में ही 1.77 लाख पर्यटक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने आए और सिर्फ़ 6 दिन के अंदर ₹3.8 करोड़ की कमाई हुई। जबकि मात्र एक साल के भीतर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से ₹82 करोड़ राजस्व प्राप्ति हुई है। जबकि 1632 में बने ताजमहल की कमाई ₹86 करोड़ हुई।

गुजरात के वडोदरा से 100 किलोमीटर दूर नर्मदा जिले में ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊँची प्रतिमा को दुनिया के आठ अजूबों में शामिल कर लिया गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुद सोमवार (जनवरी 13, 2019) को इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को शंघाई कॉपरेशन ऑर्गनाइजेशन की 8 अजूबों की लिस्ट में शामिल किया गया है। जिसके लिए वह एससीओ के कदम की सराहना करते हैं। उनके मुताबिक इस कदम को एक प्रेरणा की तरह देखा जाएगा।

भारत के लिए यह एक उपलब्धि की बात है कि न्यूयॉर्क स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ से दोगुने लंबे सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा को मात्र एक साल में ही इतनी ख्याति मिल गई। लेकिन अफसोस! अपने ही देश में ध्रुव राठी की तरह कुछ लोग ऐसे हैं, जो मोदी सरकार पर सवाल उठाने के लिहाज से शायद आज भी इसकी आलोचना करने से नहीं थकें।

उल्लेखनीय है कि साल 2018 में मोदी सरकार द्वारा प्रतिमा अनावरण के बाद कुछ विरोधियों ने बारिश के मौसम में दावा किया था कि मात्र 2 साल में ये प्रतिमा खराब हो जाएगी।

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लेकिन, अब परिस्थितियाँ और आँकड़े देखकर लगता है कि मोदी सरकार की ये देन विरोधियों के मुँह पर एक तमाचा है। जिससे देश में न केवल पर्यटन क्षेत्र का विस्तार हुआ, बल्कि राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार मात्र क्रिसमस वीक में ही 1.77 लाख पर्यटक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने आए और सिर्फ़ 6 दिन के अंदर ₹3.8 करोड़ की कमाई हुई।

इसके अलावा प्रतिमा अनावरण के बाद से अब तक 38 लाख पर्यटक इस जगह आकर घूम चुके हैं। नवंबर महीने में तो यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या ने स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को भी पछाड़ दिया था। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी में जहाँ पर्यटकों की संख्या 10,000 गिनी गई थी, वहीं नवंबर महीने में ही लौह पुरुष की इस प्रतिमा को देखने 15,036 लोग पहुँचे थे।

इसके अलावा बता दें कि मात्र एक साल के भीतर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से ₹82 करोड़ राजस्व प्राप्ति हुई है। जबकि 1632 में बने ताजमहल की कमाई ₹86 करोड़ हुई। इसके अतिरिक्त 1 नवंबर 2019 से 12 सितंबर 2019 तक के आँकड़ों के अनुसार इस स्थल को देखने पहुँचे लोगों की तादाद ने ताजमहल को देखने पहुँचने वाले लोगों की संख्या को पछाड़ दिया था। जानकारी के अनुसार इस अंतराल में 26 लाख लोग इसे देखने पहुँचे थे और कमाई 57 करोड़ रुपए हुई थी। इसके अलावा टाइम्स मैग्जीन के द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा को दुनिया की 100 महानतम जगहों में शामिल किया गया था।

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