ध्रुव त्यागी मर्डर: सिर्फ आलम व जहाँगीर नहीं, 11 लोगों ने घेर कर मारा – छिपने को भागा था मस्जिद

जिस चाकू से हत्या की गई, उसे आरोपितों की माँ ने घर में से निकाल कर दिया था। वारदात में शमसेर का अब्बा, अम्मी, दोनों भाई, तीन-चार बहनें, एक दामाद और अन्य लोग शामिल थे।

मोती नगर में बेटी से छेड़खानी का विरोध करने वाले ध्रुव त्यागी की शम्सेर आलम और जहाँगीर ख़ान ने अपने कई साथियों व परिवार वालों के साथ मिलकर हत्या की थी। अब इस मामले में नया ख़ुलासा हुआ है। पहले ख़बर आई थी कि आरोपितों में इन दोनों के अलावा 2 अन्य नाबालिग शामिल हैं। अब ताज़ा सूचना के अनुसार, त्यागी को 11 लोगों ने घेर कर मारा था। इस हत्याकांड में आरोपितों के परिवार की महिलाएँ भी शामिल थीं। असल में जिस चाकू से हत्या की गई, उसे आरोपितों की माँ ने घर में से निकाल कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने जिन आरोपितों को गिरफ़्तार किया है, उसमें एक व्यक्ति और उसके तीन बेटे हैं। 2 आरोपित नाबालिग हैं। बाकी घर से भाग गए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

ज्ञात हो कि ध्रुव राज त्यागी अपने परिवार समेत बसई दारापुर में रहा करते थे। रविवार की रात वह बेटी और बेटे के साथ अस्पताल से लौट रहे थे। घर पहुँचने से कुछ दूर पहले ही पाँच-छह लोगों से उनका रास्ता रोक लिया। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। जहाँगीर और आलम समेत उसके कुछ अन्य गुर्गे साथियों ने रास्ता देने से मना कर दिया। ऐसे में मृतक त्यागी ने पहले अपनी बेटी को घर पहुँचाया और फिर लौट कर छेड़खानी कर रहे लड़कों के पिता से शिकायत करने पहुँचे। इसी बीच में उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। बाप को बचाने आए पीड़िता का भाई भी बुरी तरह जख्मी हुआ, उस पर भी चाकुओं से वार किया गया।

दैनिक जागरण के दिल्ली संस्करण में छपी ख़बर

शमशेर आलम मुख्य आरोपित है। उसने त्यागी के पेट, कंधे व सीने में चाकुओं से ताबड़तोड़ 10 वार किया था। त्यागी को बचाने के लिए जब उनका बेटा आया, तब उस पर भी चाकुओं से वार किया गया। मृतक का बेटा अनमोल अभी आईसीयू में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक के परिवार के अनुसार, शनिवार (मई 11, 2019) देर रात क़रीब 1 बजे बिजनेसमैन ध्रुव त्यागी की 26 साल की बेटी को माइग्रेन का दर्द हो गया था। वह बेटी को दिखाने आचार्य भिक्षु हॉस्पिटल गए थे। वहीं से लौटते वक़्त ये घटना हुई। त्यागी का परिवार वर्षों से यहीं रहता है।

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इस हत्याकांड में आरोपित के परिवार की 4 महिलाओं सहित कई लोग शामिल हैं। उन सभी ने त्यागी को पकड़ रखा था और आलम उन्हें चाकू मारे जा रहा था। वारदात में शमसेर का अब्बा, अम्मी, दोनों भाई, तीन-चार बहनें, एक दामाद और अन्य लोग शामिल हैं। अनमोल ने जब देखा कि उसके पिता को चाकू मारा जा रहा है तो वह अपने पिता के ऊपर लेट गया लेकिन आरोपित चाकू से लगातार वार करते रहे। दरिंदगी का आलम यह रहा कि त्यागी के हाथ-पैर पर पत्थरों से वार किया गया, उनका चेहरा कुचल दिया गया, उनके दाँत तोड़ दिए गए। उनके नाखून भी उखड़ गए थे।

इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित ने मस्जिद में शरण लेनी चाही। लेकिन मस्जिद में उन लोगों से थाने में सरेंडर करने को कहा गया। गाँव में पंचायत बुलाई गई है। चर्चा है कि किसी भी मुस्लिम को घर किराए पर न देने का निर्णय लिया जा सकता है। शमशेर आलम की अम्मी व बहन को हिरासत में ले लिया गया है। मृतक की बेटी से बात कर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

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